Public places : सेवा संकल्प अभियान के तहत हापुड़ जिले में चला स्वच्छता अभियान, गांवों में सार्वजनिक स्थलों की हुई सफाई ?

Public places : सेवा संकल्प अभियान के तहत हापुड़ जिले में चला स्वच्छता अभियान, गांवों में सार्वजनिक स्थलों की हुई सफाई
Public places : सेवा संकल्प अभियान के तहत हापुड़ जिले में चला स्वच्छता अभियान, गांवों में सार्वजनिक स्थलों की हुई सफाई

हापुड़।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत मंगलवार को जनपद हापुड़ के सभी विकास खंडों एवं ग्राम पंचायतों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिवों, सफाई कर्मियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक रूप से सार्वजनिक स्थानों, विद्यालयों, पंचायत भवनों और अमृत सरोवरों की साफ-सफाई की। इस दौरान ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए कूड़े को इधर-उधर न फेंकने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा गांवों में सोख्ता गड्ढे बनाए जाने के लिए प्रेरित किया गया।

जिला प्रशासन की ओर से चलाया जा रहा सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य विभिन्न सेवा गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ाना और लोगों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक दिन अलग-अलग सेवा भावना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी से चला सफाई अभियान

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रमों में ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली। ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के साथ सफाई कर्मियों तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर सफाई कार्य किया। सार्वजनिक स्थलों पर जमा कूड़े-कचरे को हटाया गया और लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में यह संदेश दिया गया कि गांव को स्वच्छ रखना केवल सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि लोग अपने घरों के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों को भी साफ रखने में सहयोग करें तो गांवों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सकता है।

स्वच्छता अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर पड़े कचरे को हटाने के साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे भविष्य में वहां कूड़ा न डालें। ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले कचरे के उचित निस्तारण के संबंध में भी जागरूक किया गया।

विद्यालयों और पंचायत भवनों की भी हुई सफाई

अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में स्थित विद्यालयों और पंचायत भवनों की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया गया। विद्यालयों में स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से विद्यालय परिसरों को साफ रखने तथा आसपास गंदगी नहीं फैलाने के लिए जागरूकता का संदेश दिया गया।

पंचायत भवन ग्रामीण क्षेत्र में प्रशासनिक एवं सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। यहां होने वाले स्वच्छता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि सार्वजनिक संस्थानों और सामुदायिक भवनों की साफ-सफाई बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

सफाई अभियान में शामिल लोगों ने पंचायत भवनों के आसपास के क्षेत्र में सफाई की। इसके साथ ही ग्रामीणों को अपने गांव में स्वच्छता व्यवस्था को नियमित रूप से बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

अमृत सरोवरों की सफाई पर भी जोर

ग्राम पंचायतों में बनाए गए अमृत सरोवरों के आसपास भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सरोवरों के आसपास मौजूद कूड़े-कचरे और अनावश्यक गंदगी को हटाने का कार्य किया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि जल स्रोतों को साफ रखना पर्यावरण और जल संरक्षण की दृष्टि से आवश्यक है।

अमृत सरोवर केवल जल संचयन के केंद्र ही नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण स्थान हैं। ऐसे में इनके आसपास साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों से अपील की गई कि वे सरोवरों और अन्य जल स्रोतों में कचरा न डालें तथा उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।

कूड़े को अलग-अलग रखने के लिए किया जागरूक

स्वच्छता अभियान के दौरान ग्रामीणों को कूड़े को अलग-अलग रखने की जानकारी भी दी गई। लोगों से कहा गया कि घरों से निकलने वाले कचरे को एक ही स्थान पर मिलाकर फेंकने के बजाय उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था अपनाई जाए। गीले और सूखे कचरे को अलग रखने की आदत विकसित करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।

ग्रामीणों को बताया गया कि कचरे को अलग-अलग रखने से उसके निस्तारण में सुविधा होती है। इससे गांव में गंदगी कम करने और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है। अभियान में शामिल कर्मचारियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने लोगों से बातचीत कर स्वच्छता संबंधी व्यवहार अपनाने का आग्रह किया।

Public places : सेवा संकल्प अभियान के तहत हापुड़ जिले में चला स्वच्छता अभियान, गांवों में सार्वजनिक स्थलों की हुई सफाई
Public places : सेवा संकल्प अभियान के तहत हापुड़ जिले में चला स्वच्छता अभियान, गांवों में सार्वजनिक स्थलों की हुई सफाई

सोख्ता गड्ढे बनाने का दिया संदेश

अभियान के तहत ग्रामीणों को सोख्ता गड्ढे बनाए जाने के संबंध में भी जागरूक किया गया। गांवों में पानी के उचित प्रबंधन और गंदे पानी के व्यवस्थित निस्तारण के लिए सोख्ता गड्ढे उपयोगी हो सकते हैं। लोगों को बताया गया कि उपलब्ध परिस्थितियों के अनुसार सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर पानी के उचित प्रबंधन में सहयोग किया जा सकता है।

अभियान के दौरान ग्रामीणों को अपने घरों तथा आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ जलभराव और गंदे पानी की समस्या को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की रही भागीदारी

स्वच्छता अभियान में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। महिलाओं ने सफाई कार्य में सहयोग करने के साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सामुदायिक भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। स्वच्छता अभियान में उनकी सहभागिता से ग्रामीण स्तर पर जागरूकता का संदेश व्यापक रूप से पहुंचाने में मदद मिली।

महिलाओं ने ग्रामीणों से अपील की कि घर और गांव दोनों को साफ रखने के लिए सभी लोग अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

एक माह तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

सेवा संकल्प अभियान का आयोजन 17 सितंबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक दिन सेवा भावना से जुड़े अलग-अलग कार्यों को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य केवल एक दिन सफाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में नियमित रूप से स्वच्छता और सेवा भावना को विकसित करना है।

अभियान के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने आसपास के वातावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

स्वच्छ गांव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

स्वच्छता अभियान के दौरान यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि किसी भी गांव को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए केवल प्रशासनिक स्तर पर प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए ग्रामीणों की निरंतर भागीदारी जरूरी है। यदि लोग कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालें, कचरे को अलग-अलग रखें, सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैलाएं और जल स्रोतों को साफ रखें तो गांव की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।

अभियान में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों से स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। लोगों से कहा गया कि वे अपने घर, गली, विद्यालय, पंचायत भवन, सार्वजनिक स्थल और जल स्रोतों को साफ रखने में सहयोग करें।

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह स्वच्छता कार्यक्रम जनपद में सेवा और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास के रूप में सामने आया। ग्राम पंचायतों में सफाई कार्य के साथ लोगों को जागरूक करने की गतिविधियां भी संचालित की गईं। प्रशासन की ओर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में अलग-अलग सेवा कार्यों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ यह संदेश भी दिया जा रहा है कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण का निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी से ही संभव है। ग्राम पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों की भागीदारी से स्वच्छता गतिविधियों को निरंतर जारी रखने पर जोर दिया गया है।

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