Police officer injured : गोरखपुर में एसटीएफ-पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान ढेर, मुख्य आरक्षी घायल

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता मिली है। खोराबार थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये का इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू मारा गया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल से एक 32 बोर की पिस्टल, एक मोटरसाइकिल तथा भारी मात्रा में खोखा कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को प्रदेश में वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने तथा अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित कई मामले दर्ज थे। वह लगातार फरार चल रहा था, जिसके चलते उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस और एसटीएफ को उसके गोरखपुर क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर संयुक्त अभियान चलाया गया।
जानकारी के अनुसार, खुफिया सूचना मिलने के बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने खोराबार थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान पुलिस टीम का सामना एक संदिग्ध व्यक्ति से हुआ। पुलिस का कहना है कि रुकने के संकेत दिए जाने पर उसने भागने का प्रयास किया और कथित रूप से पुलिस टीम पर गोलीबारी की। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुस्तफिजुल रहमान गंभीर रूप से घायल हो गया।
मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराते हुए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
घायल मुस्तफिजुल रहमान को भी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच कराई गई और बरामद हथियार, कारतूस तथा अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, मुस्तफिजुल रहमान आजमगढ़ जनपद के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुदनपुर गांव का निवासी था। उसके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, पुलिस हिरासत से फरार होने सहित लगभग दस आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि उसके आपराधिक इतिहास का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है और विभिन्न जिलों में दर्ज मामलों का रिकॉर्ड भी एकत्र किया जा रहा है।
मौके से बरामद 32 बोर की पिस्टल और मोटरसाइकिल की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार का उपयोग किन-किन घटनाओं में किया गया था और बरामद मोटरसाइकिल किसी आपराधिक वारदात में प्रयुक्त हुई थी या नहीं। बैलिस्टिक जांच और अन्य फॉरेंसिक परीक्षणों के माध्यम से इन पहलुओं की पुष्टि की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस मुठभेड़ के बाद यह भी जांच की जाएगी कि मुस्तफिजुल किन लोगों के संपर्क में था और क्या वह किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था। उसके मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और अन्य उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण कर उसके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। यदि जांच में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि प्रदेश में संगठित अपराध और वांछित अपराधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे अभियानों का उद्देश्य गंभीर अपराधों में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर की जाती है और प्रत्येक मामले में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुठभेड़ की सूचना मिलते ही क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके की घेराबंदी की गई और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद स्थिति सामान्य कराई गई। पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस मुठभेड़ से जुड़े मामलों में नियमानुसार मजिस्ट्रियल जांच, साक्ष्यों का संग्रह, फॉरेंसिक परीक्षण और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होती हैं। इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य घटना के सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में इस मामले में भी संबंधित प्रावधानों के अनुसार आवश्यक जांच की जाएगी।
अधिकारियों ने घायल मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि पुलिस बल अपने कर्मियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी उपाय करता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अपराध नियंत्रण के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे और गंभीर अपराधों में वांछित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में हुई यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में अपराधियों के विरुद्ध चल रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। हालांकि इस प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम रूप से होगी। फिलहाल पुलिस बरामद साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है और मामले के प्रत्येक पहलू की विस्तृत जांच जारी है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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