
नई दिल्ली,
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 334 दर्ज किया गया, जो वायु गुणवत्ता की बेहद खराब श्रेणी में आता है। हवा में प्रदूषक तत्वों की बढ़ती मात्रा के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी ग्रैप-2 को लागू कर दिया है। इसके साथ ही प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
राजधानी में हर साल सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप लेने लगती है। इस दौरान मौसम में बदलाव, हवा की धीमी गति, तापमान में गिरावट और वातावरण में नमी बढ़ने के कारण प्रदूषक तत्व लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं। इस बार भी प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बीच प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक इकाइयों का उत्सर्जन और आसपास के राज्यों में पराली जलाने से उठने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल बताए जा रहे हैं।
प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए CAQM ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-2 के तहत निर्धारित उपायों को प्रभावी करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करना और हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकना है। इसके तहत दिल्ली सरकार, नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों और संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़कों की सफाई और पानी के छिड़काव पर जोर
ग्रैप-2 लागू होने के बाद सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रमुख सड़कों, व्यस्त चौराहों और धूल प्रभावित क्षेत्रों में मशीनों के माध्यम से नियमित सफाई कराई जाएगी। इसके साथ ही सड़कों पर पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल को कम किया जा सके। जिन इलाकों में धूल की समस्या अधिक है, वहां एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल भी बढ़ाया जाएगा।
निर्माण स्थलों पर भी निगरानी तेज करने की जरूरत बताई गई है। निर्माण सामग्री को खुले में रखने, मलबा सड़कों पर फैलाने और बिना ढके सामग्री का परिवहन करने जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की व्यवस्था भी प्रदूषण नियंत्रण अभियान का हिस्सा है।
निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने की कोशिश
दिल्ली में वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। ऐसे में ग्रैप-2 के तहत निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे कदम उठाए जाने की व्यवस्था की गई है, ताकि लोग निजी वाहनों के बजाय बस और मेट्रो जैसी सुविधाओं का अधिक इस्तेमाल करें।
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त मेट्रो सेवाएं चलाने और बसों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम करना और यातायात से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना है। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों के समय में बदलाव जैसे उपायों के जरिए व्यस्त समय में सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है।

मौसम की परिस्थितियां भी बढ़ा रही हैं परेशानी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जब हवा की गति कम हो जाती है तो वातावरण में मौजूद धूल और धुएं के कण आसानी से दूर नहीं जा पाते। ठंड बढ़ने के साथ हवा की निचली परतों में प्रदूषक तत्व जमा होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमानों के अनुसार आने वाले दिनों में भी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में बनी रह सकती है।
पराली जलाने से उठने वाला धुआं भी दिल्ली-एनसीआर की हवा को प्रभावित करता है। हालांकि प्रदूषण के लिए किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। स्थानीय स्तर पर वाहनों का धुआं, निर्माण गतिविधियां, औद्योगिक उत्सर्जन और सड़क की धूल भी प्रदूषण में योगदान करते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या से निपटने के लिए सभी स्रोतों पर एक साथ प्रभावी कार्रवाई करना जरूरी है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
वायु प्रदूषण का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है। अस्थमा, एलर्जी और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। प्रदूषण बढ़ने के दौरान बाहर अधिक समय बिताने से बचना चाहिए। खासतौर पर सुबह और शाम के समय, जब प्रदूषण का स्तर अधिक हो सकता है, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से परहेज करना बेहतर है।
जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। बच्चों को खुले मैदानों में लंबे समय तक खेलने से बचाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न, लगातार खांसी या आंखों में अधिक जलन महसूस हो तो चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। घरों और कार्यालयों में भी धूल के प्रवेश को कम रखने तथा प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
दिल्ली में प्रदूषण की समस्या केवल प्रशासनिक कार्रवाई से पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकती। इसके लिए आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। निजी वाहनों का कम इस्तेमाल, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता, कचरा और पत्तियां खुले में न जलाना, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन तथा वाहनों की नियमित प्रदूषण जांच जैसे कदम स्थिति सुधारने में मदद कर सकते हैं।
प्रशासन का लक्ष्य ग्रैप-2 के तहत लागू उपायों के माध्यम से प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना और राजधानी की हवा को सांस लेने योग्य बनाना है। हालांकि इन उपायों का असर तभी दिखाई देगा, जब सभी संबंधित विभाग निर्धारित दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें और नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझें।
गौरतलब है कि AQI का स्तर 301 से 400 के बीच होने पर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब मानी जाती है। दिल्ली में 334 का स्तर इस बात का संकेत है कि राजधानी के लोगों को फिलहाल प्रदूषण से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
Andekhi khabar : सच के सिवा कुछ नहीं