Instruction : विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटा हापुड़ प्रशासन, मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर डीएम कविता मीना ने दिए निर्देश ?

Instruction : विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटा हापुड़ प्रशासन, मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर डीएम कविता मीना ने दिए निर्देश
Instruction : विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटा हापुड़ प्रशासन, मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर डीएम कविता मीना ने दिए निर्देश

हापुड़, 19 अक्टूबर 2026। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती कविता मीना तथा अपर जिलाधिकारी श्री संदीप कुमार की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में स्थित मतदेय स्थलों की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मतदाताओं की सुविधा, मतदान केंद्रों की स्थिति और आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदेय स्थलों का संभाजन भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाना चाहिए। प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर रखने के साथ-साथ मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्वाचन के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रस्ताव निर्धारित समयसीमा के भीतर तैयार कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए निर्वाचन आयोग को भेजे जाएं। बैठक में मतदेय स्थलों के भौतिक सत्यापन, नए भवनों के प्रस्ताव, राजनीतिक दलों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करने तथा सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

एक बूथ पर अधिकतम 1500 मतदाता रखने के निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1500 मतदाताओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिन बूथों पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक है, उनका अनिवार्य रूप से संभाजन किया जाए।

इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ को नियंत्रित करना और मतदान प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है। किसी बूथ पर मतदाताओं की संख्या अधिक होने से मतदान के दिन लंबी कतारें लगने और लोगों को अधिक समय तक इंतजार करने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में बूथों का उचित संभाजन मतदाताओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि मतदाताओं की संख्या और मतदान केंद्रों की उपलब्धता का आकलन करते हुए आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएं। जहां बूथों का विभाजन जरूरी हो, वहां निर्धारित नियमों के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि संभाजन की प्रक्रिया में केवल मतदाताओं की संख्या ही नहीं, बल्कि मतदान केंद्र तक पहुंचने की सुविधा और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाए।

तीनों विधानसभा क्षेत्रों के मतदेय स्थलों का होगा भौतिक सत्यापन

बैठक में जनपद की तीनों विधानसभा सीटों के सभी मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। इनमें विधानसभा क्षेत्र 58-हापुड़, 59-गढ़मुक्तेश्वर और 60-धौलाना शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने संबंधित उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित सभी मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान भवनों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं, मतदाताओं की संख्या और मतदान केंद्र तक पहुंचने के मार्गों का जायजा लिया जाए।

भौतिक सत्यापन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्वाचन के दौरान प्रत्येक मतदेय स्थल पर मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके। इसके लिए भवनों की उपयोगिता और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी एकत्र करना आवश्यक है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। जिन स्थानों पर सुविधाओं की कमी है, वहां उन्हें दुरुस्त कराने के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य

जिलाधिकारी ने मतदेय स्थलों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं (एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटीज- AMF) की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की जरूरतों के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।

इन सुविधाओं में रैंप, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर और छाया की व्यवस्था शामिल है। इन सुविधाओं का उद्देश्य मतदान केंद्रों को मतदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाना है।

विशेष रूप से दिव्यांग मतदाताओं और बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रैंप जैसी व्यवस्थाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसी तरह पेयजल, शौचालय और छाया की व्यवस्था से मतदान के दौरान कतार में खड़े लोगों को राहत मिल सकती है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। जहां कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है या उसकी स्थिति संतोषजनक नहीं है, वहां आवश्यक सुधार के लिए कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन की तैयारियां केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मतदान केंद्रों पर सुविधाओं की वास्तविक उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Instruction : विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटा हापुड़ प्रशासन, मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर डीएम कविता मीना ने दिए निर्देश
Instruction : विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटा हापुड़ प्रशासन, मतदेय स्थलों के संभाजन को लेकर डीएम कविता मीना ने दिए निर्देश

जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवनों का प्रस्ताव भेजने के निर्देश

बैठक में उन मतदान केंद्रों पर भी चर्चा की गई, जिनके भवन जर्जर स्थिति में हैं या जहां आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ऐसे भवनों की पहचान कर उनके स्थान पर उपयुक्त नए भवनों का प्रस्ताव तैयार करके भेजा जाए।

मतदान केंद्र के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक भवन का होना आवश्यक है। जर्जर भवनों में मतदान प्रक्रिया संचालित करने से सुरक्षा और व्यवस्था संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निरीक्षण के दौरान भवनों की स्थिति का गंभीरता से आकलन करें।

जिन भवनों में मरम्मत या अन्य सुधार से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, वहां नियमानुसार सुधार की कार्रवाई की जाए। वहीं, जिन भवनों की स्थिति उपयुक्त नहीं है, उनके स्थान पर वैकल्पिक भवनों का प्रस्ताव तैयार किया जाए।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्वाचन से पहले सभी मतदेय स्थलों को उपयुक्त और सुविधाजनक बनाना है, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

राजनीतिक दलों से सुझाव और आपत्तियां लेकर तैयार होगा प्रस्ताव

जिलाधिकारी ने मतदेय स्थलों के संभाजन की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाए और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएं।

इस प्रक्रिया से मतदेय स्थलों के निर्धारण में पारदर्शिता बनाए रखने और स्थानीय परिस्थितियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विचार किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय से पूरी की जाएं। मतदेय स्थलों के संभाजन से संबंधित प्रस्ताव तैयार करके 25 अक्टूबर 2026 तक निर्वाचन आयोग को भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

उन्होंने समयसीमा का विशेष ध्यान रखने और प्रस्ताव तैयार करते समय भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया।

मतदाताओं की सुविधा और मतदान प्रतिशत बढ़ाना प्राथमिकता

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती कविता मीना ने कहा कि मतदेय स्थलों का संभाजन मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें मतदान करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए मतदान केंद्रों की संख्या, मतदाताओं का वितरण, भवनों की स्थिति और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से करें और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप सभी तैयारियां समय से पूरी करें।

समयबद्ध तरीके से पूरी होंगी निर्वाचन संबंधी तैयारियां

19 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया गया। बैठक में मतदेय स्थलों के संभाजन, भौतिक सत्यापन, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और जर्जर भवनों के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तीनों विधानसभा क्षेत्रों के सभी मतदेय स्थलों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही राजनीतिक दलों से सुझाव और आपत्तियां प्राप्त करते हुए निर्धारित समयसीमा में प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजें।

जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दौरान जनपद के सभी मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रत्येक मतदाता बिना किसी असुविधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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