International Yoga Day : बृजघाट गंगा तट पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन, स्वच्छता संदेश प्रसारित

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद हापुड़ के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बृजघाट, गंगा तट पर वन विभाग द्वारा एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राकृतिक वातावरण, पवित्र गंगा तट और उत्साह से भरे प्रतिभागियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ गंगा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। योग और पर्यावरण संरक्षण के इस अनूठे संगम ने उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराया।
गढ़मुक्तेश्वर रेंज के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में वन विभाग, 38 यूपी बी.एन. एनसीसी तथा नगर पालिका परिषद गढ़मुक्तेश्वर ने संयुक्त रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, एनसीसी कैडेट्स, वन कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन गंगा के पवित्र तट बृजघाट पर किया गया, जहां सुबह का शांत और प्राकृतिक वातावरण योगाभ्यास के लिए अत्यंत अनुकूल था। गंगा की निर्मल धारा और हरियाली से घिरे वातावरण में सामूहिक योगाभ्यास ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और प्रेरणादायक स्वरूप प्रदान किया। योग के माध्यम से प्रतिभागियों ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ प्रकृति के प्रति अपने जुड़ाव को भी अनुभव किया।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर श्री अजीत सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी हापुड़ श्री गौतम सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री करन सिंह, नगर पालिका परिषद गढ़मुक्तेश्वर की अधिशासी अधिकारी श्रीमती पवित्रा त्रिपाठी तथा जिला गंगा समिति के नामित सदस्य एवं पर्यावरणविद् श्री भारत भूषण गर्ग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा 38 यूपी बी.एन. एनसीसी के कैडेट्स, वन विभाग का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों ने “नमामि गंगे” अंकित सफेद टी-शर्ट और टोपी धारण कर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूकता का परिचय दिया। एक समान परिधान में उपस्थित प्रतिभागियों का दृश्य आकर्षक एवं प्रेरणादायक था। इससे कार्यक्रम में एकता, अनुशासन और सामूहिक भावना का सुंदर प्रदर्शन देखने को मिला।
योग प्रशिक्षक श्री प्रदीप कुमार, योग प्रशिक्षिका सुश्री हंसिका, योग प्रशिक्षक श्री तनिश चौधरी एवं श्री नितिन ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। प्रशिक्षकों ने योगाभ्यास की प्रत्येक प्रक्रिया को विस्तार से समझाया तथा उसके लाभों के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों ने गहरी रुचि और उत्साह के साथ योगाभ्यास किया।
योग प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता है। योग व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, तनाव को कम करता है तथा मानसिक एकाग्रता में वृद्धि करता है। उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में योग एक ऐसी विधा है, जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से संतुलित बनाए रखने में मदद करती है।

कार्यक्रम के दौरान प्राणायाम और ध्यान पर विशेष बल दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, शरीर में ऊर्जा का संचार करने और मानसिक तनाव को कम करने में अत्यंत सहायक है। वहीं ध्यान व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है। प्रतिभागियों ने इन अभ्यासों का अनुभव करते हुए योग के महत्व को गहराई से समझा।
योगाभ्यास के पश्चात जिला गंगा समिति के नामित सदस्य एवं पर्यावरणविद् श्री भारत भूषण गर्ग ने उपस्थित सभी लोगों को मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन का आधार है। इसकी स्वच्छता और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शपथ कार्यक्रम के दौरान लगभग 250 योगाभ्यर्थियों ने गंगा में किसी प्रकार की गंदगी न डालने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा गंगा स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने यह भी प्रतिज्ञा की कि वे अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि योग और पर्यावरण दोनों का मानव जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। स्वस्थ शरीर और स्वस्थ पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि व्यक्ति स्वयं स्वस्थ रहेगा और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखेगा, तभी समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव होगा।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहने चाहिए। योग और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वन विभाग भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा ताकि लोगों में स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कैडेट्स ने पूरे अनुशासन और समर्पण के साथ योगाभ्यास किया तथा स्वच्छता अभियान के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। युवाओं की इस सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग है।
नगर पालिका परिषद गढ़मुक्तेश्वर द्वारा भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। परिषद द्वारा स्वच्छता, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया गया, जिससे प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
कार्यक्रम के दौरान “योग से निरोग” तथा “स्वस्थ भारत, स्वच्छ गंगा” जैसे प्रेरणादायक संदेशों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। इन संदेशों के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण दोनों एक बेहतर भविष्य की नींव हैं। योग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाता है, जबकि स्वच्छ पर्यावरण समाज को स्वस्थ और समृद्ध बनाता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल योगाभ्यास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का एक व्यापक अभियान बनकर सामने आया। गंगा तट पर आयोजित इस आयोजन ने प्रतिभागियों को योग के लाभों से परिचित कराने के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने, पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने तथा गंगा की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल योग दिवस की गरिमा के अनुरूप रहा, बल्कि समाज में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक चेतना जगाने में भी सफल सिद्ध हुआ। वन विभाग, एनसीसी और नगर पालिका परिषद के संयुक्त प्रयासों से आयोजित यह कार्यक्रम जनपद हापुड़ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रमुख आयोजनों में से एक रहा और लंबे समय तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा।