
हापुड़, 5 अगस्त 2026। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में मंगलवार सुबह हापुड़ में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 200 किलोग्राम संदिग्ध एवं प्रथम दृष्टया मिलावटी प्रतीत हो रहे पनीर को नष्ट करा दिया। विभाग की इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी के निर्देशों पर सहायक आयुक्त (खाद्य)-II हापुड़ चन्द्र शेखर मिश्र के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह विशेष चेकिंग अभियान चलाया। यह अभियान टोडलपुर-सिंभावली मार्ग पर संचालित किया गया, जहां कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। सुबह लगभग आठ बजे टीम ने पनीर से लदी एक पिकअप गाड़ी को रोककर उसकी जांच की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पनीर बड़े ड्रमों में रखा गया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि पनीर को स्वच्छ और सुरक्षित परिस्थितियों में नहीं रखा गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार पनीर के भंडारण की स्थिति खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थी और प्रथम दृष्टया उसमें मिलावट की आशंका भी दिखाई दी। ऐसे में विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे स्टॉक को अपने कब्जे में ले लिया।
जांच में यह भी पता चला कि पनीर टोडलपुर निवासी जमील का बताया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा टीम ने नियमानुसार मौके पर ही पनीर के दो नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को सीलबंद कर परीक्षण के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेज दिया गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि पनीर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुरूप है या उसमें किसी प्रकार की मिलावट की गई थी।
विभाग ने जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाया। अधिकारियों ने लगभग 200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर को मौके पर ही नष्ट कराने का निर्णय लिया। इसके लिए जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाया गया और पूरी मात्रा में पनीर को उसमें दबाकर नष्ट कर दिया गया। विभाग के अनुसार नष्ट किए गए पनीर की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 44 हजार रुपये आंकी गई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं और रास्ते में स्थित ढाबों, भोजनालयों, भंडारों तथा अस्थायी शिविरों में भोजन ग्रहण करते हैं। ऐसे समय यदि मिलावटी या दूषित खाद्य सामग्री बाजार में पहुंचती है तो बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और संदिग्ध खाद्य सामग्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
इस अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोवेन्द्र सिंह पंघाल तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुश्री सहरिश सादात सहित विभाग की पूरी टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के परिवहन, भंडारण और गुणवत्ता की भी जांच की तथा व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II चन्द्र शेखर मिश्र ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता श्रद्धालुओं और आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पनीर के दोनों नमूने परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। यदि जांच रिपोर्ट में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें आर्थिक दंड के साथ-साथ न्यायालय में अभियोजन भी चलाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक जिले में विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। दूध, पनीर, खोया, दही, घी, मिठाई, तेल, मसाले, पेय पदार्थ तथा अन्य खाद्य सामग्री की नियमित जांच की जाएगी। जिन दुकानदारों या व्यापारियों द्वारा मिलावटी अथवा अस्वच्छ खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाएगी, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग ने खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे केवल गुणवत्ता युक्त और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री का ही विक्रय करें। खाद्य पदार्थों का भंडारण स्वच्छ स्थानों पर करें तथा परिवहन के दौरान भी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
वहीं आम नागरिकों और कांवड़ यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे केवल विश्वसनीय दुकानों और प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें। यदि कहीं मिलावटी, दूषित या संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री की सूचना मिले तो तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य विभाग की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि प्रशासन श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। नियमित निरीक्षण, नमूना संग्रहण और संदिग्ध खाद्य सामग्री को तत्काल नष्ट करने जैसी कार्रवाइयों से मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल खाद्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आम जनता और कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के प्रशासन के प्रयासों को भी बल मिलेगा।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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