
हापुड़, 15 अक्टूबर 2026।
जनपद में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं को मिशन शक्ति की थीम पर जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बालक-बालिकाओं को साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों तथा अभ्युदय योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया गया।
यह कार्यक्रम जिलाधिकारी महोदया, मुख्य विकास अधिकारी महोदया एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी महोदया के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराने के साथ ही उन्हें शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसरों के प्रति जागरूक करना था।
साइबर अपराध के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नेहा त्यागी ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के विभिन्न रूपों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल माध्यमों ने जहां शिक्षा, संवाद और जानकारी प्राप्त करने के अनेक अवसर उपलब्ध कराए हैं, वहीं इनके दुरुपयोग से साइबर अपराध की घटनाएं भी सामने आती हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर बिना जांच किए क्लिक करना चाहिए। सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारियां साझा करने से बचना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए संदेश, फोन कॉल या ऑनलाइन प्रस्ताव पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।
नेहा त्यागी ने बताया कि साइबर अपराधी कई बार लोगों को इनाम, नौकरी, बैंक खाते से जुड़ी समस्या या अन्य आकर्षक प्रस्तावों का लालच देकर उनकी निजी जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए। यदि किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो उसे डरने या चुप रहने के बजाय तुरंत अपने अभिभावकों और संबंधित अधिकारियों को जानकारी देनी चाहिए।
साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 नंबर की जानकारी
कार्यक्रम में साइबर अपराध से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने की स्थिति में जल्द से जल्द 1930 पर संपर्क करना महत्वपूर्ण है। समय रहते शिकायत करने से संबंधित कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
छात्र-छात्राओं को यह भी समझाया गया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराने के बजाय जरूरी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। धोखाधड़ी से जुड़े संदेश, फोन नंबर, लेन-देन का विवरण और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य संभालकर रखने चाहिए, ताकि शिकायत के दौरान उनका उपयोग किया जा सके।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि साइबर सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, विद्यालय और समाज के सभी लोगों को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। विद्यार्थी स्वयं सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में बालक-बालिकाओं को महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नेहा त्यागी ने बताया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, असुरक्षा या उत्पीड़न की स्थिति में संबंधित सहायता सेवाओं की जानकारी होना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि महिलाओं और बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी अनुचित व्यवहार को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि किसी के साथ गलत व्यवहार होता है या उसे किसी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो वह विश्वसनीय परिजनों, शिक्षकों और संबंधित सहायता सेवाओं से मदद ले सकती है।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को यह विश्वास दिलाना भी था कि सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है। बालक-बालिकाओं को एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करने तथा विद्यालय और समाज में सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर
कार्यक्रम के दौरान दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं बालिकाओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यह योजना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए मार्गदर्शन और कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जाती है।
नेहा त्यागी ने बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अपने लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। आर्थिक या अन्य परिस्थितियों के कारण किसी भी बालिका को अपने सपनों से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्हें उपलब्ध शैक्षिक अवसरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ लेने का प्रयास करना चाहिए।
बालिकाओं को आईएएस, पीसीएस, बीएड, नीट और एनडीए जैसी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई तथा अपनी रुचि, योग्यता और लक्ष्य के अनुसार तैयारी करने की सलाह दी गई। उन्हें समझाया गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि बालिकाओं को शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ करियर संबंधी जानकारी भी प्राप्त करनी चाहिए। इससे वे अपने लिए बेहतर अवसरों का चयन कर सकेंगी और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
आत्मनिर्भरता और जागरूकता पर दिया जोर
मिशन शक्ति 6.0 का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन के प्रति जागरूक करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि जागरूकता और शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। जब बालक-बालिकाओं को अपने अधिकारों, सुरक्षा उपायों और उपलब्ध अवसरों की जानकारी होती है, तो वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य के लिए निर्णय ले सकते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें, साइबर अपराध से सतर्क रहें और किसी भी परेशानी की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने में संकोच न करें। इसके साथ ही बालिकाओं को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति प्रोत्साहित किया गया, ताकि वे अपने करियर के लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए प्रयास कर सकें।
अधिकारियों और टीम की रही उपस्थिति
होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नेहा त्यागी ने विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं बालिकाओं को विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रोजेक्ट हेड अभिषेक मिश्रा तथा जेंडर स्पेशलिस्ट मुस्तकीम अहमद भी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत जागरूकता गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं और अभ्युदय योजना के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
इस प्रकार मिशन शक्ति 6.0 के तहत आयोजित कार्यक्रम ने छात्र-छात्राओं और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने, सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा शिक्षा और करियर के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज में सुरक्षा, समानता और सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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