
गढ़मुक्तेश्वर।
श्रावण मास के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत वातावरण के बीच नक्का कुआँ शिव मंदिर, गढ़मुक्तेश्वर में श्री शिव महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। 2 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाली इस नौ दिवसीय संगीतमय कथा के प्रथम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया और कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति प्राप्त की।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश एवं नंदी महाराज के पूजन के साथ हुई। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी झालरों और धार्मिक सजावट से भव्य रूप दिया गया था। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।
कथा व्यास परम पूज्य श्री सुरेश दत्त जी महाराज ने प्रथम दिवस की कथा में भगवान शिव की अनंत महिमा का अत्यंत भावपूर्ण एवं सरल शैली में वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव केवल देवों के देव महादेव ही नहीं, बल्कि करुणा, त्याग, तपस्या और कल्याण के प्रतीक हैं। शिव महापुराण का श्रवण व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है तथा उसे धर्म, सत्य और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
अपने प्रवचन में महाराज श्री ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस पवित्र माह में की गई पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, व्रत, जप, तप और शिव महापुराण का श्रवण विशेष फलदायी माना गया है। उन्होंने बताया कि जो श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
प्रथम दिवस की कथा में शिव महापुराण का महत्व, भगवान शिव की दिव्यता, शिवभक्ति की शक्ति, श्रावण मास का आध्यात्मिक संदेश तथा कथा श्रवण के धार्मिक एवं आध्यात्मिक लाभों का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भगवान शिव की लीलाओं का रसपान करते रहे।
कथा व्यास ने कहा कि शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य ज्ञान है। इसमें सत्य, संयम, सेवा, करुणा, त्याग, सदाचार और ईश्वर भक्ति का संदेश निहित है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन और श्रवण व्यक्ति को मानसिक शांति और नैतिक शक्ति प्रदान करता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान शिव के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए कहा कि भोलेनाथ ने सदैव समस्त सृष्टि के कल्याण को सर्वोपरि रखा। समुद्र मंथन के समय विषपान कर उन्होंने संसार की रक्षा की। उनका जीवन त्याग, सहिष्णुता और लोककल्याण का सर्वोच्च उदाहरण है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को भगवान शिव के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
कथा के दौरान भजनों की मधुर प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। संगीतमय कथा में संगतकार ऋषभ सिंह, कृष्णा मिश्रा एवं रामदास ने अपनी मधुर संगीत प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा मंदिर परिसर शिवमय वातावरण से गूंज उठा।

श्रद्धालुओं ने कथा के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का सामूहिक जाप किया तथा भगवान शिव के चरणों में पुष्प अर्पित कर अपने परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक कथा में सहभागिता की।
आयोजकों ने बताया कि श्री शिव महापुराण कथा प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। प्रत्येक दिन भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, शिव-पार्वती विवाह, भक्तों पर शिव कृपा, धर्म, भक्ति, मोक्ष तथा मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा।
उन्होंने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं एवं शिवभक्तों से अपील की कि वे अपने परिवार सहित कथा में उपस्थित होकर भगवान शिव की अमृतमयी कथा का श्रवण करें और धर्मलाभ प्राप्त करें। उनका कहना था कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं। स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया तथा कथा के दौरान अनुशासन एवं व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दिया गया।
स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि श्रावण मास में शिव महापुराण कथा का आयोजन पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उनका कहना था कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में भगवान शिव की आरती उतारी गई, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया और सभी ने भगवान भोलेनाथ से विश्व शांति, समाज के कल्याण तथा देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
प्रथम दिवस का आयोजन अत्यंत भक्ति, अनुशासन और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने कथा व्यास परम पूज्य श्री सुरेश दत्त जी महाराज के प्रेरणादायी प्रवचनों की सराहना करते हुए आगामी दिनों की कथा में भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहने का संकल्प लिया।
यह नौ दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कृति, नैतिकता और आध्यात्मिक जागरण का एक दिव्य महोत्सव है, जो श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति से जोड़ते हुए जीवन में सदाचार, सेवा और मानव कल्याण का संदेश प्रदान कर रहा है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
