Search underway : चूरू के 1200 साल पुराने जैन मंदिर चोरीकांड का खुलासा, तीन अंतरराज्यीय आरोपी गिरफ्तार, तलाश जारी

जयपुर/चूरू। राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर कस्बे स्थित लगभग 1200 वर्ष पुराने श्री शीतलनाथ जैन मंदिर से अष्टधातु की प्राचीन प्रतिमाओं की चोरी के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए तीन अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा गुरुवार को पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने तारानगर पहुंचकर किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जैन समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक, थानाधिकारी और पूरी पुलिस टीम का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा मामले का शीघ्र खुलासा करने पर उनका आभार व्यक्त किया।
यह चोरी की घटना 28 जून की रात हुई थी, जब अज्ञात चोर तारानगर के मुख्य बाजार स्थित ऐतिहासिक श्री शीतलनाथ जैन मंदिर में प्रवेश कर जैन तीर्थंकरों की प्राचीन अष्टधातु प्रतिमाएं चोरी कर ले गए। घटना का पता अगले दिन सुबह उस समय चला जब मंदिर के पुजारी नियमित पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। मंदिर में प्रतिमाएं गायब देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद तारानगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया। पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम के निर्देशन में टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्य जुटाने का कार्य प्रारंभ किया। चूंकि चोरी ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व की प्रतिमाओं से संबंधित थी, इसलिए जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही विभिन्न टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों का रिकॉर्ड भी एकत्र किया गया। तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध कार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जो घटना के बाद अलग-अलग टोल नाकों से गुजरती हुई दर्ज हुई थी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।
वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस टीम ने विभिन्न राज्यों में समन्वय स्थापित करते हुए संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इजराइल पुत्र इस्माइल (54 वर्ष), निवासी मथुरा, विनोद शर्मा उर्फ लोटी पोप (49 वर्ष), निवासी मथुरा तथा नित्यानंद बासनी (76 वर्ष), निवासी दिल्ली के रूप में की गई है।
पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे चोरी की पूरी साजिश, अन्य संभावित सहयोगियों तथा चोरी की गई अष्टधातु प्रतिमाओं के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि चोरी हुई प्राचीन प्रतिमाओं की बरामदगी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विशेष टीमें मध्य प्रदेश सहित अन्य संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चोरी की गई प्रतिमाओं को कहीं छिपाया गया है या उन्हें अवैध रूप से बेचने अथवा तस्करी करने की योजना बनाई गई थी।
हालांकि पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन चोरी हुई प्रतिमाओं की बरामदगी अभी शेष है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। यदि इस वारदात में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले के खुलासे के बाद पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम, थानाधिकारी सतपाल बिश्नोई तथा अन्य पुलिस अधिकारी श्री शीतलनाथ जैन मंदिर पहुंचे। यहां जैन समाज के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने उनका स्वागत किया। समाज के लोगों ने पुलिस टीम का माल्यार्पण कर सम्मान किया और कम समय में आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की सराहना की।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर भी है। ऐसे में चोरी की घटना से समाज में गहरा दुख और चिंता का माहौल था। आरोपियों की गिरफ्तारी से लोगों में विश्वास बढ़ा है, हालांकि सभी की अपेक्षा है कि चोरी हुई प्राचीन प्रतिमाएं भी जल्द सुरक्षित बरामद हो जाएं।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्राचीन मंदिरों से अष्टधातु और ऐतिहासिक प्रतिमाओं की चोरी के मामलों में अक्सर अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय पाए जाते हैं। ऐसी प्रतिमाओं का ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक होता है, जिसके कारण उनकी अवैध तस्करी की आशंका भी बनी रहती है। इसी वजह से ऐसे मामलों की जांच में स्थानीय पुलिस के साथ अन्य एजेंसियों का भी समन्वय महत्वपूर्ण माना जाता है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। चोरी की गई प्रतिमाओं की बरामदगी तथा पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक जांच जारी रहेगी। बरामदगी और आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास चोरी हुई प्रतिमाओं या आरोपियों से संबंधित कोई उपयोगी जानकारी हो तो वह तत्काल पुलिस को सूचित करे। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इस पूरे मामले में यह स्पष्ट हुआ कि तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा के रिकॉर्ड और विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस चोरी हुई प्राचीन अष्टधातु प्रतिमाओं की सुरक्षित बरामदगी और इस वारदात से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है। मामले की जांच जारी है और आगे की प्रगति पुलिस की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता