
हापुड़।
जिले में पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र बढ़ाने, प्लास्टिक कचरे के उचित प्रबंधन और गंगा को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त रखने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला पर्यावरण समिति, जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला गंगा समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और संबंधित प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की।
बैठक का आयोजन 25 अगस्त 2026 को अपराह्न 1 बजे कलेक्ट्रेट सभागार, हापुड़ में किया गया। जिलाधिकारी ने तीनों समितियों के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से ही जिले को स्वच्छ, हरित और प्रदूषणमुक्त बनाया जा सकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री श्रुति शर्मा, अपर जिलाधिकारी श्री संदीप कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी श्री गौतम सिंह, जिला विकास अधिकारी श्री अनवर शेख, अपर सांख्यिकी अधिकारी श्री विरेन्द्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी श्री शिव बिहारी शुक्ला, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हापुड़ के क्षेत्रीय अधिकारी के प्रतिनिधि श्री विपुल कुमार, पर्यावरणविद् श्री भारत भूषण, लोक भारती तथा जनपद के अन्य संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिला वृक्षारोपण समिति की समीक्षा
बैठक में जिला वृक्षारोपण समिति के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में किए गए वृक्षारोपण की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से पौधरोपण के बाद उनकी देखभाल और जीवितता की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर लगाए गए पौधे किसी कारणवश मृत हो गए हैं, वहां संबंधित विभाग तत्काल नए पौधे लगाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि केवल पौधरोपण का लक्ष्य पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और उनका जीवित रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाकर पौधों की जीवितता शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने पौधों की जियोटैगिंग का कार्य भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग दो दिन के भीतर जियोटैगिंग का कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। जियोटैगिंग से पौधरोपण स्थलों की वास्तविक स्थिति और पौधों की निगरानी को बेहतर बनाया जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों से पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और सुरक्षा पर भी ध्यान देने को कहा, ताकि पौधरोपण अभियान का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा हो सके। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि लगाए गए पौधों का संरक्षण केवल अभियान के दौरान नहीं, बल्कि लगातार किया जाए।
प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन पर विशेष जोर
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में जनपद में प्लास्टिक वेस्ट के प्रबंधन को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती है। इसके उचित निस्तारण और प्रबंधन के लिए संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। प्लास्टिक कचरे को खुले में फेंकने और अनुचित तरीके से निस्तारित करने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
बैठक में प्लास्टिक वेस्ट के उन्मूलन के लिए प्लास्टिक एक्शन प्लान-2026 तैयार करने और उसके अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन और निस्तारण की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ जनजागरूकता भी जरूरी है। आम लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर पर्यावरण हितैषी विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

एसटीपी के सुचारू संचालन की होगी निगरानी
जिला गंगा समिति की बैठक में जिले में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में स्थापित सभी एसटीपी का संचालन सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की टीम गठित कर एसटीपी का निरीक्षण कराने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि एसटीपी का नियमित और प्रभावी संचालन गंगा एवं उसकी सहायक जलधाराओं को प्रदूषण से बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। किसी भी एसटीपी के संचालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
जिलाधिकारी ने गठित टीम को एसटीपी की कार्यप्रणाली, क्षमता और संचालन की स्थिति का निरीक्षण करने तथा आवश्यक कमियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने को भी कहा गया।
इंडस्ट्रीज के ईटीपी की औचक जांच
बैठक में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट के उचित उपचार को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गाजियाबाद/हापुड़ को जनपद में संचालित सभी इंडस्ट्रीज के एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के संचालन की औचक जांच करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में ईटीपी का प्रभावी संचालन सुनिश्चित होना चाहिए। औद्योगिक अपशिष्ट का बिना उपचार किए निस्तारण पर्यावरण और जल स्रोतों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण के साथ-साथ औचक जांच भी करें।
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक इकाइयों में ईटीपी की स्थिति का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी इकाई में मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित प्रयास जरूरी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। वृक्षारोपण, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और गंगा संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े विषय हैं। इन क्षेत्रों में प्रभावी कार्रवाई से ही जिले के पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं और पर्यावरणीय अभियानों का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण और निगरानी करें। निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के साथ उनकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उपस्थित पर्यावरणविद् और अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबंधित कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और गंगा स्वच्छता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
इस संयुक्त बैठक के माध्यम से हापुड़ जिले में पर्यावरण संरक्षण, पौधों की शत-प्रतिशत जीवितता, प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन, एसटीपी और ईटीपी की निगरानी तथा गंगा संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद संबंधित विभागों को अब इन कार्यों की नियमित निगरानी और समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।