
पिलखुवा।
श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्याधाम के अंतर्राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में मित्रता दिवस के अवसर पर एक विराट अखिल भारतीय काव्य संध्या का आयोजन किया गया। साहित्य और मित्रता को समर्पित इस विशेष आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से जुड़े कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मित्रता के विविध रूपों को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मित्रता, प्रेम, विश्वास, समर्पण और मानवीय रिश्तों की भावनाओं को कविता के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बीना गोयल ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की महासचिव शशिकला पाण्डेय द्वारा मां सरस्वती की वंदना के साथ किया गया। सरस्वती वंदना के बाद काव्य पाठ का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें विभिन्न रचनाकारों ने अपनी-अपनी कविताओं से साहित्यिक वातावरण को भावनाओं और संवेदनाओं से भर दिया।
कार्यक्रम में श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्याधाम के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ कवि अशोक गोयल ‘चक्रवर्ती’ का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ। उनके मार्गदर्शन और उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। उन्होंने अपने संबोधन में जीवन में मित्रता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्चा मित्र जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति का साथ देता है और सुख-दुख में उसके साथ खड़ा रहता है।
अशोक गोयल ‘चक्रवर्ती’ ने मित्रता की भावना को केंद्र में रखते हुए अपनी रचना प्रस्तुत की। उनकी रचना ने कार्यक्रम में मौजूद सभी रचनाकारों और साहित्य प्रेमियों को भावुक कर दिया। मित्रता के विभिन्न आयामों को शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि जीवन में सच्चे मित्र का होना किसी अनमोल उपहार से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि मित्रता केवल साथ बैठने या बातचीत करने का नाम नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सहयोग, संवेदना और समर्पण का रिश्ता है। एक सच्चा मित्र व्यक्ति की सफलता में प्रसन्न होता है और कठिन समय में उसका हौसला बढ़ाता है। इसी भावना को उनकी प्रस्तुति में विशेष रूप से महसूस किया गया।
कार्यक्रम का सुंदर संचालन आँचल जैन, कटनी मध्यप्रदेश द्वारा किया गया। उन्होंने अपनी प्रभावी संचालन शैली से कार्यक्रम को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया और विभिन्न रचनाकारों को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया। उनके संचालन ने पूरे कार्यक्रम को साहित्यिक गरिमा प्रदान की।
काव्य संध्या में मित्रता के पौराणिक और ऐतिहासिक उदाहरणों को भी कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कहीं श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उल्लेख हुआ तो कहीं भगवान राम और सुग्रीव के संबंधों को मित्रता के आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया गया। इन प्रसंगों के माध्यम से रचनाकारों ने बताया कि सच्ची मित्रता समय, परिस्थितियों और दूरी की सीमाओं से परे होती है।
सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता का प्रसंग कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से उस मित्रता की भावनात्मक गहराई को सामने रखा, जिसमें पद, प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति जैसी कोई बाधा नहीं थी। इसी प्रकार राम और सुग्रीव की मित्रता के माध्यम से विश्वास और सहयोग की भावना को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित कवियों और कवयित्रियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं। किसी रचना में मित्र के साथ बिताए पलों की स्मृतियां दिखाई दीं तो किसी कविता में सच्चे मित्र की पहचान और महत्व को शब्द दिए गए। कुछ रचनाओं में बदलते समय के साथ मित्रता के बदलते स्वरूप को भी अभिव्यक्त किया गया।
काव्य संध्या के दौरान साहित्य प्रेमियों और रचनाकारों ने प्रस्तुतियों का आनंद लिया। रचनाओं के माध्यम से मित्रता के भावों को सुनकर पूरा साहित्यिक पटल मित्रता की अनुभूतियों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने विभिन्न रचनाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।

आयोजकों के अनुसार मित्रता दिवस पर इस तरह का साहित्यिक आयोजन करने का उद्देश्य समाज में मित्रता, भाईचारे, सहयोग और आपसी विश्वास की भावना को मजबूत करना था। कविता मनुष्य की भावनाओं को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने का माध्यम है और मित्रता जैसे संवेदनशील विषय पर कवियों की रचनाओं ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
काव्य संध्या में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से रचनाकार जुड़े। आमंत्रित रचनाकारों में आँचल जैन, कटनी, संध्या श्रीवास्तव, छतरपुर, आशा शर्मा, इंदौर, नीरजा सिंह, अमरावती, ज्योत्सना चोपड़ा, अहमदाबाद, ज्योति बरनवाल, नवादा, रीता गुगलानी, फरीदाबाद, सुषमा भंडारी, दिल्ली, डॉ. किरण कुमारी, भागलपुर, सरिता श्रीवास्तव, जोधपुर, ममता गुप्ता, बाराबंकी, श्वेता कुमारी चौबे, डॉ. बबीता अग्रवाल, मोनिका डागा, डॉ. शशि जायसवाल, श्रीमती शशिकला पाण्डेय, चन्द्रकला शर्मा और सीमा अग्रवाल सहित अनेक रचनाकार उपस्थित रहे।
देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े रचनाकारों की सहभागिता ने आयोजन को अखिल भारतीय स्वरूप प्रदान किया। अलग-अलग क्षेत्रों की साहित्यिक संवेदनाओं और विचारों का संगम कार्यक्रम में देखने को मिला। रचनाकारों ने अपनी विशिष्ट शैली में मित्रता के विषय को प्रस्तुत किया और श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़े रखा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं वरिष्ठ कवयित्री बीना गोयल ने साहित्य के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज की भावनाओं को दिशा देने का कार्य करता है। कविता के माध्यम से मानवीय रिश्तों की संवेदनाओं को जिस प्रकार व्यक्त किया जाता है, वह सीधे पाठकों और श्रोताओं के हृदय तक पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि मित्रता जीवन का ऐसा रिश्ता है, जो व्यक्ति को भावनात्मक मजबूती देता है। सच्चा मित्र केवल खुशियों में साथ नहीं होता, बल्कि कठिन समय में भी साथ निभाता है। उन्होंने सभी रचनाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि कार्यक्रम में प्रस्तुत रचनाओं ने मित्रता के विभिन्न पक्षों को प्रभावी ढंग से सामने रखा।
कार्यक्रम में उपस्थित रचनाकारों ने भी एक-दूसरे की प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन किया। साहित्यिक संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के माध्यम से आयोजन ने रचनाकारों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर दिया। मित्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य और मित्रता का सुंदर संगम देखने को मिला।
काव्य संध्या के दौरान कई रचनाओं में जीवन के अनुभवों को मित्रता से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। कवियों ने बताया कि जीवन की यात्रा में अनेक लोग मिलते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते समय के साथ और मजबूत होते जाते हैं। ऐसी मित्रता व्यक्ति के जीवन में विश्वास और सकारात्मकता का आधार बनती है।
आयोजकों ने कहा कि साहित्यिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। आज के बदलते सामाजिक परिवेश में रिश्तों में संवाद और विश्वास का महत्व और अधिक बढ़ गया है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से मानवीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मित्रता से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और भावनाओं की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से मित्रता की सुंदरता, त्याग, विश्वास और समर्पण को शब्द दिए। कई प्रस्तुतियों के दौरान श्रोताओं ने उत्साहपूर्वक रचनाकारों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के अंत में संस्था की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कवयित्री बीना गोयल ने सभी आगंतुक रचनाकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी साहित्यकारों, आयोजकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि सभी रचनाकारों की उपस्थिति और उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से कार्यक्रम यादगार बन गया। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से रचनाकारों को एक मंच प्रदान करने की बात कही।
मित्रता दिवस के अवसर पर आयोजित यह विराट काव्य संध्या साहित्य, संस्कृति और मानवीय भावनाओं का सुंदर संगम साबित हुई। देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से मित्रता की महत्ता को सामने रखा। सुदामा-कृष्ण और राम-सुग्रीव जैसे आदर्श उदाहरणों से लेकर आधुनिक जीवन की मित्रता तक, कार्यक्रम में रिश्ते के अनेक रूप दिखाई दिए।
कुल मिलाकर श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्याधाम के अंतर्राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित काव्य संध्या ने मित्रता दिवस को साहित्यिक और भावनात्मक रंग प्रदान किया। रचनाकारों की प्रस्तुतियों, वरिष्ठ साहित्यकारों के मार्गदर्शन और मित्रता पर केंद्रित कविताओं ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
