Raised a demand : भरत तिवारी हत्या मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई ?

Raised a demand : भरत तिवारी हत्या मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई
Raised a demand : भरत तिवारी हत्या मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई

नई दिल्ली।

बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में भारत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत का मामला लगातार गंभीर सवालों के घेरे में बना हुआ है। मृतक के परिजन और उनके समर्थन में सामने आए लोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के माध्यम से ही मुठभेड़ की वास्तविक परिस्थितियां और घटना से जुड़े सभी तथ्यों का सच सामने आ सकता है। इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर संजीव कुमार सिंह ने भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत किए जाने की जानकारी दी है। शिकायतकर्ता पक्ष की मांग है कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका अपराध में प्रमाणित होती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

मामले को लेकर ठाकुर संजीव कुमार सिंह ने राष्ट्रपति महोदया को शिकायत भेजे जाने की जानकारी दी है। उनके अनुसार बिहार के मुख्य सचिव को भी ईमेल के माध्यम से कार्रवाई के लिए शिकायत भेजी गई है। इसमें शाहपुर थाना, भोजपुर से संबंधित एफआईआर संख्या 178/2026 का उल्लेख करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल की मांग की गई है। शिकायत में कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ अधिवक्ता को भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किए जाने की बात कही गई है।

वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर संजीव कुमार सिंह का कहना है कि भारत भूषण तिवारी की मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। उनका कहना है कि मामले में जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनकी जांच किसी भी दबाव से मुक्त होकर होनी चाहिए। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा समेत अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही हो सकता है।

मुठभेड़ की परिस्थितियों पर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार जून 2026 में 28 वर्षीय भारत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु के बाद मामला विवादों में आया। मृतक के परिजनों की ओर से घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए गए। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि भारत तिवारी के हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने की स्थिति में होने के बावजूद उन्हें कई गोलियां मारी गईं। इसी प्रकार के आरोपों और घटना की परिस्थितियों को लेकर शाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

एफआईआर संख्या 178/2026 में तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मियों के नाम होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता पक्ष ने मांग की है कि एफआईआर में दर्ज आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जाए और घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों, पुलिस कार्रवाई तथा अन्य संबंधित पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जाए। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी व्यक्ति की भूमिका अपराध में प्रमाणित होती है तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।

मामले में लगाए गए आरोपों को लेकर फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता। शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी। ऐसे में निष्पक्ष जांच को इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Raised a demand : भरत तिवारी हत्या मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई
Raised a demand : भरत तिवारी हत्या मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई

उच्चस्तरीय जांच की मांग

ठाकुर संजीव कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले में केवल सामान्य स्तर की जांच पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच आवश्यक है। उनका कहना है कि जांच ऐसी एजेंसी या व्यवस्था के माध्यम से होनी चाहिए, जिससे मृतक के परिवार को यह भरोसा मिल सके कि मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्षता से पड़ताल की जा रही है।

शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से कहा गया है कि जांच में घटना से पहले की परिस्थितियों, मुठभेड़ के दौरान पुलिस की कार्रवाई और उसके बाद की प्रक्रिया सहित सभी बिंदुओं को शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही एफआईआर में जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है, उनसे संबंधित तथ्यों की भी जांच की मांग की गई है।

परिवार की ओर से इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से कराने की मांग किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। परिवार का कहना है कि सीबीआई जैसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच होने पर घटना की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है। उनका कहना है कि किसी भी प्रकार के दबाव के बिना जांच पूरी की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर शिकायत

शिकायतकर्ता पक्ष ने एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से संबंधित आरोप भी लगाए जाने की बात कही गई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है और इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आ सकता है।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में प्रमाणित होते हैं तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। शिकायतकर्ता पक्ष की मांग है कि मामले में किसी भी स्तर पर प्रभाव या दबाव की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए और सभी संबंधित लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

परिवार में न्याय की उम्मीद

भारत भूषण तिवारी की मौत के बाद उनके पैतृक गांव बिलौती में भी भावनात्मक माहौल बना हुआ है। परिजनों और समर्थकों का कहना है कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात घटना की सच्चाई सामने आना है। परिवार का कहना है कि यदि किसी स्तर पर गलत कार्रवाई हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

परिजनों की ओर से लगातार यह मांग उठाई जा रही है कि मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो। उनका कहना है कि जांच के दौरान किसी भी पक्ष के प्रभाव में आए बिना उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए। परिवार का यह भी कहना है कि भारत भूषण तिवारी की मौत से जुड़े प्रत्येक सवाल का जवाब जांच के माध्यम से सामने आना चाहिए।

कार्रवाई की सूचना देने की मांग

बिहार के मुख्य सचिव को भेजे गए ईमेल में मामले में कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता पक्ष चाहता है कि एफआईआर में दर्ज आरोपों पर जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है और जांच का निष्कर्ष क्या निकलता है, इसकी जानकारी पारदर्शी तरीके से सामने आए।

वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर संजीव कुमार सिंह का कहना है कि इस मामले में न्याय तभी सुनिश्चित हो सकेगा, जब जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, लेकिन यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

भारत भूषण तिवारी के परिजनों की ओर से उठाई जा रही मांग का केंद्र भी यही है कि घटना का सच सामने आए और जिम्मेदारी तय हो। परिवार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष मामले की उच्चस्तरीय जांच और आवश्यक होने पर सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।

फिलहाल भारत भूषण तिवारी की मौत से जुड़ा मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण में है। एफआईआर संख्या 178/2026 में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। ऐसे में पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और कानून के अनुसार कार्रवाई ही आगे की दिशा तय करेगी। परिजन और समर्थक उम्मीद लगाए हुए हैं कि जांच के माध्यम से घटना से जुड़े सभी सवालों का जवाब सामने आएगा और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

Check Also

Hope for humanity : नेपाल आपदा पीड़ितों के बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन का राहत अभियान बनी मानवता की उम्मीद

Hope for humanity : नेपाल आपदा पीड़ितों के बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन का राहत अभियान बनी मानवता की उम्मीद ?

नेपाल काठमांडू/कोसीपारी। प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे नेपाल में इन दिनों मानवता, सेवा और …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *