
फतेहपुर।
डेंगू एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए बुधवार को जनपद फतेहपुर में डेंगू बचाव एवं जागरूकता महाभियान चलाया गया। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी फतेहपुर, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद एवं दि होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान तथा डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयोजकत्व में आयोजित अभियान के दौरान विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को डेंगू और संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए।
अभियान का नेतृत्व इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी उत्तर प्रदेश के चेयरमैन एवं कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने किया। बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे शुरू हुए इस जागरूकता अभियान के दौरान कुल 317 स्कूली बच्चों को निःशुल्क होम्योपैथिक औषधि वितरित की गई। आयोजकों के अनुसार, औषधि का वितरण बच्चों में डेंगू एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से किया गया।
चार विद्यालयों में पहुंचा जागरूकता अभियान
डेंगू बचाव एवं जागरूकता महाभियान के तहत अलग-अलग विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस दौरान कम्पोजिट विद्यालय रस्तोगीगंज, उच्च प्राथमिक विद्यालय महात्मा गांधी नगर क्षेत्र, उच्च प्राथमिक विद्यालय आदर्श खेलदार तथा प्राथमिक विद्यालय तुराब अली का पुरवा में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कम्पोजिट विद्यालय रस्तोगीगंज में 98 बच्चों, उच्च प्राथमिक विद्यालय महात्मा गांधी नगर क्षेत्र में 95 बच्चों, उच्च प्राथमिक विद्यालय आदर्श खेलदार में 89 बच्चों तथा प्राथमिक विद्यालय तुराब अली का पुरवा में 35 बच्चों को निःशुल्क होम्योपैथिक औषधि वितरित की गई। इस प्रकार चारों विद्यालयों को मिलाकर कुल 317 बच्चों को अभियान का लाभ मिला।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को केवल औषधि का वितरण ही नहीं किया गया, बल्कि उन्हें डेंगू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि डेंगू समेत कई बीमारियों से बचाव में व्यक्तिगत स्वच्छता और आसपास के वातावरण की साफ-सफाई की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
स्वच्छता को लेकर बच्चों को किया जागरूक
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता का विशेष ध्यान रखकर हम बहुत सी बीमारियों से बच सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने बच्चों को समझाया कि स्वास्थ्य की सुरक्षा केवल बीमारी होने के बाद उपचार कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारियों से बचाव के लिए पहले से सावधानी बरतना भी आवश्यक है। यदि घर और आसपास का वातावरण स्वच्छ रखा जाए तथा मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को समाप्त किया जाए तो डेंगू सहित मच्छरजनित बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉ. अनुराग ने बच्चों से कहा कि वे अपने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि वे स्वयं स्वच्छता का पालन करने के साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकते हैं।
रुके हुए पानी को लेकर विशेष सावधानी की अपील
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने विशेष रूप से रुके हुए पानी को लेकर सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने बच्चों को बताया कि कहीं भी अनावश्यक रूप से पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। रुके हुए पानी में मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है, जिससे मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने घरों में गमलों, पुराने बर्तनों, टायरों, कूलर तथा अन्य ऐसे स्थानों की नियमित जांच करें, जहां पानी जमा हो सकता है। यदि कहीं पानी जमा दिखाई दे तो उसे हटाने की दिशा में तत्काल कदम उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने आसपास पानी जमा होने की स्थिति को नजरअंदाज न करें। घर और विद्यालय परिसर में नियमित सफाई रखने से मच्छरों के प्रजनन के संभावित स्थानों को कम किया जा सकता है।
उबालकर पानी पीने की सलाह
अभियान के दौरान बच्चों को पीने के पानी को उबालकर पीने की सलाह भी दी गई। डॉ. अनुराग ने बच्चों को साफ और सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पानी को स्वच्छ रखना स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। हाथों को नियमित रूप से साफ रखना, भोजन से पहले हाथ धोना, आसपास गंदगी नहीं फैलाना और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की गई।
कार्यक्रम में बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। इस दौरान विद्यार्थियों ने भी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को लेकर संदेश
आयोजकों की ओर से बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के महत्व पर भी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान वितरित की गई होम्योपैथिक औषधि को आयोजकों ने डेंगू एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से निःशुल्क उपलब्ध कराया।
स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। बच्चों को अपने स्वास्थ्य में किसी प्रकार की परेशानी होने पर अभिभावकों एवं शिक्षकों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।

शिक्षकों ने भी अभियान में किया सहयोग
डेंगू बचाव एवं जागरूकता महाभियान में विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने भी सक्रिय सहयोग किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ा रहा और विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं बीमारी से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर प्रधानाचार्या शुभांगी पांडेय, पान कुमारी, शबाना बेगम, चन्द्रप्रभा सहित विद्यालयों के सभी अध्यापक एवं अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को साफ-सफाई बनाए रखने और अपने घरों में भी स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
सेवा भावना से लगातार चल रहा अभियान
डेंगू बचाव एवं जागरूकता महाभियान को जनसेवा की भावना से संचालित किया जा रहा है। इंडियन रेडक्रास सोसाइटी फतेहपुर और सहयोगी संस्थाओं द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य जागरूकता, रक्तदान, जरूरतमंदों की सहायता और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता रहा है।
बुधवार को आयोजित अभियान भी इसी क्रम का हिस्सा रहा। विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को जागरूक करने से स्वास्थ्य संबंधी संदेश सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचा। बच्चे अपने परिवारों और आसपास के लोगों तक भी इन संदेशों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगियों में सुरेश कुमार श्रीवास्तव एवं अभिनव श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में सहयोग किया। आयोजन में शामिल संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता और सावधानी दोनों आवश्यक हैं।
बच्चों को दिया स्वच्छता का संदेश
कार्यक्रम के अंत में बच्चों से अपील की गई कि वे अपने आसपास गंदगी न होने दें और पानी को कहीं भी लंबे समय तक जमा न होने दें। विद्यार्थियों को बताया गया कि स्वच्छता की शुरुआत स्वयं से होती है और इसके बाद परिवार, विद्यालय तथा समाज तक इसका संदेश पहुंचाया जा सकता है।
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि लोग समय रहते स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण को लेकर सावधानी बरतें तो बीमारियों के प्रसार को रोकने में काफी मदद मिल सकती है।
चार विद्यालयों में आयोजित इस अभियान के माध्यम से कुल 317 बच्चों तक स्वास्थ्य एवं डेंगू बचाव का संदेश पहुंचाया गया। निःशुल्क औषधि वितरण के साथ बच्चों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और रुके हुए पानी को समाप्त करने के प्रति जागरूक किया गया।
इंडियन रेडक्रास सोसाइटी फतेहपुर, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद, दि होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया तथा डॉ. सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य जागरूकता और जनसेवा की दिशा में एक पहल के रूप में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान बच्चों, शिक्षकों और सहयोगियों ने डेंगू से बचाव के लिए स्वच्छता और सावधानी को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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