After returning them to the owners : सुकमा पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 75 गुम और चोरी मोबाइल बरामद किए, मालिकों को लौटाकर खुशी दी ?

After returning them to the owners : सुकमा पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 75 गुम और चोरी मोबाइल बरामद किए, मालिकों को लौटाकर खुशी दी
After returning them to the owners : सुकमा पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 75 गुम और चोरी मोबाइल बरामद किए, मालिकों को लौटाकर खुशी दी

सुकमा।

जिले में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश कर उन्हें वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के लिए सुकमा पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तकनीकी माध्यमों और साइबर सेल की मदद से अलग-अलग स्थानों से कुल 75 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है। बरामदगी के बाद इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपा गया। लंबे समय से अपने मोबाइल फोन के मिलने का इंतजार कर रहे लोगों को जब उनका फोन वापस मिला तो उनके चेहरे पर खुशी देखने को मिली।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के मार्गदर्शन में की गई। अभियान को सफल बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स रोहित शाह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा मनोज तिर्की के निर्देशन में कार्रवाई की गई। उप पुलिस अधीक्षक सौरभ उईके के पर्यवेक्षण में साइबर सेल की विशेष टीम गठित की गई थी। टीम को जिले में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश करने तथा उन्हें बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।

मोबाइल फोन की तलाश के लिए पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया। विशेष रूप से केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर यानी CEIR पोर्टल की मदद से गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस के अनुसार मोबाइल फोन की पहचान उसके आईएमईआई नंबर के आधार पर की गई। इसके साथ ही मोबाइल नंबर से संबंधित तकनीकी जानकारी भी जांच का हिस्सा बनाई गई।

साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक सचिन सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने एक-एक मोबाइल फोन की जानकारी जुटानी शुरू की। गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की शिकायतों के आधार पर उनके आईएमईआई नंबर और उपलब्ध मोबाइल नंबरों को तकनीकी प्रणाली में जांचा गया। इसके बाद पुलिस टीम को ऐसे मोबाइल फोन के बारे में जानकारी मिलने लगी, जो किसी अन्य स्थान पर उपयोग किए जा रहे थे।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सुकमा जिले से गुम या चोरी हुए कई मोबाइल फोन केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों और राज्यों में भी इस्तेमाल किए जा रहे थे। कुछ मोबाइल फोन छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों में उपयोग किए जा रहे थे, जबकि कई फोन सीमावर्ती राज्यों तक पहुंच चुके थे। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित स्थानों पर कार्रवाई की और मोबाइल फोन बरामद किए।

पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन छत्तीसगढ़ के अलावा उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से भी मिले हैं। इससे पता चलता है कि गुम या चोरी होने के बाद कई मोबाइल फोन दूसरे क्षेत्रों तक पहुंच गए थे। साइबर सेल की तकनीकी जांच और CEIR पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने इन मोबाइल फोन की लोकेशन और उपयोग से संबंधित जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम ने अलग-अलग स्थानों पर संपर्क कर मोबाइल फोन बरामद किए।

After returning them to the owners : सुकमा पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 75 गुम और चोरी मोबाइल बरामद किए, मालिकों को लौटाकर खुशी दी
After returning them to the owners : सुकमा पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 75 गुम और चोरी मोबाइल बरामद किए, मालिकों को लौटाकर खुशी दी

इस अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस ने केवल मोबाइल फोन बरामद करने तक कार्रवाई को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाया। बरामद किए गए मोबाइल फोन की पहचान संबंधित शिकायतों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर की गई। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए।

मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की। कई लोगों के लिए मोबाइल फोन केवल एक सामान्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं होता, बल्कि उसमें व्यक्तिगत संपर्क, जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी, फोटो, काम से संबंधित सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण डेटा भी मौजूद रहता है। ऐसे में मोबाइल गुम या चोरी होने पर लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जरूरी जानकारी खोने की चिंता भी रहती है।

पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान से ऐसे लोगों को राहत मिली है। करीब 12 लाख रुपये कीमत के 75 मोबाइल फोन की बरामदगी पुलिस के अनुसार अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल से पुलिस ने उन मोबाइल फोन को भी तलाशने में सफलता हासिल की, जो सुकमा जिले से बाहर दूसरे राज्यों में इस्तेमाल किए जा रहे थे।

CEIR पोर्टल मोबाइल फोन के गुम या चोरी होने की स्थिति में उसके आईएमईआई नंबर के आधार पर पहचान और ट्रैकिंग की प्रक्रिया में मदद करता है। पुलिस ने इसी तकनीकी व्यवस्था का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल फोन की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान जब किसी गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन में नया सिम कार्ड इस्तेमाल किया गया या वह नेटवर्क पर सक्रिय हुआ, तो उससे संबंधित जानकारी के आधार पर पुलिस को उसे तलाशने में सहायता मिली।

साइबर सेल की टीम ने मोबाइल नंबर और आईएमईआई नंबर को जांच का आधार बनाया। तकनीकी जानकारी को शिकायतों से मिलाने के बाद संदिग्ध मोबाइल फोन की पहचान की गई। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर संपर्क कर मोबाइल फोन की बरामदगी की गई। दूसरे राज्यों से मोबाइल फोन बरामद करना पुलिस टीम के लिए समन्वय और तकनीकी जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रक्रिया रही।

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने लगातार तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया। टीम ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों के साथ-साथ उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी मोबाइल फोन की तलाश की। बरामदगी के बाद मोबाइल फोन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया गया।

सुकमा पुलिस की इस कार्रवाई से यह भी सामने आया कि मोबाइल फोन के गुम या चोरी होने की स्थिति में समय पर शिकायत दर्ज कराना और मोबाइल का आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखना कितना महत्वपूर्ण है। मोबाइल फोन की पहचान के लिए आईएमईआई नंबर महत्वपूर्ण होता है। शिकायत में सही जानकारी उपलब्ध होने पर पुलिस के लिए तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की तलाश करना आसान हो सकता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान के तहत आगे भी गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश जारी रखी जाएगी। साइबर सेल द्वारा तकनीकी माध्यमों की सहायता से ऐसे मोबाइल फोन की जानकारी जुटाई जा रही है, जो शिकायतों के बाद अलग-अलग नेटवर्क पर सक्रिय हो सकते हैं। पुलिस का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोगों के गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जा सके।

इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के मार्गदर्शन में अधिकारियों और साइबर सेल की टीम ने समन्वय के साथ काम किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स रोहित शाह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा मनोज तिर्की के निर्देशन तथा उप पुलिस अधीक्षक सौरभ उईके के पर्यवेक्षण में विशेष टीम ने अभियान को आगे बढ़ाया। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक सचिन सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी जांच के जरिए मोबाइल फोन की तलाश की।

सुकमा पुलिस की इस कार्रवाई में कुल 75 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है। छत्तीसगढ़ के अलावा उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से मोबाइल फोन की बरामदगी से अभियान का दायरा भी सामने आया। बरामद मोबाइल फोन जब उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए तो लोगों ने राहत और खुशी जताई।

पुलिस का यह अभियान गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के साथ-साथ तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल का उदाहरण भी है। CEIR पोर्टल, आईएमईआई नंबर और मोबाइल नंबर से जुड़ी तकनीकी जानकारी के माध्यम से पुलिस टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय मोबाइल फोन की तलाश की। आगे भी इसी तरह तकनीकी जांच के जरिए गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी की कार्रवाई जारी रहने की उम्मीद है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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