Training begins : ग्राम दोई में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू ?

Training begins : ग्राम दोई में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
Training begins : ग्राम दोई में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

हापुड़, 28 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत बुधवार को हापुड़ जनपद के ग्राम दोई में दो दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन ग्राम प्रधान राम अवतार सिंह ने फीता काटकर किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीणों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसरों से परिचित कराना तथा उन्हें अपना उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में ग्रामीणों को योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित इकाई स्थापित करके वे रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकते हैं और अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान योजना के उद्देश्यों, खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्यम स्थापित करने के तरीकों पर जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिल सकता है। इसके माध्यम से किसान, बेरोजगार युवा और अन्य इच्छुक ग्रामीण अपनी क्षमता एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुसार स्वरोजगार शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

खाद्य प्रसंस्करण से स्वरोजगार के नए अवसर

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी हापुड़ विजेंद्र सिंह ने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और लोगों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। कृषि उत्पादों को उपयोगी खाद्य पदार्थों में परिवर्तित करके उनका मूल्य बढ़ाया जा सकता है। इससे न केवल ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक लाभ मिल सकता है, बल्कि स्थानीय कृषि उत्पादों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलता है।

खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित छोटी इकाइयों की स्थापना करके ग्रामीण अपने क्षेत्र में ही रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए इच्छुक लोगों को व्यवसाय की प्रकृति, उपलब्ध संसाधनों, आवश्यक उपकरणों और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार करनी चाहिए। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को इन पहलुओं से परिचित कराना और उन्हें उद्यम स्थापना के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।

पात्र लाभार्थियों को एक लाख रुपये तक के अनुदान की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता के बारे में भी बताया गया। प्रभारी विजेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित इकाई स्थापित करने वाले पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार एक लाख रुपये तक का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने ग्रामीणों को योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इच्छुक लोगों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में व्यवसाय की संभावनाओं को समझना चाहिए और निर्धारित पात्रता शर्तों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। अनुदान से पात्र लाभार्थियों को अपनी इकाई स्थापित करने में आर्थिक सहायता मिल सकती है।

योजना के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। इससे वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। हालांकि, अनुदान का लाभ संबंधित नियमों, पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही दिया जाएगा।

Training begins : ग्राम दोई में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
Training begins : ग्राम दोई में मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

प्रशिक्षण में विभिन्न विषयों पर दी गई जानकारी

ग्राम दोई में आयोजित इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले उसकी मांग, लागत और उपलब्ध बाजार का आकलन करना जरूरी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण से संबंधित इकाइयां स्थापित करने से स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सकता है। इसके साथ ही ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही काम करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। प्रशिक्षण के माध्यम से इच्छुक प्रतिभागियों को इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को पहचानने और व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों को आवश्यक प्रशिक्षण सामग्री भी वितरित की गई। अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षण सामग्री और योजना संबंधी जानकारी का उपयोग करके प्रतिभागी खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपनी समझ विकसित कर सकते हैं। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान की जाएगी।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से योजना का लाभ उठाने का किया आह्वान

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रभारी परमेंद्र कुमार, सेवानिवृत्त प्रभारी रूपकिशोर शर्मा, डीआरपी अनीता तथा प्रभारी हापुड़ विजेंद्र सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने ग्रामीणों को योजना के बारे में जानकारी देने और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण और योजनाओं की जानकारी महत्वपूर्ण है। यदि इच्छुक ग्रामीण खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का सही ढंग से उपयोग करें, तो वे अपने लिए रोजगार के साधन विकसित कर सकते हैं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी योगदान दे सकते हैं।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त करें, प्रशिक्षण में बताई गई बातों को समझें और पात्रता के अनुसार उपलब्ध सहायता का लाभ उठाकर अपनी इकाई स्थापित करने की दिशा में प्रयास करें।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल

ग्राम दोई में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं से जोड़ने की पहल है। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकता है। साथ ही, लोगों को रोजगार के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।

मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण से ग्रामीणों को अपना व्यवसाय शुरू करने की दिशा में उपयोगी जानकारी मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को बताया गया कि सही प्रशिक्षण, योजना की जानकारी और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी करने और प्राप्त जानकारी का उपयोग व्यावहारिक रूप से करने का आह्वान किया। ग्राम दोई में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीणों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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