
हापुड़।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के नाम पर पेड़ों की कटाई में कथित अनियमितता सामने आने के बाद वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए हापुड़ के डीएफओ गौतम सिंह ने तत्काल प्रभाव से लापरवाही बरतने के आरोप में वनरक्षक राहुल सिंह को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित सेक्शन अधिकारी और क्षेत्रीय वन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामला दिल्ली-हापुड़ रोड (NH-24, किमी 0.52) पर बीकानेर की दुकान के पास का बताया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए सड़क किनारे स्थित जड़ से गल चुके सूखे पेड़ों को हटाने की आवश्यकता बताई गई थी। विभागीय स्तर से सुरक्षा की दृष्टि से दो सूखे शीशम के पेड़ों को काटकर विभागीय स्टॉक में दर्ज करने की संस्तुति की गई थी।
जानकारी के अनुसार, स्वीकृत कार्रवाई का उद्देश्य केवल ऐसे सूखे पेड़ों को हटाना था, जिनसे कांवड़ियों और अन्य राहगीरों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था। हालांकि, पेड़ों की कटाई के दौरान कथित तौर पर अनुमति के दायरे से बाहर जाकर एक हरा नीम और एक अतिरिक्त हरा शीशम का पेड़ भी काट दिया गया।
हरे पेड़ों की कटाई की जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। डीएफओ गौतम सिंह ने प्रकरण में जिम्मेदारी तय करने के लिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। विभागीय स्तर पर की गई कार्रवाई के तहत वनरक्षक राहुल सिंह को निलंबित कर दिया गया।
इसके अलावा संबंधित सेक्शन अधिकारी और क्षेत्रीय वन अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों से पूरे मामले में उनकी भूमिका और निगरानी व्यवस्था के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि स्वीकृत दो सूखे पेड़ों की कटाई के दौरान अतिरिक्त हरे पेड़ों को किस परिस्थिति में काटा गया।
वन विभाग के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध पेड़ कटान को स्वीकार नहीं किया जा सकता। विभागीय अनुमति केवल निर्धारित पेड़ों को हटाने तक सीमित थी। ऐसे में अतिरिक्त हरे पेड़ों की कटाई को लेकर जांच शुरू की गई है।
मामले में वन विभाग की ओर से वन अपराध भी पंजीकृत किया गया है। इसके बाद प्रकरण की कानूनी जांच भी आगे बढ़ाई जा रही है। वन अपराध दर्ज होने के बाद संबंधित तथ्यों, कटे हुए पेड़ों और अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
डीएफओ गौतम सिंह ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी बाहरी व्यक्ति या विभागीय कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा भी विभाग की जिम्मेदारी है। कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान सड़क किनारे कमजोर और सूखे पेड़ों को हटाना सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक हो सकता है, लेकिन इस प्रक्रिया में केवल अधिकृत और निर्धारित पेड़ों पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस मामले में विभागीय स्तर पर यह जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि दो सूखे शीशम के पेड़ों को हटाने की अनुमति के बावजूद हरे पेड़ों की कटाई कैसे हुई। जांच में अनुमति पत्र, स्थल निरीक्षण, कटे पेड़ों की स्थिति और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका सहित विभिन्न पहलुओं को देखा जाएगा।

डीएफओ द्वारा वनरक्षक को निलंबित किए जाने और अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद विभाग में भी इसे गंभीर कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह संदेश दिया गया है कि विभागीय जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-हापुड़ रोड पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क किनारे स्थित सूखे और जड़ से कमजोर पेड़ राहगीरों के लिए खतरा बन सकते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित दो सूखे शीशम के पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया प्रस्तावित की गई थी।
हालांकि, विभागीय कार्रवाई की आड़ में हरे पेड़ों की कटाई का आरोप सामने आने के बाद मामला पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ गया है। हरे पेड़ पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और उनके संरक्षण को लेकर वन विभाग की जिम्मेदारी रहती है। इसलिए अतिरिक्त पेड़ों की कटाई की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डीएफओ गौतम सिंह ने संकेत दिया है कि जांच में किसी भी स्तर पर दोष सामने आने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण न देने की बात कही है।
वन विभाग द्वारा दर्ज वन अपराध के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी जारी रहेगी। जांच के दौरान यह निर्धारित किया जाएगा कि अतिरिक्त पेड़ों की कटाई किसके निर्देश पर हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
विभागीय स्तर पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
डीएफओ ने यह भी स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विभाग पूरी तरह गंभीर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके साथ पर्यावरणीय नियमों और विभागीय प्रक्रियाओं का पालन भी अनिवार्य होगा।
इस पूरे मामले में अब जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। जांच के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि हरे पेड़ों की कटाई किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। विभाग द्वारा मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर भी घटना को लेकर चर्चा है। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का मानना है कि सड़क सुरक्षा और पेड़ों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यदि कोई पेड़ वास्तव में राहगीरों के लिए खतरा बन रहा है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन स्वस्थ हरे पेड़ों को बिना उचित अनुमति काटना गंभीर विषय है।
वन विभाग की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि पेड़ों की कटाई से संबंधित मामलों में अनुमति और नियमों का पालन जरूरी है। किसी विशेष परिस्थिति या आयोजन की आड़ में अतिरिक्त पेड़ों की कटाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फिलहाल वनरक्षक राहुल सिंह के निलंबन के साथ ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया जा चुका है और वन अपराध दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। विभागीय और कानूनी जांच के बाद मामले में जिम्मेदारी और स्पष्ट हो सकेगी।
डीएफओ गौतम सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले या अवैध कटान में शामिल किसी भी बाहरी व्यक्ति अथवा विभागीय कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। दोष साबित होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कुल मिलाकर, हापुड़ में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए निर्धारित सूखे पेड़ों की कटाई के बीच अतिरिक्त हरे पेड़ों के कथित अवैध कटान का मामला सामने आया है। डीएफओ गौतम सिंह ने मामले में वनरक्षक राहुल सिंह को निलंबित करते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही वन अपराध दर्ज कर पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कराई गई है। विभाग का कहना है कि जांच के आधार पर जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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