Resolution at the Tehsil Level : हापुड़ की तीनों तहसीलों में समाधान दिवस आयोजित, 90 शिकायतों में 21 का निस्तारण

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, हापुड़ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जनपद की तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। शासन की मंशा के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना, उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना तथा प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना रहा। समाधान दिवस के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके निस्तारण के लिए अधिकारियों ने गंभीरता के साथ कार्रवाई की।
जनपद हापुड़ की तीनों तहसीलों—हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर एवं धौलाना—में आयोजित समाधान दिवस में कुल 90 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 21 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए अग्रसारित किया गया। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायत का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए और शिकायतकर्ता को न्यायोचित राहत प्राप्त हो।
हापुड़ तहसील में जिलाधिकारी कविता मीना एवं पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर तहसील पहुंचे। समाधान दिवस में कुल 27 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, राजस्व संबंधी मामले, सार्वजनिक सुविधाओं की समस्याएं तथा अन्य प्रशासनिक विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जिलाधिकारी कविता मीना ने स्वयं शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्राप्त शिकायतों में से 04 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान हो। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का निस्तारण तत्काल संभव नहीं है, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए और नियमित रूप से उसकी समीक्षा की जाए।
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने भी कानून-व्यवस्था तथा पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का निष्पक्ष एवं संवेदनशील तरीके से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित एवं न्यायपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है।
संपूर्ण समाधान दिवस में घरेलू हिंसा एवं जमीनी विवाद से संबंधित शिकायतें विशेष रूप से सामने आईं। इन मामलों में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों के कारण कई बार सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, इसलिए ऐसे मामलों का शीघ्र एवं निष्पक्ष निस्तारण अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने विभागों से संबंधित शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण करें तथा समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित करें।
इसी क्रम में तहसील गढ़मुक्तेश्वर में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया। यहां कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं, जो तीनों तहसीलों में सर्वाधिक रहीं। प्राप्त शिकायतों में राजस्व, विकास, ग्रामीण समस्याएं, सार्वजनिक सेवाओं और अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित विषय प्रमुख रहे।

अपर जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। प्राप्त 52 शिकायतों में से 13 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
गढ़मुक्तेश्वर में आयोजित समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने कई मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान की। जिन मामलों में विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, उन्हें संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
तहसील धौलाना में उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया। यहां कुल 11 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 04 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। उप जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुनते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए कहा।
धौलाना तहसील में भी नागरिकों ने विभिन्न प्रशासनिक, राजस्व और स्थानीय समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों द्वारा शिकायतों का परीक्षण कर कई मामलों का तत्काल समाधान किया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना है। इससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और प्रशासन को भी जनता की वास्तविक समस्याओं की जानकारी प्राप्त होती है।
जनपद प्रशासन द्वारा लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि शासन की जनहितकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो। समाधान दिवस इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच विश्वास एवं पारदर्शिता को मजबूत किया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों का केवल निस्तारण ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण निस्तारण भी उतना ही आवश्यक है। यदि किसी शिकायत का समाधान स्थायी और संतोषजनक नहीं होगा, तो समस्या पुनः उत्पन्न हो सकती है। इसलिए प्रत्येक शिकायत का गहन परीक्षण कर उचित कार्रवाई की जा रही है।
जनपद की तीनों तहसीलों में आयोजित इस समाधान दिवस ने यह स्पष्ट किया कि प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कुल 90 शिकायतों में से 21 का मौके पर निस्तारण प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। वहीं शेष शिकायतों के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
संपूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि आमजन की समस्याओं का समाधान उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना, उनका समयबद्ध निस्तारण करना तथा शासन की योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करना प्रशासन की निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है। समाधान दिवस जैसे कार्यक्रम जनता और प्रशासन के बीच मजबूत संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और सुशासन की दिशा में प्रभावी कदम साबित हो रहे हैं।