
लखनऊ, 22 सितंबर 2026।
लखनऊ स्थित विधानसभा भवन के कक्ष संख्या-48 में विधानमंडल दल की अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं विमुक्त जातियों से संबंधित संयुक्त समिति के अंतर्गत राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा के साथ-साथ आमजन और क्षेत्र की जनता को राजस्व संबंधी कार्यों में होने वाली परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संबंधित सदस्यगण एवं विधायकगण, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव, निदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनपद बिजनौर से नगीना के एसडीएम तथा चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने भी बैठक में सहभागिता की। उत्तर प्रदेश विधान सभा की आधिकारिक जानकारी के अनुसार अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा विमुक्त जातियों संबंधी संयुक्त समिति राज्य विधानमंडल की संयुक्त समितियों में शामिल है।
बैठक के दौरान राजस्व विभाग के विभिन्न पदों पर लागू आरक्षण व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह विषय सामने रखा गया कि जिन पदों पर निर्धारित आरक्षण व्यवस्था अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई है, वहां नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए रिक्तियों को शीघ्र भरने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए। इस दौरान संबंधित अधिकारियों से आरक्षण व्यवस्था के अनुपालन की स्थिति की जानकारी ली गई और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि पात्र वर्गों को नियमानुसार उनके अधिकारों का लाभ मिले।
बैठक में क्षेत्र की जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण राजस्व संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। सबसे पहले जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में लोगों को आने वाली परेशानियों का विषय रखा गया। कहा गया कि जन्म प्रमाण पत्र आम नागरिक के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसके अभाव में अनेक सरकारी सेवाओं तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने के लिए अधिकारियों की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की मांग की गई, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में राजस्व अभिलेखों में नाम की त्रुटियों का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। कई मामलों में खसरा-खतौनी अथवा अन्य राजस्व अभिलेखों में नाम गलत दर्ज हो जाने के कारण संबंधित व्यक्ति को सुधार कराने के लिए लंबे समय तक विभागीय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इस समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा गया कि यदि अभिलेखों में नाम दर्ज करने में त्रुटि है और नियमानुसार उसका सुधार संभव है तो उसका निस्तारण निर्धारित समय-सीमा में किया जाना चाहिए। इसके लिए अधिकतम एक माह के भीतर नियमानुसार कार्रवाई पूरी करने की मांग रखी गई, ताकि आम नागरिक को छोटी-छोटी अभिलेखीय त्रुटियों के समाधान के लिए अनावश्यक विभागीय चक्कर न लगाने पड़ें।
भूमि के अंश और बंटवारे के सही अंकन का मुद्दा भी बैठक में गंभीरता से उठाया गया। राजस्व अभिलेखों में भूमि के हिस्से अथवा बंटवारे का सही विवरण दर्ज नहीं होने से भविष्य में भूमि संबंधी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बैठक में मांग रखी गई कि बैनामा अथवा वैध पारिवारिक बंटवारे के आधार पर भूमि के वास्तविक अंश को राजस्व अभिलेखों में नियमानुसार सही ढंग से दर्ज किया जाए। इससे भूमि मालिकों को अपने स्वामित्व और हिस्से से संबंधित अभिलेखीय स्थिति स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो सकेगी तथा अनावश्यक विवादों और कार्यालयी परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा पुराने आवासीय पट्टों से जुड़ा विषय भी बैठक में प्रमुखता से रखा गया। बताया गया कि ऐसे कई ग्राम हैं, जहां पूर्व में उपजिलाधिकारी स्तर से आवासीय पट्टे स्वीकृत किए गए थे और संबंधित पत्रावलियां भी उपलब्ध हैं। ऐसे मामलों में नियमानुसार संबंधित आराजी को आबादी घोषित किए जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की गई। कहा गया कि जिन मामलों में पुराने आवासीय पट्टों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं, वहां नियमानुसार परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।

बैठक में चकबंदी से संबंधित मामला भी उठाया गया। ग्राम पंचायत धनसूरपुर, अमरोली, मौजा कमालपुर एवं पुरैनी से संबंधित चकबंदी प्रक्रिया का मुद्दा अधिकारियों के समक्ष रखा गया। इस मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए चकबंदी निरस्त करने के निर्देश दिए जाने की मांग की गई। संबंधित अधिकारियों से मामले की स्थिति पर आवश्यक जानकारी लेते हुए नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि राजस्व विभाग से संबंधित मामलों का सीधा प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, किसानों और भूमि स्वामियों पर पड़ता है। खसरा-खतौनी, नामांतरण, भूमि के अंश, बंटवारा, पट्टे और चकबंदी जैसे विषय आम नागरिक के दैनिक जीवन और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण मामले हैं। इसलिए इनसे संबंधित मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है। उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग भी भूमि अभिलेखों के उचित रखरखाव तथा भूमि संबंधी सेवाओं को अपने प्रमुख कार्यों में शामिल करता है।
बैठक में अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा गया कि राजस्व संबंधी मामलों में आमजन को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। आवेदन और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी हो तथा संबंधित अधिकारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का समाधान सुनिश्चित करें। यह भी कहा गया कि जिन मामलों में किसी दस्तावेज अथवा कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता हो, वहां आवेदक को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे उसे बार-बार अलग-अलग कार्यालयों में भटकना न पड़े।
राजस्व संबंधी मामलों में पारदर्शिता के लिए उत्तर प्रदेश में राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली भी संचालित है, जिसके माध्यम से वादों से संबंधित जानकारी, सुनवाई की तारीख और न्यायालय के आदेश जैसी सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। बैठक में भी इसी भावना के अनुरूप जवाबदेह और पारदर्शी प्रशासन पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं विमुक्त जातियों से जुड़े अधिकारों और उनके लिए लागू व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा के साथ यह बात रखी गई कि जिन पदों पर निर्धारित आरक्षण अभी पूर्ण नहीं हुआ है, वहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी की जाए। इसका उद्देश्य संबंधित वर्गों को उनके संवैधानिक एवं नियमानुसार निर्धारित अवसर उपलब्ध कराना है।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने विभिन्न मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित विषयों पर विभागीय स्तर से आवश्यक कार्रवाई की बात कही। नगीना क्षेत्र से संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी के कारण स्थानीय स्तर पर राजस्व और चकबंदी से जुड़े मामलों को भी सीधे अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिला।
इस अवसर पर यह स्पष्ट किया गया कि क्षेत्र की जनता को सरकारी कार्यालयों में सम्मानजनक, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। आम लोगों को अपने अधिकारों और वैध दस्तावेजों से संबंधित कार्यों के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े, इसके लिए विभागीय प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बैठक में उठाए गए मुद्दों में जन्म प्रमाण पत्र से लेकर भूमि अभिलेखों में नाम की त्रुटि, भूमि के हिस्से एवं बंटवारे का सही अंकन, पुराने आवासीय पट्टों को आबादी घोषित करने की प्रक्रिया और चकबंदी से जुड़े मामले शामिल रहे। इन सभी विषयों का सीधा संबंध आम जनता के दैनिक जीवन और उनके अधिकारों से है। इसलिए बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों से नियमों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई।
अंत में कहा गया कि क्षेत्र की जनता का विकास, उनके अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में यदि प्रक्रियाएं सरल, स्पष्ट और समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं तो इससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल सकती है। बैठक में इसी उद्देश्य से जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते हुए अधिकारियों से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।