Guard of Honour : पुतिन नई दिल्ली पहुंचे, रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ भव्य स्वागत ?

Guard of Honour : पुतिन नई दिल्ली पहुंचे, रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ भव्य स्वागत
Guard of Honour : पुतिन नई दिल्ली पहुंचे, रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ भव्य स्वागत

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत की राजधानी नई दिल्ली पहुंच गए हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की शुरुआत 12 सितंबर से होने जा रही है और इससे पहले पुतिन की भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच रणनीतिक एवं कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति के नई दिल्ली पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। विमान से उतरने के बाद उन्हें रेड कार्पेट रिसेप्शन दिया गया और गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

राष्ट्रपति पुतिन ऐसे समय भारत पहुंचे हैं, जब ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग, वैश्विक राजनीति, व्यापार, विकास और बहुपक्षीय संस्थाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की तैयारी चल रही है। शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता आपसी सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

पुतिन की भारत यात्रा को भारत-रूस संबंधों की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, अंतरिक्ष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग रहा है। ऐसे में रूसी राष्ट्रपति की नई दिल्ली यात्रा के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रहेगी।

भारत पहुंचने के बाद पुतिन के कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। इनमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत प्रमुख रूप से शामिल है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं के अलावा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया जा सकता है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की शुरुआत 12 सितंबर से होनी है। सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। वर्तमान समय में ब्रिक्स को वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच के रूप में देखा जाता है। इसके माध्यम से सदस्य देश आर्थिक विकास, व्यापार, निवेश, वित्तीय सहयोग और वैश्विक शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर साझा विचार रखते हैं।

रूसी राष्ट्रपति के भारत आगमन के साथ ही राजधानी में उच्चस्तरीय कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पुतिन की यात्रा को केवल ब्रिक्स बैठक तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर भी इसे महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत से भविष्य के सहयोग की दिशा को लेकर संकेत मिलने की उम्मीद है।

भारत और रूस के संबंधों की अपनी एक लंबी पृष्ठभूमि रही है। सोवियत काल से दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा क्षेत्र में मजबूत संबंध विकसित हुए। समय के साथ वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव आया, लेकिन दोनों देशों ने अपने रणनीतिक संबंधों को बनाए रखा। रक्षा सहयोग के अलावा ऊर्जा क्षेत्र और अन्य आर्थिक गतिविधियों में भी दोनों देशों के बीच साझेदारी जारी रही है।

पुतिन की मौजूदा यात्रा के दौरान ऊर्जा क्षेत्र भी बातचीत का महत्वपूर्ण विषय हो सकता है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार हो रहे बदलावों के बीच भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। वहीं रूस विश्व के प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल है। ऐसे में दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अपना महत्व है।

Guard of Honour : पुतिन नई दिल्ली पहुंचे, रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ भव्य स्वागत
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व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने के प्रयास भी दोनों देशों के एजेंडे में रह सकते हैं। भारत और रूस के बीच व्यापार में पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। दोनों पक्ष व्यापार को अधिक संतुलित और व्यापक बनाने तथा भुगतान एवं लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने के उपायों पर चर्चा कर सकते हैं।

इसके साथ ही रक्षा और तकनीकी सहयोग भी भारत-रूस संबंधों का एक प्रमुख आधार रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों और तकनीकी सहयोग को लेकर लंबे समय से साझेदारी रही है। हालांकि, बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच दोनों देशों के संबंधों में नए क्षेत्रों को शामिल करने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच प्रस्तावित बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद द्विपक्षीय संबंधों को गति देता रहा है। दोनों नेता विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों के साथ-साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा करते रहे हैं।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं। विकासशील देशों की आर्थिक जरूरतें, वैश्विक वित्तीय संस्थाओं में सुधार, व्यापार व्यवस्था, तकनीकी सहयोग और विकास के लिए वित्त उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण रहेंगे। भारत लंबे समय से विकासशील देशों की आवाज को वैश्विक मंचों पर मजबूती से उठाने की बात करता रहा है।

रूस की ओर से भी ब्रिक्स मंच को वैश्विक सहयोग के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देखा जाता है। ऐसे में पुतिन की उपस्थिति सम्मेलन के राजनीतिक महत्व को बढ़ाती है। विभिन्न देशों के नेताओं के बीच होने वाली मुलाकातें वैश्विक कूटनीति के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

नई दिल्ली में पुतिन के स्वागत के दौरान औपचारिक प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा गया। रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुए स्वागत ने उनकी यात्रा की औपचारिकता और महत्व को रेखांकित किया। राजधानी में सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं को भी यात्रा और सम्मेलन के अनुरूप तैयार किया गया है।

पुतिन की भारत यात्रा पर केवल भारत और रूस ही नहीं, बल्कि अन्य देशों की भी नजर है। रूस और भारत दोनों ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और ब्रिक्स जैसे मंच पर दोनों देशों के विचार वैश्विक मुद्दों पर व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं।

अब सभी की नजरें 12 सितंबर से शुरू होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और इसके दौरान होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली बातचीत में जिन मुद्दों पर सहमति बनती है, उसका असर दोनों देशों के आगामी संबंधों पर पड़ सकता है। सम्मेलन के दौरान आर्थिक, रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर होने वाली चर्चाएं भी आने वाले समय में ब्रिक्स के एजेंडे को प्रभावित कर सकती हैं।

रूसी राष्ट्रपति के नई दिल्ली पहुंचने के साथ ही ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पुतिन की यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी प्रस्तावित बातचीत को भारत-रूस संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। अब सम्मेलन के दौरान होने वाली चर्चाओं और दोनों नेताओं की वार्ता के परिणामों पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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