
फतेहपुर।
डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी फतेहपुर, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद तथा दि होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में डेंगू बचाव एवं जागरूकता महाभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10 बजे डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयोजकत्व में अभियान के तहत विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी उत्तर प्रदेश के चेयरमैन एवं कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने कम्पोजिट विद्यालय भैरमपुर और कम्पोजिट विद्यालय अस्ती नगर क्षेत्र के कुल 221 बच्चों को डेंगू व अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के उद्देश्य से निःशुल्क होम्योपैथिक औषधि वितरित की।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को स्वच्छता का महत्व समझाया गया और उन्हें अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपायों पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को बताया कि जागरूकता और दैनिक जीवन में अच्छी आदतों को अपनाकर कई संक्रामक बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
दो विद्यालयों के 221 बच्चों को किया गया जागरूक
डेंगू बचाव एवं जागरूकता महाभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में दो विद्यालयों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया। कम्पोजिट विद्यालय भैरमपुर के 95 बच्चों तथा कम्पोजिट विद्यालय अस्ती नगर क्षेत्र के 126 बच्चों को निःशुल्क होम्योपैथिक औषधि वितरित की गई। इस प्रकार कुल 221 बच्चों तक अभियान के माध्यम से पहुंच बनाई गई।
विद्यालयों में बच्चों को जागरूक करने का उद्देश्य यह है कि वे स्वयं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को समझें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक कर सकें। बच्चे अपने घरों और मोहल्लों में स्वच्छता की आदतों को अपनाने के साथ दूसरों को भी साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। इससे समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को समझाया गया कि घर, विद्यालय और आसपास के स्थानों पर गंदगी जमा नहीं होने देनी चाहिए। पानी रखने वाले बर्तनों को साफ रखना, कूलर और टंकियों की नियमित सफाई करना तथा खुले स्थानों पर पानी जमा होने से रोकना मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने के महत्वपूर्ण उपाय हैं।
डेंगू फैलाने वाले मच्छर रुके हुए पानी में पनप सकते हैं। इसलिए आसपास पानी जमा होने की स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बच्चों को बताया गया कि स्वच्छ वातावरण बनाए रखना केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।
स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल पर दिया विशेष जोर
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बच्चों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि साफ-सफाई की आदतें अपनाकर अनेक बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। बच्चों को घर और विद्यालय में साफ वातावरण बनाए रखने, हाथों की नियमित सफाई करने तथा पीने के पानी को सुरक्षित रखने के महत्व के बारे में समझाया गया।
उन्होंने पीने के पानी को उबालकर पीने की सलाह देते हुए कहा कि स्वच्छ पेयजल स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही लोगों को पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित जांच करने और उन्हें साफ रखने के लिए प्रेरित किया गया।
बारिश के बाद या घरों के आसपास खुले बर्तनों, पुराने टायरों, गमलों और अन्य पात्रों में पानी जमा हो सकता है। ऐसे स्थान मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल बन सकते हैं। इसलिए पानी जमा होने से रोकना और पानी रखने वाले पात्रों की नियमित सफाई करना जरूरी है।
विद्यालयों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से बच्चों को स्वास्थ्य सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों की जानकारी मिलती है। यदि विद्यार्थी इन आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाते हैं, तो वे परिवार के अन्य सदस्यों को भी जागरूक कर सकते हैं। इससे डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।

डेंगू से बचाव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
डेंगू मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। इसकी रोकथाम के लिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना, आसपास पानी जमा नहीं होने देना और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना महत्वपूर्ण है। अभियान के दौरान बच्चों को इन सावधानियों के बारे में बताया गया, ताकि वे अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने के लिए प्रेरित हों।
डेंगू से बचाव के लिए केवल एक दिन सफाई करना पर्याप्त नहीं है। घरों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से सफाई बनाए रखना जरूरी है। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखना, कूलर का पानी नियमित रूप से बदलना तथा अनावश्यक रूप से पानी जमा होने वाले स्थानों को साफ करना उपयोगी कदम हैं। इसके अतिरिक्त मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनना और उपयुक्त मच्छररोधी उपाय अपनाना भी मददगार हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, शरीर में दर्द या डेंगू से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। गंभीर लक्षणों की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है। केवल घरेलू उपायों या किसी औषधि पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सक की सलाह के अनुसार जांच और उपचार कराना चाहिए।
अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। जागरूकता के साथ समय पर चिकित्सा सहायता और मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण डेंगू की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कई संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से चल रहा महाभियान
डेंगू बचाव एवं जागरूकता महाभियान इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी फतेहपुर, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद तथा दि होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा है। अभियान का संयोजन डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है।
इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों को स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वच्छता और संक्रामक बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। विभिन्न सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी संस्थाओं की सहभागिता से इस तरह के कार्यक्रमों को समुदाय तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में कम्पोजिट विद्यालय भैरमपुर की प्रधानाचार्या रेखा शुक्ला, तरन्नुम अंसारी सहित विद्यालय के सभी अध्यापक एवं अध्यापिकाएं उपस्थित रहे। अभियान में प्रमुख सहयोगी अभिनव श्रीवास्तव ने भी सहभागिता की। विद्यालय के शिक्षकों की उपस्थिति से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी संदेश समझाने और स्वच्छता की आदतों के प्रति प्रेरित करने में सहयोग मिला।
बच्चों को जागरूक बनाकर स्वस्थ समाज का संदेश
फतेहपुर में चलाया जा रहा डेंगू बचाव एवं जागरूकता महाभियान स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सामुदायिक भागीदारी का संदेश देता है। दो विद्यालयों के 221 बच्चों को कार्यक्रम से जोड़कर उन्हें साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपायों की जानकारी दी गई।
विद्यालय बच्चों के व्यक्तित्व और व्यवहार के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। यहां स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता मिलने से विद्यार्थी अपनी दिनचर्या में अच्छी आदतें अपना सकते हैं और अपने परिवारों तक भी यह संदेश पहुंचा सकते हैं। अभियान के आयोजकों का प्रयास है कि डेंगू से बचाव की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और लोग अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए आगे आएं।
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव और अभियान से जुड़ी संस्थाओं ने बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा स्वच्छता को अपनी आदत बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क होम्योपैथिक औषधि का वितरण भी किया गया। हालांकि डेंगू की रोकथाम के लिए सबसे प्रभावी प्राथमिक उपाय मच्छरों के प्रजनन को रोकना, मच्छरों से बचाव करना और लक्षण होने पर समय से चिकित्सकीय सलाह लेना है।
डेंगू बचाव महाभियान के तहत 221 बच्चों तक पहुंचकर आयोजकों ने स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया। अभियान के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि नियमित साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल और सामूहिक प्रयासों से संक्रामक बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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