Major decision : फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने के मामले में गैंगस्टर छोटा राजन को 7 साल की सजा, CBI की विशेष अदालत का बड़ा फैसला

चेन्नई, 31 जुलाई 2026। गैंगस्टर छोटा राजन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सजा के साथ उस पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत का यह फैसला लंबे समय से लंबित इस मामले में आया है और इसे फर्जी दस्तावेजों तथा पहचान बदलकर सरकारी दस्तावेज हासिल करने जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई माना जा रहा है।
सीबीआई की जांच के अनुसार छोटा राजन ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर “विजया कदम” नाम का इस्तेमाल किया और कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट प्राप्त किया। जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर यह साबित करने का प्रयास किया कि पासपोर्ट आवेदन के दौरान गलत जानकारी और जाली दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी माना और सात वर्ष की सजा सुनाई।
विशेष सीबीआई अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पासपोर्ट जैसे संवेदनशील सरकारी दस्तावेज को फर्जी पहचान और जाली कागजात के आधार पर प्राप्त करना केवल व्यक्तिगत धोखाधड़ी का मामला नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सरकारी व्यवस्था से जुड़ा गंभीर अपराध भी है। अदालत ने माना कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपी ने पासपोर्ट बनवाने के लिए अपनी वास्तविक पहचान छिपाई और गलत नाम का उपयोग किया। जांच के दौरान विभिन्न सरकारी अभिलेखों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। सीबीआई ने दावा किया कि प्रस्तुत साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि पासपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।
फैसले के अनुसार छोटा राजन को सात वर्ष के कारावास के अतिरिक्त 55,000 रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। यदि जुर्माना निर्धारित समय में जमा नहीं किया जाता है तो कानून के अनुसार अतिरिक्त दंड का भी सामना करना पड़ सकता है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता।
छोटा राजन वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वह पहले से ही अन्य मामलों में सजा काट रहा है। इस नए फैसले के बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों की सूची में एक और सजा जुड़ गई है। हालांकि, यह सजा अन्य मामलों में चल रही कानूनी प्रक्रिया से अलग है और इसका पालन कानून के अनुसार किया जाएगा।

यह मामला कई वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था। जांच एजेंसियों ने लंबे समय तक दस्तावेजों की जांच, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष रखा। मुकदमे के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। सभी पक्षों को सुनने और उपलब्ध रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद अदालत ने अपना अंतिम निर्णय सुनाया।
पासपोर्ट अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर पासपोर्ट प्राप्त करना गंभीर अपराध माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पासपोर्ट केवल यात्रा दस्तावेज नहीं, बल्कि किसी नागरिक की पहचान का महत्वपूर्ण प्रमाण भी होता है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति गलत पहचान या जाली दस्तावेजों के आधार पर इसे हासिल करता है तो इससे सुरक्षा एजेंसियों के सामने गंभीर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार के मामलों में अदालतें आमतौर पर दस्तावेजी साक्ष्य, सरकारी रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणों के आधार पर निर्णय देती हैं। यदि यह साबित हो जाए कि आरोपी ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर सरकारी दस्तावेज प्राप्त किया है, तो उसके खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान है।
सीबीआई ने इस फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकारी दस्तावेजों में धोखाधड़ी के मामलों में निष्पक्ष जांच और प्रभावी अभियोजन जारी रहेगा। एजेंसी का कहना है कि ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कानून के शासन को मजबूती मिलती है और सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता बनी रहती है।
अदालत के इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह निर्णय फर्जी दस्तावेजों और पहचान संबंधी धोखाधड़ी के मामलों में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जाएगा। इससे यह संदेश भी जाता है कि चाहे आरोपी कितना भी चर्चित क्यों न हो, यदि अदालत में अपराध सिद्ध होता है तो कानून के अनुसार दंड दिया जाएगा।
फिलहाल छोटा राजन तिहाड़ जेल में ही बंद रहेगा। यदि वह इस फैसले को चुनौती देना चाहता है, तो उसे कानून के तहत उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार प्राप्त है। हालांकि, जब तक किसी उच्च अदालत से राहत नहीं मिलती, तब तक विशेष सीबीआई अदालत द्वारा सुनाई गई सजा प्रभावी रहेगी।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता