A demand was raised : पर्यावरण संरक्षण हेतु ग्रामीणों को पौधे उपलब्ध कराने और वृक्षारोपण प्रोत्साहन की मांग उठी

बांदा। जनपद में लगातार बढ़ती गर्मी, घटते हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय असंतुलन को लेकर समाजसेवी सुमित शुक्ला ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने तथा आम नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-जागरूकता, पौधों की उपलब्धता और वृक्षारोपण करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
गुरुवार को समाजसेवी सुमित शुक्ला सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के आवास पहुंचे और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने जनपद में बढ़ते तापमान, घटती हरियाली और पर्यावरणीय चुनौतियों का उल्लेख करते हुए ग्रामीण नागरिकों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराने तथा वृक्षारोपण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं के माध्यम से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए आम जनता की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान समय में बांदा जनपद भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। यहां का तापमान कई बार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। बढ़ती गर्मी ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गंभीरता से सोचने के लिए भी मजबूर किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार कम होते वृक्ष, सूखते जलस्रोत और हरित क्षेत्र में आ रही कमी भविष्य के लिए गंभीर खतरे का संकेत दे रहे हैं।
समाजसेवी सुमित शुक्ला ने कहा कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि गांव-गांव में पौधरोपण को बढ़ावा दिया जाए और इसके लिए प्रशासन तथा जनप्रतिनिधि मिलकर कार्य करें। विशेष रूप से युवाओं को इस अभियान से जोड़ने की जरूरत है क्योंकि युवा वर्ग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन द्वारा ग्रामीण नागरिकों के घरों तक पौधे पहुंचाने की व्यवस्था की जाए ताकि लोग आसानी से पौधरोपण कर सकें। कई बार लोग वृक्ष लगाने की इच्छा तो रखते हैं, लेकिन उन्हें गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध नहीं हो पाते। यदि प्रशासन इस दिशा में पहल करे तो अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकते हैं।
समाजसेवी सुमित शुक्ला ने यह भी कहा कि केवल पौधे लगाने से पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं होगा, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर लाखों पौधे लगाने की योजनाएं अक्सर चर्चा में रहती हैं, लेकिन उनकी निगरानी और संरक्षण की चुनौती बनी रहती है। इसके विपरीत यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, खेत या आसपास दो से पांच पौधे भी लगाकर उनकी नियमित देखभाल करे तो परिणाम कहीं अधिक प्रभावी हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति या संस्था द्वारा लगाए गए लाखों पौधों की देखरेख करना कठिन होता है, जिसके कारण बड़ी संख्या में पौधे नष्ट हो जाते हैं। वहीं यदि स्थानीय नागरिक स्वयं पौधे लगाकर उनकी जिम्मेदारी लें तो उनके जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस मॉडल को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि वृक्षारोपण अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले लोगों, युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को सम्मानित किया जाए। सम्मान और प्रोत्साहन मिलने से समाज के अन्य लोग भी प्रेरित होंगे और वृक्षारोपण अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता तथा लोगों की सक्रिय सहभागिता ही पौधरोपण जैसे पुनीत कार्य में निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में मदद कर सकती है।

सुमित शुक्ला ने कहा कि इस वर्ष की भीषण गर्मी ने सभी लोगों को प्रकृति के महत्व का एहसास कराया है। पेड़, नदियां, तालाब, पहाड़ और जंगल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के आधार हैं। यदि इनका अस्तित्व खतरे में पड़ता है तो मानव जीवन भी संकट में आ सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आए और वृक्षारोपण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को रोकना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके साथ ही नए पौधे लगाने और उन्हें विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने समाजसेवी सुमित शुक्ला द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन को गंभीरता से सुना और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की। विधायक ने कहा कि वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है तथा इस दिशा में हर संभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
विधायक ने यह भी भरोसा दिलाया कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जन-जागरूकता कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाएगा और समाज के अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने समाजसेवी सुमित शुक्ला की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर समाजसेवी सुमित शुक्ला के साथ शिवम द्विवेदी, अमित शुक्ला सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में समाजसेवी सुमित शुक्ला की यह पहल न केवल जनपद बांदा बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। यदि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मिलकर इस दिशा में कार्य करें तो आने वाले वर्षों में हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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