UP News: सचिव अब नहीं लगा सकेंगे गायब होने की हाजिरी, जिओ टैग अपलोड ना किया तो कटेगा वेतन

संभल। अब ऐप के जरिए पंचायत सचिवों की उपस्थिति डिजिटल निगरानी में रहेगी। सभी सचिवों को हर दिन जिओ टैग के साथ ऐप पर लागिन करना अनिवार्य किया गया है।
यह जिला प्रशासन की डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में नई पहल है, जिससे योजनाएं, सेवाएं और शिकायतें एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी। अब सचिवों की उपस्थिति की समीक्षा भी जिला स्तर से की जाएगी, जिससे कार्यक्षेत्र में उनकी सक्रियता सुनिश्चित हो सके।
संभल संवाद ऐप के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डा. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समस्त ग्राम सचिव, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) और खंडप्रेरकों को शामिल किया गया।
प्रशिक्षण में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी प्रभात मिश्रा ने ऐप की उपयोगिता और कार्यप्रणाली समझाई। बताया गया कि यह ऐप मोबाइल फर्स्ट डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में संभल प्रशासन की अभिनव पहल है, जिससे जनपदवासी शासकीय योजनाओं, सेवाओं, कार्यक्रमों, अधिकारियों की डायरेक्टरी, हेल्पलाइन नंबर और कार्यालयों की जिओ लोकेशन आदि जानकारियां सीधे मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।
नागरिक इस ऐप के माध्यम से भ्रष्टाचार की शिकायत, जनता दर्शन की आनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं। सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे इस ऐप पर प्रतिदिन जिओ टैग उपस्थिति दर्ज करें, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम सचिव और लेखपाल संबंधित ग्राम पंचायत में ही निवास करें और बिना खंड विकास अधिकारी की अनुमति के पंचायत न छोड़ें।
साथ ही प्रतिदिन 670 ग्राम पंचायतों में फैमिली आईडी और फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कराया जाए और संतोषजनक प्रगति न होने पर संबंधित कर्मचारियों को शाम आठ बजे जिला मुख्यालय बुलाया जाए, आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं और जरूरत पड़ने पर ‘नो वर्क नो पे’ के आधार पर वेतन कटौती की कार्रवाई हो।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा, जिला विकास अधिकारी राम आशीष, एडीपीआरओ सीपी सिंह, डीपीएम, एनआईसी टीम व सभी पंचायत कार्मिक मौजूद रहे।