
मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में क्रॉस-बॉर्डर आतंकी नेटवर्क से कथित संपर्क के मामले में पुलिस ने मो. सेयाज आलम को गिरफ्तार किया है। ढाका थाना क्षेत्र के बिसरहिया गांव निवासी सेयाज आलम की गिरफ्तारी शनिवार रात पुलिस की कार्रवाई के दौरान हुई। पुलिस के अनुसार, वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े अली गुज्जर और अजमल गुज्जर के संपर्क में था। उसके मोबाइल फोन से आतंकी गतिविधियों से संबंधित वीडियो, फोटो और अन्य आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री मिलने का भी पुलिस ने दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक, सेयाज आलम को लेकर जांच उस कथित नेटवर्क से जुड़ी है, जिसमें दिल्ली में 15 अगस्त के आसपास हमले की साजिश का आरोप सामने आया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सेयाज की भूमिका क्या थी, उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और कथित नेटवर्क का संचालन किस स्तर तक फैला हुआ था। पुलिस ने आरोपी को रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ढाका थाना पुलिस को शनिवार रात सूचना मिली थी कि बिसरहिया गांव का एक व्यक्ति पाकिस्तान स्थित आपराधिक और कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में है। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने बिसरहिया गांव के पास छापेमारी की।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान संदिग्ध युवक ने पुलिस टीम को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसकी पहचान मो. सेयाज आलम के रूप में हुई। उसके पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया।
इस कार्रवाई में सिकरहना के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिषेक कुमार, ढाका थानाध्यक्ष पुलिस निरीक्षक राजरूप राय और अपर थानाध्यक्ष मो. खलील सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अब बरामद मोबाइल के डिजिटल डेटा की विस्तृत जांच कर रही है।
अली गुज्जर और अजमल गुज्जर से संपर्क का दावा
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सेयाज आलम के सोशल मीडिया संपर्क पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े अली गुज्जर तक पहुंचते हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि सेयाज अली गुज्जर के साथ-साथ अजमल गुज्जर के संपर्क में भी था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल फोन में ऐसे वीडियो और फोटो मिले हैं जिन्हें पुलिस ने आतंकी गतिविधियों से संबंधित बताया है। पुलिस का दावा है कि मोबाइल में देशविरोधी रील्स और अन्य सामग्री भी मौजूद थी। इन डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि सामग्री किस स्रोत से आई, उसे किसने भेजा और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था।
डिजिटल उपकरणों की जांच ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, कॉल डिटेल, फोटो, वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से संपर्कों की कड़ियां सामने आ सकती हैं। पुलिस इसी आधार पर सेयाज के कथित संपर्कों और नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
दिल्ली में कथित हमले की साजिश की जांच
पुलिस अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, सेयाज पर आरोप है कि वह दिल्ली में 15 अगस्त के आसपास कथित हमले की योजना से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा था। पुलिस का दावा है कि इस कथित योजना में उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, सेयाज के नाम से 10 अगस्त को दिल्ली जाने का टिकट बुक किया गया था। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि उसे किसी निर्धारित स्थान पर पहुंचकर एक रिमोट कंट्रोल को सक्रिय करने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, इस कथित योजना की वास्तविक प्रकृति, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच अभी जारी है।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस का दावा है कि कथित नेटवर्क की योजना से जुड़े कुछ अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद योजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। इसके बाद सेयाज को कथित तौर पर मोबाइल से कुछ सामग्री हटाने और सिम बदलने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार युवक ने किसी डिजिटल साक्ष्य को नष्ट करने का प्रयास किया था या नहीं।

मोबाइल फोन बना जांच का अहम आधार
सेयाज आलम के पास से बरामद मोबाइल फोन फिलहाल जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि फोन में कई वीडियो, फोटो और सोशल मीडिया सामग्री मिली है। अब इनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित संपर्क कब से था और बातचीत किस माध्यम से होती थी। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि आरोपी के मोबाइल में मौजूद सामग्री उसने खुद तैयार की थी या किसी अन्य व्यक्ति से प्राप्त की थी। डिजिटल साक्ष्यों की जांच से कथित नेटवर्क में उसकी भूमिका के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य संदिग्धों और विदेशी संपर्कों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता।
जांच में खुफिया एजेंसियों की भूमिका
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुफिया एजेंसियों की ओर से भी जानकारी जुटाए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया तंत्र इस बात की पड़ताल कर रहा है कि सेयाज के कथित विदेशी संपर्क किस प्रकार के थे और क्या उनका संबंध किसी संगठित नेटवर्क से था।
पुलिस की कार्रवाई के बाद बरामद मोबाइल को सुरक्षित रखते हुए उससे संबंधित डिजिटल जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सोशल मीडिया अकाउंट और संपर्कों की जांच के जरिए पुलिस कथित नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेजा
गिरफ्तारी के बाद मो. सेयाज आलम को रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब आगे की जांच के लिए उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों को एकत्र कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी का कथित नेटवर्क से संबंध किस स्तर का था और क्या वह किसी संभावित आतंकी गतिविधि में प्रत्यक्ष रूप से शामिल था। इसके अलावा उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की पहचान और भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरोपों की जांच जारी
इस पूरे मामले में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों और दावों को फिलहाल जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। गिरफ्तारी और बरामदगी पुलिस की कार्रवाई का हिस्सा है, जबकि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साक्ष्यों के आधार पर परखा जाएगा।
फिलहाल पूर्वी चंपारण पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल कथित क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्क की वास्तविक पहुंच और उसमें सेयाज आलम की भूमिका को स्पष्ट करना है। मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया संपर्कों, दिल्ली जाने के टिकट और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की कड़ियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
बिसरहिया गांव से हुई इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर चर्चा तेज है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में डिजिटल फोरेंसिक जांच और पूछताछ से कथित नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम तथा उनकी भूमिका सामने आने की संभावना है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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