Allegations and Questions : अवैध शराब कारोबार के विरोध में संगठन का प्रदर्शन, आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप और सवाल ?

Allegations and Questions : अवैध शराब कारोबार के विरोध में संगठन का प्रदर्शन, आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप और सवाल

Allegations and Questions : अवैध शराब कारोबार के विरोध में संगठन का प्रदर्शन, आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप और सवाल
Allegations and Questions : अवैध शराब कारोबार के विरोध में संगठन का प्रदर्शन, आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप और सवाल

दमोह, मध्य प्रदेश। जिले में बढ़ते अवैध शराब कारोबार और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर अब सामाजिक संगठनों का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। सोमवार को भगवती मानव कल्याण संगठन की शाखा दमोह ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए जिले में संचालित शराब दुकानों, अवैध शराब बिक्री और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर आरोप लगाए। संगठन ने दावा किया कि जिले की विभिन्न तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है तथा यह सब आबकारी विभाग की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हो सकता।

संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा शराब दुकानों के संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। कई स्थानों पर शराब दुकानें तय समय से पहले खोली जाती हैं और देर रात तक संचालित होती रहती हैं। इससे न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि गांवों और कस्बों का सामाजिक वातावरण भी बिगड़ता जा रहा है।

भगवती मानव कल्याण संगठन का कहना है कि अवैध शराब कारोबार अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि गांव-गांव तक फैल चुका है। संगठन ने आरोप लगाया कि शराब ठेकेदारों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब पहुंचाकर बिक्री कराई जा रही है। इससे युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है और ग्रामीण परिवारों पर गंभीर सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है।

ज्ञापन में संगठन ने कई महत्वपूर्ण मांगें प्रशासन के सामने रखीं। संगठन ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अवैध शराब परिवहन करते हुए पकड़ा जाता है, तो केवल वाहन चालक या कर्मचारी पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए मुख्य ठेकेदार और शराब विक्रेता को भी सह आरोपी बनाया जाना चाहिए, ताकि अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचा जा सके।

संगठन ने यह भी मांग की कि स्कूलों, मंदिरों, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों के आसपास संचालित शराब दुकानों को तत्काल हटाकर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। संगठन के अनुसार ऐसे संवेदनशील स्थानों के पास शराब दुकानें होने से सामाजिक वातावरण खराब होता है और बच्चों एवं युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

ज्ञापन में शराब दुकानों की पारदर्शिता बढ़ाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। संगठन ने कहा कि प्रत्येक शराब दुकान पर उपलब्ध स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए। साथ ही वहां कार्यरत कर्मचारियों के नाम और फोटो भी लगाए जाएं, ताकि किसी भी अनियमितता की स्थिति में जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान आसानी से हो सके।

संगठन ने यह भी मांग रखी कि जिन व्यक्तियों का आपराधिक रिकॉर्ड हो, उन्हें शराब दुकानों में काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि कई बार आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शराब कारोबार से जुड़े रहते हैं, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

Allegations and Questions : अवैध शराब कारोबार के विरोध में संगठन का प्रदर्शन, आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप और सवाल
Allegations and Questions : अवैध शराब कारोबार के विरोध में संगठन का प्रदर्शन, आबकारी विभाग पर गंभीर आरोप और सवाल

भगवती मानव कल्याण संगठन ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में मांग की गई कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की शिकायत मिलती है और कार्रवाई नहीं होती, तो संबंधित पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। संगठन का कहना है कि केवल छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय करनी होगी।

संगठन ने प्रशासन से 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम और सार्वजनिक हेल्पलाइन नंबर जारी करने की भी मांग की, ताकि आम नागरिक अवैध शराब बिक्री की सूचना तुरंत दे सकें और उस पर त्वरित कार्रवाई हो सके। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि कई बार लोग शिकायत करना चाहते हैं, लेकिन उचित माध्यम और त्वरित कार्रवाई न होने के कारण वे आगे नहीं आते।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन ने अपने नशामुक्ति अभियान का भी उल्लेख किया। संगठन का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से जिले में नशामुक्ति के लिए अभियान चला रहा है और अब तक 200 से अधिक ग्राम पंचायतों में नशामुक्ति के प्रस्ताव पारित कराए जा चुके हैं। इसके बावजूद गांवों में दोबारा अवैध शराब पहुंचाई जा रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

संगठन ने ग्राम देवरान का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां ग्रामीणों के विरोध के बाद शराब दुकान को सील किया गया था, लेकिन बाद में सील तोड़कर शराब की सप्लाई दोबारा शुरू कर दी गई। संगठन का कहना है कि यदि यह आरोप सही हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

इस दौरान संगठन की कार्यकर्ता एवं भारतीय शक्ति चेतन पार्टी किसान मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिंह राजपूत ने कलेक्टर नारायण प्रताप यादव से मुलाकात कर जिले में बढ़ रहे अवैध शराब कारोबार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जहां का लाइसेंस दिया गया है, उन्हें केवल उसी क्षेत्र में शराब बिक्री की अनुमति होनी चाहिए। लेकिन वर्तमान में गांवों तक अवैध रूप से शराब पहुंचाई जा रही है, जिससे सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं।

कलेक्टर नारायण प्रताप यादव ने संगठन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि प्रशासन जल्द ही विशेष अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध शराब बिक्री पर नियंत्रण के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा, ताकि शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिले के सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यों का जिम्मेदारी और ईमानदारी से पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संगठन के कार्यकर्ताओं ने आबकारी विभाग के अधिकारियों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि पूरी निष्पक्षता से जांच कराई जाए, तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। उनका आरोप है कि विभागीय स्तर पर मिलीभगत के कारण ही अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है।

अंत में भगवती मानव कल्याण संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि यदि भविष्य में कानून व्यवस्था बिगड़ती है या जनआंदोलन होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

जिले में बढ़ते अवैध शराब कारोबार को लेकर उठे ये सवाल अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन संगठन की मांगों पर कितना प्रभावी कदम उठाता है और अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने में कितना सफल हो पाता है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

Demands for action intensify : नितेश राणे के बयान के खिलाफ AIMIM का कलेक्ट्रेट में ज्ञापन, कार्रवाई की मांग तेज

Demands for action intensify : नितेश राणे के बयान के खिलाफ AIMIM का कलेक्ट्रेट में ज्ञापन, कार्रवाई की मांग तेज ?

Demands for action intensify : नितेश राणे के बयान के खिलाफ AIMIM का कलेक्ट्रेट में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *