Approval for machines : गुजरात: अस्पतालों में मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 18 नई मशीनों को मंजूरी ?

Approval for machines : गुजरात: अस्पतालों में मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 18 नई मशीनों को मंजूरी ?
Approval for machines : गुजरात: अस्पतालों में मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 18 नई मशीनों को मंजूरी ?

गांधीनगर ।

मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने 18 अत्याधुनिक ‘फैकोइमल्सीफिकेशन’ मशीनों की मंजूरी दी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री की ओर से मंजूरी मिलने के बाद सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को लगभग 8.85 करोड़ रुपये से अधिक की मशीनें मिलेंगी। ये मशीनें अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, वडोदरा, जामनगर, मोरबी, गांधीनगर, वडनगर और हिम्मतनगर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बांटी जाएंगी। राज्य सरकार ने कहा कि इन उपकरणों की मदद से मरीजों को आंखों का आधुनिक इलाज मुफ्त में मिल सकेगा। अहमदाबाद के ‘एमएंडजे इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी’ को सात मशीनें मिलेंगी जबकि भावनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और मोरबी के जीएमआआरएस अस्पताल को दो-दो मशीनें दी जाएंगी। सूरत के न्यू सिविल अस्पताल और ओल्ड सिविल अस्पताल, जामनगर के जीजी जनरल अस्पताल, वडोदरा के ईएसआईसी जनरल अस्पताल और गांधीनगर, वडनगर तथा हिम्मतनगर के जीएमईआरएस संस्थानों में से प्रत्येक को एक-एक मशीन दी गई हैं।
इन मशीनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मोतियाबिंद की सर्जरी के दौरान सर्जन अल्ट्रासाउंड एनर्जी, वैक्यूम और फ्लूइड फ्लो (तरल के बहाव) को नियंत्रित कर सकें, जिससे सर्जरी अधिक सटीक हो सके। इनकी तकनीक मोतियाबिंद के टुकड़ों को तोड़ने और उन्हें बाहर निकालने में मदद करती है। इससे सर्जरी के दौरान सर्जन का नियंत्रण बेहतर होता है और मरीज जल्दी ठीक हो पाता है।

Approval for machines : गुजरात: अस्पतालों में मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 18 नई मशीनों को मंजूरी ?
Approval for machines : गुजरात: अस्पतालों में मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 18 नई मशीनों को मंजूरी ?

इन उपकरणों के हैंडपीस में ‘एलिप्टिकल मूवमेंट’ (अंडाकार गति) तकनीक और फ्लूइड फ्लो तथा वैक्यूम को नियंत्रित करने के लिए ‘पेरिस्टाल्टिक पंप’ सिस्टम लगा है। इससे मोतियाबिंद के कणों को एक सक्शन टिप के जरिए बाहर निकाला जा सकता है। इसमें एक फुट-पेडल कंट्रोल सिस्टम भी है, जिसकी मदद से सर्जन हर ऑपरेशन की जरूरत के हिसाब से अल्ट्रासाउंड एनर्जी, वैक्यूम और फ्लूइड फ्लो को एडजस्ट कर सकते हैं।
इन मशीनों में सीएएसई (चैंबर स्टेबिलाइजेशन एनवायरनमेंट) तकनीक भी शामिल है। यह तकनीक सर्जरी के दौरान आंख के अंदर वैक्यूम और फ्लूइड फ्लो में होने वाले बदलावों को नियंत्रित करती है, जिससे आंख के भीतर दबाव स्थिर रहता है। इससे अचानक दबाव कम होने का खतरा (जिसे ‘पोस्ट-ऑक्लूजन सर्ज’ कहा जाता है) भी कम हो जाता है।
इसके हैंडपीस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सर्जरी के दौरान जहां छोटा चीरा लगाया जाता है, वहां बहुत अधिक गर्मी पैदा न हो। इससे कॉर्निया में सूजन (कॉर्नियल एडिमा) और सर्जरी के बाद होने वाली अन्य जटिलताओं को कम करने में मदद मिलती है, जिससे मरीज जल्दी ठीक हो सकता है।
राज्य सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आंखों की देखभाल की सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। इसके तहत, पानशेरिया की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इन मशीनों को मंजूरी दी गई।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

Check Also

Protests in the districts : परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद, कई जिलों में प्रदर्शन ?

Protests in the districts : परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद, कई जिलों में प्रदर्शन ?

चंडीगढ़ । पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *