
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के अंतर्गत अगस्त 2026 के लिए निःशुल्क खाद्यान्न वितरण की तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयुक्त, खाद्य तथा रसद विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि 5 अगस्त से 18 अगस्त 2026 तक निर्धारित अवधि के भीतर सभी पात्र लाभार्थियों को योजना के तहत आवंटित खाद्यान्न का निःशुल्क वितरण सुनिश्चित किया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और सुचारु ढंग से संपन्न कराई जाए, ताकि किसी भी पात्र लाभार्थी को असुविधा का सामना न करना पड़े।
खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत पात्र राशन कार्डधारकों को बिना किसी शुल्क के निर्धारित मात्रा में गेहूं और चावल उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना तथा महंगाई और अन्य आर्थिक चुनौतियों के बीच उनके घरेलू खर्च का बोझ कम करना है। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को लगातार निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
आयुक्त, खाद्य तथा रसद विभाग ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों, क्षेत्रीय अधिकारियों तथा उचित दर विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित तिथियों के भीतर प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा अतिरिक्त धनराशि वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राशन वितरण के दौरान ई-पॉस मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जिससे वितरण प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और पात्र लाभार्थियों को उनके अधिकार का खाद्यान्न समय पर प्राप्त हो सके। तकनीकी कारणों से यदि किसी स्थान पर ई-पॉस मशीन के माध्यम से वितरण में कठिनाई आती है, तो शासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक व्यवस्था के अनुसार वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र परिवार राशन से वंचित न रहे।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले पात्र परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। योजना का प्रमुख उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत प्रदान करना है। पिछले कुछ वर्षों में इस योजना के माध्यम से देशभर के करोड़ों लाभार्थियों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य होने के कारण यहां इस योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में लाभार्थी शामिल हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उचित दर की दुकानों के माध्यम से राशन का वितरण किया जाता है। खाद्य एवं रसद विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी उचित दर विक्रेता निर्धारित समय पर अपनी दुकानों को खोलें तथा लाभार्थियों को बिना किसी भेदभाव के राशन उपलब्ध कराएं।
विभाग ने जिला प्रशासन को भी वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि राशन वितरण केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न न दिया जाए। यदि किसी स्थान पर अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है तो तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

खाद्य एवं रसद विभाग ने लाभार्थियों से भी अपील की है कि
राशन प्राप्त करते समय ई-पॉस मशीन पर दर्ज विवरण की जांच अवश्य करें और निर्धारित मात्रा में गेहूं एवं चावल प्राप्त करें। यदि किसी उचित दर विक्रेता द्वारा राशन देने से इनकार किया जाता है या किसी प्रकार की अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती है, तो इसकी शिकायत संबंधित जिला पूर्ति अधिकारी या विभागीय हेल्पलाइन पर दर्ज कराई जा सकती है।
योजना के सफल संचालन के लिए परिवहन, भंडारण तथा वितरण से जुड़े सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। गोदामों से उचित दर की दुकानों तक खाद्यान्न की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि वितरण कार्यक्रम बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निःशुल्क राशन मिलने से लाखों परिवारों के मासिक खर्च में कमी आती है और वे अपनी आय का उपयोग अन्य आवश्यक जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की आवश्यकताओं पर कर पाते हैं। यही कारण है कि यह योजना गरीब कल्याण की प्रमुख योजनाओं में शामिल मानी जाती है।
अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए हैं कि वितरण केंद्रों पर स्वच्छता, सुव्यवस्थित कतार व्यवस्था तथा लाभार्थियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें राशन प्राप्त करने में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही वितरण प्रक्रिया के दौरान सभी अभिलेखों का सही रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
प्रदेश सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगस्त 2026 के लिए निर्धारित 5 अगस्त से 18 अगस्त तक की अवधि में प्रत्येक पात्र लाभार्थी को बिना किसी शुल्क के आवंटित गेहूं एवं चावल उपलब्ध कराया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और उचित दर विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकार उत्तर प्रदेश में अगस्त माह के निःशुल्क राशन वितरण अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए शासन स्तर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। सरकार का उद्देश्य है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को खाद्य सुरक्षा का लाभ निरंतर मिलता रहे और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार हो सके।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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