Fraudster arrested : नोएडा में फर्जी नौकरी का खुलासा, महिला सहित 6 शातिर जालसाज गिरफ्तार

नोएडा सेक्टर-73 से एक बड़ी फर्जीवाड़ा मामला सामने आया है, जिसमें देश-विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगी करने वाले 6 शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह में 4 महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने पुरुषों के साथ मिलकर लाखों रुपये का नुकसान किया। नोएडा एडीसीपी ने प्रेस वार्ता कर इस पूरे मामले का खुलासा किया।
सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर अपने जाल को फैलाता था। उन्होंने नौकरी पाने के इच्छुक लोगों को आकर्षित करने के लिए हायरिंग का विज्ञापन डाला। इन विज्ञापनों में आकर्षक वेतन और आकर्षक जॉब प्रोफाइल का लालच देकर लोगों को फंसा लिया जाता था।
पीड़ितों का कहना है कि उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक की ठगी की गई। इसके लिए आरोपी नकली दस्तावेज़, चेकबुक और मोहर का इस्तेमाल करते थे, ताकि वे अधिक विश्वसनीय दिखाई दें। जालसाज अपने कार्यालय से पूरे नेटवर्क को संचालित करते थे और ऑनलाइन माध्यम से पीड़ितों को लगातार झांसा देते थे।
नोएडा एडीसीपी ने बताया कि यह गिरोह सेक्टर-73 स्थित अपने ऑफिस से देश-विदेश में लोगों को झांसा देता था। उनके कब्जे से 7 मोबाइल फोन और 5 लैपटॉप, कई चार्जर, केबल, मोहर, चेकबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। यह सभी उपकरण और दस्तावेज उनके फर्जीवाड़े और नेटवर्क संचालन में इस्तेमाल हो रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह केवल भारतीय नागरिकों को ही नहीं, बल्कि विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को भी अपने जाल में फंसाता था। सोशल मीडिया पर विज्ञापन डालकर और आकर्षक नौकरी ऑफर दिखाकर वे लोगों का भरोसा जीतते और फिर उनसे अग्रिम भुगतान के नाम पर पैसे वसूलते।
प्रेस वार्ता में एडीसीपी ने बताया कि यह गिरोह महिला और पुरुष मिलकर काम करते थे। महिलाएं अपने आकर्षण और भरोसे के बल पर लोगों को फंसाती थीं, जबकि पुरुष फर्जी दस्तावेज़ और लेन-देन को संभालते थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर लोगों को लगातार झांसा दिया और बड़ी संख्या में ठगी की।

नोएडा पुलिस ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले पिछले कुछ सालों से बढ़ रहे हैं। लोग आकर्षक विज्ञापन देखकर आसानी से फंस जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी नौकरी या हायरिंग के विज्ञापन को देखकर सीधे पैसे न भेजें और पहले उसके वैरिफिकेशन की जांच करें।
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपनी वारदातों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर विज्ञापन डालने के बाद वे उम्मीदवारों से संपर्क करते थे और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे वसूलते थे। कई बार उन्होंने नकली जॉब ऑफर लेटर, ट्रेनिंग फीस और अन्य शुल्क वसूलने के बहाने लोगों को ठगते थे।
एडीसीपी ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों के अन्य सहयोगी और नेटवर्क के सदस्य भी गिरफ्तार किए जा सकते हैं। इस तरह के गिरोह आम जनता के लिए खतरा हैं, इसलिए पुलिस की सतर्कता और सहयोग जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे गिरोह लोगों के विश्वास और आर्थिक स्थिति का फायदा उठाते हैं। यह जरूरी है कि लोग नौकरी के लिए विज्ञापन देखते समय सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार के अग्रिम भुगतान से पहले सत्यापन करें।
इस मामले में नोएडा पुलिस ने यह भी कहा कि सभी लोग सोशल मीडिया पर नौकरी के विज्ञापन और हायरिंग ऑफर को गंभीरता से जांचें। अगर किसी को संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। इससे ऐसे गिरोहों को पकड़ने में मदद मिलेगी और आम जनता सुरक्षित रहेगी।
नोएडा एडीसीपी ने प्रेस वार्ता में यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मिले उपकरण और दस्तावेजों की जांच चल रही है। इसके माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को ठगा और कुल कितना पैसा हड़प लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है और जल्द ही सभी पीड़ितों के हित में कार्रवाई करेगी।
ग्रामीण और शहर के लोग इस मामले से चौकन्ने हो गए हैं। सोशल मीडिया पर नौकरी पाने के इच्छुक युवाओं में भी सतर्कता बढ़ गई है। यह मामला स्पष्ट करता है कि फर्जी नौकरी और ठगी के गिरोह अब तकनीक और सोशल मीडिया का उपयोग कर लोगों को आसानी से फंसा रहे हैं।
अंततः, नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले कोई भी गिरोह सुरक्षित नहीं हैं। एडीसीपी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी नौकरी ऑफर या हायरिंग विज्ञापन के प्रति सतर्क रहें और किसी भी प्रकार का अग्रिम भुगतान करने से पहले उसके वैरिफिकेशन की जांच अवश्य करें।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_cZ
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता