
हापुड़। आगामी दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना और पुलिस अधीक्षक ने हापुड़ तथा पिलखुवा स्थित रामलीला मैदानों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मेला परिसर में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण किया। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दशहरा पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने दोनों रामलीला मैदानों में रावण दहन तथा मेले के आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं। अग्निशमन, विद्युत, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
हापुड़ के मुख्य रामलीला मैदान में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना और पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले हापुड़ के मुख्य रामलीला मैदान का निरीक्षण किया। यहां दशहरा पर्व के अवसर पर आयोजित होने वाले मेले और रावण दहन कार्यक्रम को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने मैदान में बैरिकेडिंग, पार्किंग और प्रकाश व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं व्यवस्थित रखी जाएं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाएं, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान रावण दहन स्थल और पुतलों की तैयारियों का भी जायजा लिया गया। जानकारी के अनुसार, हापुड़ रामलीला मैदान में रावण के पुतले की ऊंचाई लगभग 75 फीट बताई गई है। इतनी ऊंचाई वाले पुतले के दहन के दौरान सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। इसको देखते हुए अधिकारियों ने रावण दहन स्थल के आसपास उचित दूरी बनाए रखने और लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने अग्निशमन विभाग को निर्देश दिए कि रावण दहन के समय दमकल वाहन और अग्निशमन कर्मी सतर्क स्थिति में मौजूद रहें। वहीं, विद्युत विभाग को भी आवश्यक सावधानियां बरतने और बिजली से संबंधित व्यवस्थाओं की जांच करने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।
पिलखुवा रामलीला मैदान में सुविधाओं का निरीक्षण
हापुड़ के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पिलखुवा स्थित रामलीला मैदान का निरीक्षण किया। यहां मेला परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए स्वच्छता व्यवस्था का विशेष महत्व है। अधिकारियों ने मेला परिसर को साफ रखने और लोगों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान रामलीला समिति के पदाधिकारियों से भी बातचीत की गई। उनसे आयोजन की तैयारियों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई। प्रशासन ने समिति के पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करें।
पुलिस अधीक्षक ने भीड़ नियंत्रण और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों से कहा कि मेले और रावण दहन स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिसकर्मी सतर्क रहें।
रावण दहन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हापुड़ और पिलखुवा दोनों रामलीला मैदानों में रावण दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं और समय रहते तैयारियां पूरी करें।
उन्होंने अग्निशमन विभाग को दमकल वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस और चिकित्सा दल तैयार रखने तथा विद्युत विभाग को बिजली संबंधी व्यवस्थाओं की जांच करने के निर्देश दिए। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके, इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
रावण दहन जैसे कार्यक्रमों में आग और भीड़ से संबंधित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर आवश्यक सुरक्षा दूरी, सुरक्षित प्रवेश और निकास मार्ग तथा आपातकालीन सहायता की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। प्रशासन ने इन सभी पहलुओं पर ध्यान देने और आयोजन समिति के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि दर्शकों को निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए और रावण दहन के समय किसी को भी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की अनुमति न दी जाए।

महिला सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
दशहरा पर्व पर रामलीला और रावण दहन देखने के लिए परिवारों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोग मैदानों में पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना और प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक ने दोनों मैदानों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया। पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी रखें और किसी भी शिकायत या असुविधा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें।
पार्किंग और आवागमन की व्यवस्था भी सुरक्षा का अहम हिस्सा है। वाहनों की व्यवस्थित पार्किंग और लोगों के आने-जाने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहने से भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलती है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पार्किंग और बैरिकेडिंग की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाया जाए।
आम जनता से शांतिपूर्ण ढंग से पर्व मनाने की अपील
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने आम जनता से अपील की कि वे दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं तथा प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें और रावण दहन के दौरान निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही खड़े रहें।
उन्होंने कहा कि त्योहार समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हैं। इसलिए सभी नागरिकों को मिल-जुलकर पर्व मनाना चाहिए और किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक गतिविधि से बचना चाहिए।
प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोग बिना किसी परेशानी के दशहरा पर्व का आनंद ले सकें। इसके लिए पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने तैयारियों को समय से पूरा करने पर दिया जोर
19 अक्टूबर 2026 को हापुड़ और पिलखुवा के रामलीला मैदानों का किया गया निरीक्षण दशहरा पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने दोनों स्थानों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रावण दहन के दौरान सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, महिला सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे आयोजन से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।
जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि हापुड़ और पिलखुवा में दशहरा पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो तथा मेले में आने वाले सभी लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें। इसके लिए प्रशासन ने आम जनता से सहयोग करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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