Program : हापुड़ में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुभारंभ, शिक्षकों को हेल्थ कार्ड और डीबीटी लाभ मिला कार्यक्रम

हापुड़। उत्तर प्रदेश सरकार की शिक्षकों के कल्याण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को समर्पित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ तथा डीबीटी वितरण कार्यक्रम के अवसर पर बुधवार को हापुड़ के कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने लाभार्थी शिक्षकों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित की। साथ ही शिक्षकों के वेतन खातों को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) की जानकारी भी साझा की गई।
समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी कविता मीना ने की। विशिष्ट अतिथियों में जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा हूणा तथा भाजपा जिलाध्यक्ष कविता माधरे शामिल रहीं। कार्यक्रम का आयोजन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. श्वेता पूठिया के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री के वाराणसी से संबोधन के सजीव प्रसारण के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित शिक्षकों ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों के हित में शुरू की गई नई योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री द्वारा बटन दबाकर पात्र शिक्षकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित किए जाने का सीधा प्रसारण भी समारोह में दिखाया गया। इससे उपस्थित शिक्षकों में उत्साह का वातावरण दिखाई दिया।
इसके उपरांत अतिथियों ने माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों को कैशलेस हेल्थ कार्ड वितरित किए। हेल्थ कार्ड प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने इसे शिक्षकों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्य अतिथि सूर्य प्रकाश पाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में परिषदीय विद्यालयों के बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कायाकल्प योजना के माध्यम से विद्यालयों में भवन, शौचालय, पेयजल, विद्युत, फर्नीचर, खेल सामग्री तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण आज अनेक सरकारी विद्यालय आधुनिक सुविधाओं के मामले में निजी कॉन्वेंट विद्यालयों को भी चुनौती दे रहे हैं।

उन्होंने शिक्षकों की भूमिका पर बल देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का आधार होती है। यदि शिक्षक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तो आने वाली पीढ़ी को बेहतर नागरिक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
जिलाधिकारी कविता मीना ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक परिस्थितियों में उन्हें आर्थिक चिंता कम होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जब शिक्षक स्वस्थ और मानसिक रूप से निश्चिंत रहेंगे, तब वे और अधिक समर्पण के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित कर सकेंगे। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, अनुभव और नैतिक मूल्यों के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करें तथा उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाला नागरिक बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा हूणा ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने शिक्षकों को नई योजना का लाभ उठाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष कविता माधरे ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण और उपयोगी पहल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी चिंता दूर होने से शिक्षक अपने शैक्षणिक दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। उन्होंने सरकार की विभिन्न शिक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की भी सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को हेल्थ कार्ड वितरण के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना तथा चिकित्सा सेवाओं तक उनकी पहुंच को सरल बनाना है। साथ ही डीबीटी प्रणाली के माध्यम से लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाने से पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित होती हैं।
समारोह का संचालन अंजू तोमर एवं अंजू आजाद ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का सुव्यवस्थित संचालन करते हुए उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत किया। अंत में जिलाधिकारी कविता मीना ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, शिक्षकों तथा आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर शिक्षाविद विपिन चौहान, श्वेता गुप्ता, डॉ. सुमन अग्रवाल, पूजा मित्तल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा और उपस्थित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना तथा डीबीटी व्यवस्था को शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। समारोह का समापन शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य, बेहतर स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के संकल्प के साथ हुआ।