
कानपुर नगर। टिकरा-सुरार मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन अब और उग्र हो गया है। वर्षों से जर्जर और क्षतिग्रस्त सड़क के निर्माण की मांग को लेकर राजवर्धन फाउंडेशन के संस्थापक साकेत सेंगर की अगुवाई में सैकड़ों महिला-पुरुष ग्रामीणों ने BSS कॉलेज चौराहे पर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया और मौके पर ही चूल्हा जलाकर खाना बनाना शुरू कर दिया। आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर रोटियां सेंकी और वहीं बैठकर भोजन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि टिकरा-सुरार मार्ग लंबे समय से खराब हालत में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने और मार्ग की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण लोगों को आवागमन में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की बदहाली के कारण दो युवकों की मौत के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से सड़क निर्माण को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि कई बार सड़क निर्माण की मांग अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के सामने रखी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनका कहना है कि जब लंबे समय तक उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी के तहत बड़ी संख्या में महिला और पुरुष BSS कॉलेज चौराहे पर पहुंचे और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।
आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने विरोध का अलग तरीका अपनाया। उन्होंने सड़क पर ही चूल्हा बनाया और भोजन तैयार करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने रोटियां सेंकी और सामूहिक रूप से वहीं बैठकर खाना खाया। इस दौरान महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो वे रोजाना इसी स्थान पर चूल्हा जलाकर अपना विरोध जारी रखेंगी।
महिलाओं ने कहा कि सड़क की खराब स्थिति का असर सबसे अधिक स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन पर पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाज के लिए प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण होने से आसपास के कई गांवों के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी।
जाम की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की और यातायात व्यवस्था तथा शांति बनाए रखने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने कहा कि वे तब तक वहां से नहीं हटेंगे, जब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर उनकी बात नहीं सुनता और ज्ञापन स्वीकार नहीं करता।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राजवर्धन फाउंडेशन के संस्थापक साकेत सेंगर ने कहा कि उनका आंदोलन किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की केवल एक मांग है कि टिकरा-सुरार मार्ग का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क की समस्या झेल रहे हैं और अब वे अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं।
साकेत सेंगर ने कहा कि उन्हें किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि ग्रामीणों की समस्या को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर ग्रामीणों का ज्ञापन स्वीकार नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने इसे गांधीवादी सत्याग्रह बताते हुए कहा कि ग्रामीण सड़क पर ही बैठकर अपनी मांग रखेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो सड़क पर ही भोजन बनाया जाएगा और ग्रामीण अपनी मांग पूरी होने तक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करते रहेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे प्रशासन का ध्यान सड़क की समस्या की ओर आकर्षित करना चाहते हैं ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू हो सके।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की खराब स्थिति केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि यह लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है। उनके अनुसार, क्षतिग्रस्त सड़क पर वाहनों का संचालन मुश्किल होता है और कई स्थानों पर गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और निर्माण कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाए।
जाम के कारण चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर ग्रामीणों के बैठने और भोजन बनाने के कारण आने-जाने वाले वाहनों को परेशानी हुई। पुलिस मौके पर मौजूद रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि किसी सक्षम अधिकारी को मौके पर भेजकर उनकी समस्याएं सुनी जाएं। उनका कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते हैं और अधिकारियों से सड़क निर्माण की स्पष्ट कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आश्वासन के बजाय सड़क निर्माण को लेकर ठोस कदम चाहिए।
आंदोलन के दौरान राजाराम, मन्नू यादव, सोनू पाल, राम कैलाश गौतम, बुद्धिलाल गौतम, अखिलेश कटियार, विजय कुशवाहा, विशाल कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर सड़क निर्माण की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक टिकरा-सुरार मार्ग के निर्माण को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से ठोस पहल नहीं की जाती। सड़क पर चूल्हा जलाकर खाना बनाने के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही समस्या को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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