Security arrangements tightened : श्रावण कांवड़ यात्रा के चलते कोटद्वार-दिल्ली हाईवे पर वन-वे व्यवस्था, ट्रकों की लंबी कतारें, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

नजीबाबाद, 31 जुलाई 2026 | श्रावण मास में आयोजित कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा कोटद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। श्रद्धालुओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाईवे पर निर्धारित समय के अनुसार वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत भारी वाहनों, ट्रकों और लोडर वाहनों के आवागमन को समयबद्ध तरीके से नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
वन-वे व्यवस्था लागू होने के बाद निर्धारित समय समाप्त होने पर जलालाबाद और नजीबाबाद क्षेत्र से होकर गुजरने वाले दिल्ली-कोटद्वार नेशनल हाईवे पर हजारों ट्रकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक भारी वाहन खड़े रहे। दूर-दूर तक ट्रकों की लाइनें दिखाई देने से हाईवे का दृश्य पूरी तरह बदल गया। प्रशासन की ओर से सभी वाहनों को निर्धारित समय तक रोककर रखा गया, ताकि कांवड़ियों का जत्था सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ सके।
मौके पर मौजूद ट्रक चालकों ने बताया कि वे पिछले चार से पांच दिनों से लगातार सफर कर रहे हैं। डाइवर्जन और वन-वे व्यवस्था के कारण उन्हें कई स्थानों पर लंबे समय तक रुकना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि श्रावण कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। ऐसे में कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि है। उन्होंने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए धैर्य बनाए रखने की बात कही और कहा कि पहले श्रद्धालुओं का सुरक्षित आवागमन होना चाहिए।
कुछ चालकों ने बताया कि लंबे इंतजार के कारण समय पर माल पहुंचाने में कठिनाई हो रही है, लेकिन इसके बावजूद वे धार्मिक आयोजन के महत्व को समझते हुए सहयोग कर रहे हैं। उनका कहना था कि प्रशासन यदि समय-समय पर ट्रैफिक की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराता रहे तो वाहन चालकों को अपने सफर की बेहतर योजना बनाने में सुविधा होगी।
प्रशासन ने हाईवे पर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। यातायात पुलिस के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन भी पूरे मार्ग पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन और दिशा-निर्देश संबंधी संकेतक लगाए गए हैं, ताकि वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से भारी वाहनों के संचालन के लिए अलग समय निर्धारित किया गया है। इससे एक ओर कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित रहती है, वहीं दूसरी ओर सामान्य यातायात को भी चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है।
हाईवे पर लगातार गश्त की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। चिकित्सा सहायता, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान इस मार्ग पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। इस बार भी बड़ी संख्या में कांवड़ श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य तीर्थस्थलों से जल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में यातायात प्रबंधन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होता है, जिसे व्यवस्थित तरीके से संभालने का प्रयास किया जा रहा है।
कांवड़ियों ने भी प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उनका कहना था कि अलग लेन, पुलिस की तैनाती और ट्रैफिक नियंत्रण के कारण यात्रा अपेक्षाकृत सुरक्षित और सुगम बनी हुई है। श्रद्धालुओं ने वाहन चालकों द्वारा दिए जा रहे सहयोग की भी प्रशंसा की।
प्रशासन ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें। अनावश्यक यात्रा से बचें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आमजन को यथासंभव कम असुविधा पहुंचाना है।
यातायात विभाग लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और आवश्यकता के अनुसार रूट प्लान में बदलाव भी किए जा रहे हैं। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से विभिन्न स्थानों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ट्रैफिक संचालन किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे कांवड़ियों का दबाव कम होगा, भारी वाहनों का संचालन भी सामान्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
श्रावण कांवड़ यात्रा उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान करते हैं। ऐसे विशाल आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और जनसुविधाओं का बेहतर समन्वय प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार भी व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
फिलहाल कोटद्वार-दिल्ली नेशनल हाईवे पर वन-वे व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ट्रक चालक भी सहयोग की भावना के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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