Major decision : मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला ?

Major decision : मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला
Major decision : मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला

इश्क, धोखा और कत्ल की सनसनीखेज कहानी ने पूरे देश को झकझोरा था; पति की हत्या और शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाने के मामले में दोनों को दोषी ठहराए जाने की खबर से फिर चर्चा में आया मामला

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में सामने आए चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पति सौरभ की हत्या और उसके शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में छिपाने के मामले में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाए जाने की खबर सामने आई है। इस सनसनीखेज मामले ने घटना के खुलासे के समय पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। रिश्तों में विश्वासघात, हत्या और शव को छिपाने के आरोपों से जुड़े इस प्रकरण ने लोगों को झकझोर दिया था।

इस मामले में पति-पत्नी के रिश्ते, प्रेम संबंध और हत्या की कथित साजिश जैसे पहलुओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। आरोप था कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या की और बाद में शव के टुकड़े करके उन्हें नीले ड्रम में छिपा दिया। मामले की भयावहता के कारण यह घटना लंबे समय तक सुर्खियों में रही।

हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में आरोप, अदालत द्वारा दोषसिद्धि और अंतिम न्यायिक स्थिति के बीच अंतर करना आवश्यक है। फांसी की सजा सुनाए जाने जैसी महत्वपूर्ण खबर की पुष्टि संबंधित अदालत के आदेश और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से की जानी चाहिए।

13 महीने की सुनवाई के बाद अदालत ने सुनाई सजा

मेरठ के जिला एवं सत्र न्यायालय में इस चर्चित हत्याकांड की सुनवाई करीब 13 महीने तक चली। इस दौरान अदालत में 126 सुनवाइयां हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को दोनों की सजा पर फैसला सुनाया गया।

अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और हत्या के तरीके का हवाला देते हुए दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। अदालत ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। इसके अलावा हत्या के अपराध में दोनों पर 50-50 हजार रुपये तथा साक्ष्य मिटाने से संबंधित अपराध में 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

सजा सुनाते समय जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों को उनके अपराध की गंभीरता के अनुरूप दंड देना भी धर्म का हिस्सा है। अभियोजन पक्ष के वकील केके चौबे ने फैसले के संबंध में यह जानकारी दी।

मार्च 2025 में सामने आया था सनसनीखेज मामला

यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब मेरठ में सौरभ राजपूत की हत्या और उनके शव को नीले प्लास्टिक के ड्रम में छिपाए जाने की जानकारी सार्वजनिक हुई। सौरभ पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी थे। घटना सामने आने के बाद पूरे देश में इस हत्याकांड को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सौरभ 24-25 फरवरी 2025 के आसपास लंदन से मेरठ लौटे थे। इसके कुछ दिन बाद उनकी हत्या कर दी गई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, हत्या के बाद उनके शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखकर सीमेंट और रेत से छिपाने का प्रयास किया गया। बाद में पुलिस ने ड्रम से शव के अवशेष बरामद किए।

शव को इस तरह छिपाए जाने की घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया था। मामले की जांच के दौरान मुस्कान और साहिल की भूमिका सामने आई। पुलिस कार्रवाई के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई।

Major decision : मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला
Major decision : मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला

रिश्तों में विश्वासघात से हत्या तक पहुंचा मामला

इस हत्याकांड की चर्चा में मुस्कान और साहिल के कथित प्रेम संबंध का पहलू भी प्रमुखता से सामने आया। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम देने के बाद शव को छिपाने का प्रयास किया।

हालांकि, अदालत में किसी भी आरोप की पुष्टि साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होती है। इस मामले में अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने के अपराधों में दोषी ठहराया तथा मृत्युदंड सुनाया।

इस घटना ने वैवाहिक रिश्तों में विश्वास, पारिवारिक विवादों और अपराध की गंभीरता को लेकर भी व्यापक बहस छेड़ दी थी। लेकिन इस प्रकरण की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पुलिस जांच के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और लंबी सुनवाई के बाद फैसला सामने आया।

अदालत में दोनों दोषियों को मिला अपना पक्ष रखने का अवसर

सजा सुनाए जाने की कार्यवाही के दौरान मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने दोनों को सजा के संबंध में अपनी बात रखने का अवसर दिया।

अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से नरमी बरतने का अनुरोध किए जाने की भी खबरें सामने आईं। अंततः अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया।

यह फैसला मामले की सुनवाई के एक महत्वपूर्ण चरण का समापन है। हालांकि, मृत्युदंड के मामलों में कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहती है।

फांसी की सजा के बाद भी बाकी है कानूनी प्रक्रिया

अदालत द्वारा मृत्युदंड सुनाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि सजा तत्काल अंतिम रूप से लागू हो जाएगी। भारतीय कानून के तहत सत्र न्यायालय द्वारा दी गई मृत्युदंड की सजा की पुष्टि संबंधित उच्च न्यायालय से होना आवश्यक है। दोषियों को फैसले और सजा को उच्चतर अदालत में चुनौती देने का कानूनी अधिकार भी प्राप्त है।

इसलिए मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में 14 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया फैसला एक महत्वपूर्ण न्यायिक पड़ाव है, लेकिन आगे की कानूनी प्रक्रिया भी मायने रखती है।

देशभर में चर्चा में रहा नीले ड्रम हत्याकांड

सौरभ राजपूत की हत्या और उनके शव को ड्रम में छिपाने की घटना ने अपनी भयावह परिस्थितियों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। पुलिस जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी, अदालत में चली लंबी सुनवाई और अब मृत्युदंड के फैसले ने एक बार फिर इस मामले को चर्चा में ला दिया है।

कुल मिलाकर, मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या तथा साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। करीब 13 महीने चली सुनवाई, 126 अदालती कार्यवाहियों और 22 अभियोजन गवाहों के बाद आए इस फैसले के साथ मामले ने एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया है। अब मृत्युदंड की पुष्टि और आगे की अपीलीय प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

Check Also

Submitted a memorandum : हापुड़ में बहादुरगढ़ और नूरपुर को ब्लॉक बनाने की मांग, मंत्री नरेंद्र कश्यप को सौंपा ज्ञापन

Submitted a memorandum : हापुड़ में बहादुरगढ़ और नूरपुर को ब्लॉक बनाने की मांग, मंत्री नरेंद्र कश्यप को सौंपा ज्ञापन ?

गढ़मुक्तेश्वर। हापुड़ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने और लोगों को प्रशासनिक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *