Online Application : मत्स्य विभाग की योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन बढ़े, मत्स्य पालकों को पाँच अगस्त तक मिलेगा अवसर

हापुड़। उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत संचालित राज्य सेक्टर की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक मत्स्य पालक, उद्यमी, स्वयं सहायता समूह, महिला मत्स्य पालक तथा पात्र नागरिक 5 अगस्त 2026 तक विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई थी, जिसे बढ़ाकर 5 अगस्त कर दिया गया है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, हापुड़ द्वारा जारी सूचना के अनुसार मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए विभागीय पोर्टल http://fisheries.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ना तथा राज्य में मत्स्य उत्पादन, रोजगार सृजन और मत्स्य आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।
विभाग ने बताया कि कई लाभार्थी समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। ऐसे आवेदकों को अवसर प्रदान करने और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए आवेदन अवधि का विस्तार किया गया है। इससे प्रदेश के अधिक से अधिक मत्स्य पालकों और इच्छुक युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
इन योजनाओं के लिए किए जा सकते हैं आवेदन
मत्स्य विभाग द्वारा राज्य सेक्टर के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम की स्थापना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना, उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष के अंतर्गत मोपेड विद आइस बॉक्स परियोजना तथा माता सुकेता महिला मत्स्य पालक सशक्तिकरण परियोजना शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त अंतर्देशीय खारे जल क्षेत्रों में नए तालाब निर्माण एवं प्रथम वर्ष निवेश योजना, उत्तर प्रदेश में मोती संवर्धन योजना तथा विशिष्ट प्रजाति की मत्स्य हैचरी स्थापना योजना के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य मत्स्य पालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, उत्पादन बढ़ाना और मत्स्य व्यवसाय को लाभकारी बनाना है।
अलग-अलग योजनाओं के लिए अलग आवेदन आवश्यक
मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई लाभार्थी एक से अधिक योजनाओं का लाभ लेना चाहता है, तो उसे प्रत्येक योजना के लिए अलग-अलग ऑनलाइन आवेदन करना होगा। प्रत्येक योजना की पात्रता, इकाई लागत, अनुदान की राशि, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग निर्धारित की गई है।
विभाग ने बताया कि प्रत्येक योजना का विस्तृत विवरण विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन करने से पहले लाभार्थियों को सभी दिशा-निर्देशों और पात्रता संबंधी शर्तों का अध्ययन करने की सलाह दी गई है, ताकि आवेदन किसी त्रुटि के कारण निरस्त न हो।
वेबसाइट पर उपलब्ध हैं सभी दिशा-निर्देश
मत्स्य विभाग के अनुसार परियोजनाओं का विस्तृत विवरण, इकाई लागत, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन की प्रक्रिया और अन्य सभी जानकारी विभागीय वेबसाइट http://fisheries.up.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और योजनाओं से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में किसी योजना के प्रावधानों में संशोधन किया जाता है, तो संशोधित नियम ही प्रभावी माने जाएंगे। इसलिए आवेदकों को समय-समय पर विभागीय वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी गई है।

निरस्त और प्रतीक्षारत आवेदक भी कर सकते हैं आवेदन
मत्स्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि जिन आवेदकों के आवेदन पिछले वर्षों में किसी कारणवश निरस्त हो गए थे या जो प्रतीक्षारत श्रेणी में थे, वे भी इस वर्ष दोबारा आवेदन करने के पात्र होंगे। इससे ऐसे लाभार्थियों को एक और अवसर मिलेगा, जो पूर्व में योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सके थे।
मत्स्य उत्पादन और रोजगार बढ़ाने पर जोर
राज्य सरकार मत्स्य पालन को कृषि के साथ-साथ आय का एक मजबूत स्रोत बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आधुनिक मत्स्य पालन, तालाब निर्माण, उन्नत तकनीक, नावों पर अनुदान, महिला सशक्तिकरण, कोल्ड चेन सुविधा और मोती संवर्धन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे, मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। साथ ही महिलाओं और पारंपरिक मत्स्य समुदायों को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
हापुड़ में भी उपलब्ध रहेगी सहायता
हापुड़ जनपद के इच्छुक लाभार्थी योजनाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, कमरा संख्या-221, द्वितीय तल, विकास भवन, हापुड़ में किसी भी कार्य दिवस पर संपर्क कर सकते हैं। यहां आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा मत्स्य निदेशालय की हेल्पलाइन संख्या 0522-2740270 पर भी कार्य दिवसों में संपर्क किया जा सकता है। जनपद स्तर पर सहायता के लिए मोबाइल नंबर 8601418499 तथा 7007394968 भी जारी किए गए हैं।
समय रहते आवेदन करने की अपील
मत्स्य विभाग ने सभी पात्र मत्स्य पालकों, युवाओं, महिला समूहों और इच्छुक नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन करें। विभाग का कहना है कि समय पर आवेदन करने से तकनीकी समस्याओं से बचा जा सकता है और आवेदन प्रक्रिया भी सुचारु रूप से पूरी होगी।
विभाग को उम्मीद है कि आवेदन अवधि बढ़ाए जाने के बाद अधिक संख्या में लाभार्थी योजनाओं का लाभ उठाएंगे। सरकार की यह पहल मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक बनाने, रोजगार बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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