Public Participation : विकसित गांवों से ही बनेगा विकसित भारत: डीएम कविता मीना ने ग्राम गौरव योजना में जनभागीदारी पर जोर दिया ?

Public Participation : विकसित गांवों से ही बनेगा विकसित भारत: डीएम कविता मीना ने ग्राम गौरव योजना में जनभागीदारी पर जोर दिया ?
Public Participation : विकसित गांवों से ही बनेगा विकसित भारत: डीएम कविता मीना ने ग्राम गौरव योजना में जनभागीदारी पर जोर दिया ?

हापुड़।

जिले में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और गांवों को आत्मनिर्भर एवं सुविधासंपन्न बनाने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना की अध्यक्षता में “पंचायत सम्मेलन- विकसित भारत @2047” एवं “ग्राम गौरव योजना” के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने, ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने और ऐसे कार्यों का चयन करने पर विशेष जोर दिया गया, जिनका सीधा लाभ आमजन को मिल सके।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ग्राम गौरव योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक “आदर्श स्थल” विकसित करने से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गांवों में ऐसे स्थान विकसित किए जाने चाहिए, जो न केवल ग्रामीणों की आवश्यकताओं को पूरा करें, बल्कि भविष्य में संबंधित ग्राम पंचायत की पहचान भी बन सकें। इसके लिए पुस्तकालय, खेल का मैदान, सामुदायिक शौचालय, सोलर लाइट और डिजिटल सेवा केंद्र जैसे विभिन्न विकल्पों पर विचार किया गया।

गांव की जरूरत के अनुसार चुने जाएं विकास कार्य

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम गौरव योजना के तहत किसी भी कार्य का चयन केवल औपचारिकता के आधार पर न किया जाए। प्रत्येक गांव की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, स्थानीय आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों का चयन किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिस कार्य की ग्रामीणों को सबसे अधिक आवश्यकता है, उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि किसी गांव में बच्चों और युवाओं के लिए खेल सुविधाओं का अभाव है तो वहां खेल मैदान विकसित किया जा सकता है। इसी तरह विद्यार्थियों के लिए अध्ययन की सुविधा की जरूरत वाले गांवों में पुस्तकालय विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए डिजिटल सेवा केंद्र भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। इससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और ऑनलाइन सुविधाओं तक स्थानीय स्तर पर पहुंच मिल सकती है। इसी प्रकार सोलर लाइट लगाने से गांव के सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी की सुविधा मजबूत हो सकती है।

ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी

बैठक में पंचायत सम्मेलन के आयोजन और उसकी उपयोगिता पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव के विकास की योजना बनाने में स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, स्वयं सहायता समूह और युवाओं को पंचायत सम्मेलन में अधिक से अधिक शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को अपनी समस्याओं को सामने रखने और उनके संभावित समाधान पर सुझाव देने का अवसर मिलना चाहिए। पंचायत सम्मेलन केवल बैठक तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें गांव की वास्तविक जरूरतों पर चर्चा हो और प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

ग्रामीणों की भागीदारी से विकास योजनाओं को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी। गांव के लोगों को अपने क्षेत्र की समस्याओं की बेहतर जानकारी होती है। इसलिए सड़क, जल निकासी, स्वच्छता, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रकाश व्यवस्था, खेल और डिजिटल सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को पंचायत स्तर पर चिन्हित कर उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

Public Participation : विकसित गांवों से ही बनेगा विकसित भारत: डीएम कविता मीना ने ग्राम गौरव योजना में जनभागीदारी पर जोर दिया ?
Public Participation : विकसित गांवों से ही बनेगा विकसित भारत: डीएम कविता मीना ने ग्राम गौरव योजना में जनभागीदारी पर जोर दिया ?

युवाओं और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी पर जोर

बैठक में युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि विकसित गांव की कल्पना युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना पूरी नहीं हो सकती। युवा पंचायत सम्मेलन में गांव की आवश्यकताओं के साथ-साथ नई तकनीक, डिजिटल सेवाओं, खेल और शिक्षा से संबंधित सुझाव दे सकते हैं।

इसी तरह स्वयं सहायता समूहों को भी पंचायत विकास प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया गया। ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूह स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों के बीच बेहतर समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है।

विकसित भारत का आधार विकसित गांव

जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि “विकसित भारत का आधार विकसित गांव हैं।” उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता, खेल, डिजिटल सेवाएं, प्रकाश व्यवस्था और सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार होने से ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी।

उन्होंने कहा कि ग्राम गौरव योजना के तहत ऐसे कार्य चुने जाएं जो गांव की पहचान बनें और आमजन को सीधा लाभ दें। केवल निर्माण कार्य कराना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि विकसित की गई सुविधा का नियमित उपयोग हो और उसका रखरखाव भी बेहतर ढंग से किया जाए।

आदर्श स्थल बनेंगे गांव की पहचान

ग्राम गौरव योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक आदर्श स्थल विकसित करने की योजना को बैठक में विशेष महत्व दिया गया। इसका उद्देश्य ऐसा सार्वजनिक स्थल तैयार करना है, जिसका उपयोग गांव के विभिन्न वर्गों द्वारा किया जा सके।

पुस्तकालय के माध्यम से विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अध्ययन का बेहतर वातावरण मिल सकता है। खेल मैदान से बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध होगा। सामुदायिक शौचालय से स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। वहीं सोलर लाइट से ऊर्जा की बचत के साथ सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।

डिजिटल सेवा केंद्र गांवों में तकनीक आधारित सुविधाओं को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इससे ग्रामीणों को विभिन्न डिजिटल सेवाओं के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। इस प्रकार आदर्श स्थल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की व्यापक अवधारणा का हिस्सा बन सकता है।

समस्याओं की पहचान और समाधान पर बने प्रस्ताव

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पंचायत सम्मेलनों में गांव की समस्याओं की पहचान के साथ-साथ उनके समाधान पर भी प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि केवल समस्याओं की सूची तैयार करना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग, उपलब्ध संसाधन और संभावित कार्ययोजना पर भी विचार किया जाना चाहिए।

गांवों में स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी समस्याओं का समय से समाधान होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है। पंचायत स्तर पर समस्याओं की पहचान और प्राथमिकता तय होने से प्रशासन के लिए भी विकास कार्यों की निगरानी आसान होगी।

विकास कार्यों में गुणवत्ता और उपयोगिता जरूरी

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी योजना का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका निर्माण गुणवत्तापूर्ण हो और लंबे समय तक ग्रामीणों के उपयोग में आ सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय कार्य की उपयोगिता और भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखा जाए। ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनका लाभ गांव के अधिक से अधिक लोगों को मिल सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे।

पंचायतों के माध्यम से विकास को गति देने की तैयारी

पंचायत सम्मेलन और ग्राम गौरव योजना के माध्यम से प्रशासन ग्रामीणों को विकास प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ग्राम पंचायतों को स्थानीय स्तर पर विकास की प्राथमिकताएं तय करने का अवसर मिलने से योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है।

गांवों में पुस्तकालय, खेल मैदान, सामुदायिक शौचालय, सोलर लाइट और डिजिटल सेवा केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित होने से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। इन सुविधाओं के माध्यम से शिक्षा, खेल, स्वच्छता, ऊर्जा और डिजिटल पहुंच जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में सुधार किया जा सकता है।

वर्ष 2047 की परिकल्पना से जुड़ा ग्रामीण विकास

“विकसित भारत @2047” की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण विकास को दीर्घकालिक दृष्टि से आगे बढ़ाने की जरूरत है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में गांवों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसलिए वर्तमान समय में गांवों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है।

इस दिशा में ग्राम पंचायतों की सक्रिय भूमिका, स्थानीय लोगों की भागीदारी और प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा। यदि ग्रामीणों की जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार होती हैं और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है, तो गांवों में विकास की गति को और तेज किया जा सकता है।

कुल मिलाकर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में ग्राम गौरव योजना और पंचायत सम्मेलन को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों का चयन गांव की वास्तविक जरूरतों के आधार पर होना चाहिए। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर गांवों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार करने की दिशा में कार्य किया जाए।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में आदर्श स्थल विकसित करने की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा। पुस्तकालय, खेल मैदान, सामुदायिक शौचालय, सोलर लाइट और डिजिटल सेवा केंद्र जैसे कार्य गांवों को सुविधासंपन्न बनाने के साथ उनकी अलग पहचान भी स्थापित कर सकते हैं। जिलाधिकारी का संदेश स्पष्ट है कि विकसित भारत की मजबूत नींव विकसित गांवों से ही तैयार होगी, इसलिए ग्राम गौरव योजना के तहत वही कार्य प्राथमिकता से किए जाएं, जो लंबे समय तक उपयोगी रहें और ग्रामीणों को सीधे लाभ पहुंचाएं।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

Check Also

Six-shot lead : सोहराब सिंह तलवार बने चैंपियन, जैबीर सिंह कांग की छह शॉट की बढ़त ?

Six-shot lead : सोहराब सिंह तलवार बने चैंपियन, जैबीर सिंह कांग की छह शॉट की बढ़त ?

चंडीगढ़। चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में आयोजित आईजीयू नॉर्दर्न इंडिया जूनियर बॉयज चैंपियनशिप में युवा गोल्फरों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *