
हापुड़।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षण संस्थाओं से आवेदन अग्रसारित न होने, पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) से आवेदन अथवा भुगतान संबंधी प्रक्रिया में रिजेक्ट होने तथा अन्य तकनीकी या प्रक्रियात्मक कारणों से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ प्राप्त न कर पाने वाले विद्यार्थियों के लिए शासन स्तर से पोर्टल खोले जाने एवं निर्धारित समय-सारिणी जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस संबंध में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी हापुड़ कृष्ण मोहन सिंह की ओर से जनपद के सभी संबंधित शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य, प्राचार्य, निदेशक, प्रबंधक तथा छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें डिग्री कॉलेज, मैनेजमेंट संस्थान, इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई, पॉलीटेक्निक तथा मेडिकल संस्थान शामिल हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार छात्रवृत्ति से संबंधित सभी आवश्यक कार्यवाही समय से पूरी कराना सुनिश्चित करें।
जारी सूचना में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के कुछ विद्यार्थी विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा से वंचित रह गए थे। इनमें ऐसे विद्यार्थी भी शामिल हैं जिनके आवेदन संबंधित शिक्षण संस्थाओं द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अग्रसारित नहीं किए जा सके। इसके अतिरिक्त कुछ आवेदन पीएफएमएस के स्तर से रिजेक्ट हो गए थे, जबकि कुछ विद्यार्थियों के मामलों में अन्य कारणों के चलते भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
ऐसे विद्यार्थियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से शासन की ओर से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान के लिए पोर्टल खोले जाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही संबंधित प्रक्रिया को पूरा करने के लिए समय-सारिणी भी निर्गत की गई है। जिला स्तर पर शिक्षण संस्थानों को इस समय-सारिणी के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र विद्यार्थियों को लंबित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिल सके।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की ओर से जारी पत्र में निदेशालय, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पत्र संख्या 989/पि०व० क0/2026-27, दिनांक 31 अगस्त 2026 का संदर्भ दिया गया है। इसके साथ ही प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, समाज कल्याण अनुभाग-3 के पत्र संख्या 107/2026/2325/26-3-2026-1961934, दिनांक 29 अगस्त 2026 का भी उल्लेख किया गया है। शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के आधार पर ही वंचित विद्यार्थियों के लिए पोर्टल खोले जाने तथा निर्धारित समय-सारिणी जारी किए जाने की जानकारी संबंधित संस्थानों को दी गई है।
अधिकारियों ने शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया है कि छात्रवृत्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। संबंधित संस्थान अपने यहां अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को इस प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएं तथा जिन विद्यार्थियों के आवेदन पूर्व में विभिन्न कारणों से लंबित या अस्वीकृत रह गए हैं, उनके मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई करें। संस्थानों के छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर तथा पात्र विद्यार्थियों को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों को शासन की निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाता है। किसी तकनीकी, संस्थागत अथवा भुगतान संबंधी कारण से पात्र विद्यार्थी इस लाभ से वंचित न रह जाएं, इसके लिए समय-समय पर सुधारात्मक अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिन विद्यार्थियों के आवेदन शिक्षण संस्थाओं से आगे नहीं बढ़ सके या पीएफएमएस के स्तर से रिजेक्ट हो गए, उनके लिए पोर्टल दोबारा खोले जाने की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे ऐसे विद्यार्थियों को अपने लंबित मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा करने का अवसर मिलेगा। हालांकि इसके लिए संबंधित संस्थानों और छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों को शासन द्वारा जारी समय-सारिणी का सख्ती से पालन करना होगा।
जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से शिक्षण संस्थानों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करें। आवेदन से जुड़ी जानकारी, दस्तावेजों की जांच, आवश्यक संशोधन तथा आवेदन अग्रसारित करने जैसी कार्रवाई नियमानुसार की जानी है। समय-सारिणी का पालन नहीं होने पर पात्र विद्यार्थी एक बार फिर लाभ से वंचित हो सकते हैं, इसलिए संस्थानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन के इस निर्णय से हापुड़ जनपद के उन विद्यार्थियों को उम्मीद जगी है, जो किसी कारणवश वित्तीय वर्ष 2025-26 की छात्रवृत्ति अथवा शुल्क प्रतिपूर्ति प्राप्त नहीं कर सके। पोर्टल खोले जाने से लंबित मामलों के निस्तारण का रास्ता साफ होगा और पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कृष्ण मोहन सिंह ने संबंधित सभी प्रधानाचार्य, प्राचार्य, निदेशक, प्रबंधक एवं छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संदर्भित समय-सारिणी में दिए गए प्रत्येक बिंदु का समय से अनुपालन सुनिश्चित करें। विभाग की ओर से जारी निर्देशों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ नियमानुसार उपलब्ध हो और तकनीकी अथवा प्रक्रियात्मक कारणों से कोई पात्र विद्यार्थी अनावश्यक रूप से वंचित न रहे।
इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण रहेगी। संस्थानों को अपने स्तर पर विद्यार्थियों को सूचना देने के साथ-साथ शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करनी होगी। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए पात्र विद्यार्थियों को दोबारा लाभ प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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