
हापुड़। जनपद हापुड़ में आज जिलाधिकारी महोदया की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) के संबंध में जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य पेंशनर्स को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा के प्रति जागरूक करना, इसकी प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाना तथा अधिक से अधिक पेंशनधारकों को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना रहा। शिविर के दौरान पेंशनर्स को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मौके पर ही पात्र पेंशनधारकों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी बनाए गए, जिससे उन्हें इस सुविधा का प्रत्यक्ष लाभ मिल सका।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पेंशनर्स को बताया कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन सुविधा है, जिसके माध्यम से पेंशनधारक अपनी जीवित होने की पुष्टि डिजिटल तरीके से कर सकते हैं। पहले पेंशनर्स को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए संबंधित बैंक, कार्यालय या अन्य निर्धारित संस्थानों में स्वयं उपस्थित होना पड़ता था। इस प्रक्रिया में विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्वस्थ पेंशनधारकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार लंबी दूरी तय करने और कार्यालयों में इंतजार करने के कारण उन्हें असुविधा होती थी। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की व्यवस्था ने इस प्रक्रिया को काफी आसान और सुविधाजनक बना दिया है।
शिविर में पेंशनर्स को समझाया गया कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के माध्यम से वे निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया पूरी करके घर बैठे भी अपना जीवन प्रमाण पत्र तैयार कर सकते हैं। इसके लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण और निर्धारित डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जाता है। फेस ऑथेंटिकेशन तथा बायोमेट्रिक जैसी सुविधाओं के जरिए पेंशनधारक की पहचान का सत्यापन किया जा सकता है। इससे पेंशनधारकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और उनका समय एवं श्रम दोनों बचते हैं।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि सरकार लगातार विभिन्न सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल और सुलभ सेवाएं प्रदान करना है। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से पेंशन वितरण व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ पेंशनधारकों को तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
शिविर में मौजूद पेंशनर्स को डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाने के दौरान आवश्यक सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्रमाण पत्र बनवाते समय आधार से संबंधित विवरण सही होना चाहिए तथा मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारियों का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए। इसके साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा नहीं करना चाहिए। डिजिटल प्रक्रिया अपनाते समय अधिकृत माध्यमों और प्रमाणित केंद्रों का ही उपयोग करना चाहिए।

इस अवसर पर पेंशनर्स की समस्याओं और उनके सवालों को भी गंभीरता से सुना गया। अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाते हुए प्रशिक्षण प्रदान किया। जिन पेंशनधारकों को तकनीकी जानकारी कम थी, उन्हें विशेष रूप से सहायता उपलब्ध कराई गई। शिविर में मौके पर ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार किए जाने से पेंशनर्स में उत्साह देखने को मिला। उन्हें बताया गया कि इस सुविधा का लाभ उठाकर वे अपनी पेंशन संबंधी औपचारिकताओं को पहले की अपेक्षा अधिक आसानी से पूरा कर सकते हैं।
जिलाधिकारी महोदया के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर के माध्यम से प्रशासन ने पेंशनधारकों तक डिजिटल सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने और उन्हें इनका लाभ दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया। प्रशासन का उद्देश्य है कि तकनीकी जानकारी के अभाव में कोई भी पेंशनधारक सरकारी डिजिटल सुविधाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों और प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से लोगों को डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बुजुर्ग पेंशनधारकों को डिजिटल सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए परिवार के सदस्यों और संबंधित विभागों के कर्मचारियों को भी सहयोगात्मक भूमिका निभानी चाहिए। कई बार तकनीकी जानकारी के अभाव में पेंशनर्स डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से हिचकिचाते हैं। ऐसे में उन्हें सही जानकारी देकर और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराकर इस सुविधा से जोड़ना जरूरी है।
शिविर के माध्यम से पेंशनर्स को यह संदेश दिया गया कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र केवल एक ऑनलाइन दस्तावेज नहीं, बल्कि पेंशन संबंधी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रभावी माध्यम है। इससे पेंशनधारकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलती है और सरकारी सेवाओं की पहुंच भी आसान होती है।
जिलाधिकारी महोदया की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में आयोजित यह जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पेंशनर्स की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता देने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ। मौके पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाए जाने से पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिला और उन्हें इस व्यवस्था को अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी प्राप्त हुआ।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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