
कानपुर। संजय गांधी नगर, नौबस्ता स्थित विकास शिक्षा निकेतन इंग्लिश स्कूल में दशहरा पर्व हर्षोल्लास, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों का मन मोह लिया। बच्चों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की भूमिका निभाकर भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध तंत्र द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। विद्यालय के बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनके अभिनय, संवाद और आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर अभिभावकों और शिक्षकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
दशहरा पर्व के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और नैतिक मूल्यों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि जीवन में सत्य, सदाचार और अच्छाई का मार्ग अपनाना चाहिए। बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है।
भगवान श्रीराम के आदर्शों पर आधारित प्रस्तुतियों ने मोहा मन
विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की भूमिका निभाकर दर्शकों को रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं से परिचित कराया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों का उत्साह और मंच पर उनका आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम के दौरान राम-रावण युद्ध का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से भगवान श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध को जीवंत करने का प्रयास किया। इसके बाद रावण दहन से संबंधित दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को दशहरा पर्व के मूल संदेश से जोड़ दिया।
बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि अहंकार, अन्याय और अधर्म का अंत निश्चित है। भगवान श्रीराम का चरित्र हमें सत्य, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वहीं, रावण का प्रसंग यह सीख देता है कि ज्ञान और शक्ति होने के बावजूद यदि व्यक्ति अहंकार तथा गलत कार्यों में लिप्त हो जाए, तो उसका पतन निश्चित है।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
प्रबंधक रविन्द्र किशोर मेहरोत्रा ने बताया पर्वों का महत्व
विद्यालय के प्रबंधक रविन्द्र किशोर मेहरोत्रा ने दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में त्योहारों का विशेष महत्व है। दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और अच्छाई की विजय का प्रतीक भी है। ऐसे पर्व बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ जीवन के नैतिक मूल्यों से भी परिचित कराना है। जब बच्चे स्वयं किसी धार्मिक या सांस्कृतिक प्रसंग पर आधारित कार्यक्रम में भाग लेते हैं, तो वे उससे जुड़ी शिक्षाओं को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मंच पर प्रस्तुति देने से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है। वे अपनी बात को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना सीखते हैं और सामूहिक गतिविधियों में भाग लेने से उनमें सहयोग, अनुशासन तथा जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी प्राप्त कर सकें।
अध्यक्ष निर्मला मेहरोत्रा ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की
विद्यालय की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला मेहरोत्रा ने बच्चों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने बहुत ही सुंदर और आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रतिभा, उत्साह और आत्मविश्वास देखकर उनका मन प्रसन्न हो गया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही उनमें नैतिक मूल्यों, अच्छे संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास होता है।
श्रीमती निर्मला मेहरोत्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से बच्चों को जोड़ना आवश्यक है। दशहरा जैसे पर्व हमें सिखाते हैं कि जीवन में हमेशा सत्य और अच्छाई का साथ देना चाहिए। बच्चों को बचपन से ही इन मूल्यों की जानकारी दी जाए, तो वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों की सराहना की तथा कहा कि विद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

प्रधानाचार्य विकास मेहरोत्रा ने दिया अच्छाई के मार्ग पर चलने का संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास मेहरोत्रा ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने जीवन में व्याप्त बुराइयों को पहचानने और उन्हें दूर करने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और आदर्शों का प्रतीक है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यवहार में अच्छे गुण अपनाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों ने कार्यक्रम के लिए मेहनत से तैयारी की और अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्व के महत्व को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने बच्चों को अभ्यास कराया और मंच पर प्रस्तुति देने के लिए तैयार किया।
प्रधानाचार्य ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है, बल्कि बच्चों में अनुशासन, संवेदनशीलता, आत्मविश्वास और नैतिकता जैसे गुणों का विकास करना भी है। सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और अपनी परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
बच्चों को पुरस्कार देकर बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी मेहनत और उत्साह को देखते हुए कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और उनका उत्साह बढ़ा।
शिक्षकों ने बच्चों को आगे भी इसी प्रकार पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। अभिभावकों ने भी विद्यालय की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और अच्छे संस्कार जरूरी हैं। साथ ही, अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करना भी प्रत्येक विद्यार्थी के व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
शिक्षक और अभिभावकों की रही सहभागिता
दशहरा कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रबंधक रविन्द्र किशोर मेहरोत्रा, अध्यक्ष श्रीमती निर्मला मेहरोत्रा, प्रधानाचार्य विकास मेहरोत्रा, प्रियंका मेहरोत्रा, शशांक द्विवेदी, अखिलेश कुमार, गोपाल शर्मा, शशि मिश्रा, आशीष यादव, बिजेन्द्र कुमार मिश्रा, यशि गुप्ता, कविता और नन्दिनी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
सभी ने बच्चों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों का योगदान सराहनीय रहा।
विकास शिक्षा निकेतन इंग्लिश स्कूल में आयोजित दशहरा समारोह ने बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि सत्य, अच्छाई और सदाचार के मार्ग पर चलकर ही जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। दशहरा हमें हर वर्ष यही प्रेरणा देता है कि हमें अपने भीतर की बुराइयों को त्यागकर सत्य और धर्म का साथ देना चाहिए।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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