Lord Parashurama Jayanti : अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा, हवन, पूजा और शोभायात्राओं के साथ मनाई

आज पावन पर्व अक्षय तृतीया के अवसर पर भगवान परशुराम के प्रकट उत्सव को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ विभिन्न स्थानों पर मनाया गया। यह दिन सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसे अक्षय पुण्य प्रदान करने वाला दिन माना जाता है और इसी दिन भगवान परशुराम का अवतरण हुआ था।
सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई थी। सर्वोदय इंटर कॉलेज, पिलखुवा में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इसके बाद नगर महामंत्री संजीव शर्मा जी के कार्यालय पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा, जहां भगवान परशुराम के जयकारों के साथ भक्तों ने उत्सव की शुरुआत की।
पिलखुवा में ही सौरभ शर्मा जी द्वारा आयोजित स्वागत कैंप में श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया गया। यहां आने वाले सभी भक्तों को प्रसाद वितरण के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
इसके उपरांत चंडी मंदिर में भगवान परशुराम के नाम से हवन और विशेष पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक हो गया, और उपस्थित श्रद्धालुओं ने आहुति देकर सुख-समृद्धि की कामना की।
ग्राम सोलने में भी भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जहां ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस पर्व को मनाया। इसी प्रकार ग्राम सामान्य में श्याम पंडित द्वारा पूजा-अर्चना और गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित धर्म के सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गाजियाबाद के संजय नगर क्षेत्र में भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और “जय भगवान परशुराम” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। शोभायात्रा के दौरान विभिन्न झांकियों के माध्यम से भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों को दर्शाया गया।
इसके अलावा ग्राम कस्तला में भी भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना बड़े ही श्रद्धा भाव से संपन्न हुई। यहां उपस्थित भक्तों को प्रसाद ग्रहण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिससे पूरे वातावरण में भक्तिमय ऊर्जा का संचार हुआ।
भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, जिन्होंने अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए अवतार लिया था। वे ब्राह्मण शक्ति और क्षत्रिय पराक्रम के अद्वितीय संगम के प्रतीक हैं। उनके जीवन से हमें सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

अक्षय तृतीया के दिन किए गए पुण्य कार्यों का विशेष महत्व होता है। इस दिन दान, पूजा, हवन और सत्संग करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि इस दिन भगवान परशुराम जयंती को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
आज के इन विभिन्न आयोजनों ने समाज को एकजुट करने और धार्मिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य किया। लोगों ने न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।
समापन में सभी श्रद्धालुओं ने एक स्वर में “जय भगवान परशुराम” का उद्घोष किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि धर्म, सत्य और न्याय की राह पर चलकर ही समाज में शांति और समृद्धि लाई जा सकती है।
इस प्रकार अक्षय तृतीया का यह पावन दिन भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सभी के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार कर गया।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता