Six granddaughters : नीम करौली बाबा के पैतृक मकान पर कब्जे का आरोप, छह पोतियों ने डीएम से की शिकायत ?

Six granddaughters : नीम करौली बाबा के पैतृक मकान पर कब्जे का आरोप, छह पोतियों ने डीएम से की शिकायत
Six granddaughters : नीम करौली बाबा के पैतृक मकान पर कब्जे का आरोप, छह पोतियों ने डीएम से की शिकायत

फिरोजाबाद।

उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम से जुड़े संत नीम करौली बाबा के पैतृक मकान को लेकर विवाद सामने आया है। फिरोजाबाद जिले की टूंडला तहसील के अकबरपुर गांव स्थित बाबा के पैतृक मकान पर उनकी छह पोतियों ने श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। पोतियों ने मामले को लेकर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को शिकायती पत्र सौंपते हुए मकान और वहां बने पूजा स्थल को ट्रस्ट के कथित कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

अकबरपुर गांव स्थित इस मकान को नीम करौली बाबा की जन्मस्थली बताया जाता है। परिजनों के अनुसार बाबा का बचपन और जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इसी मकान से जुड़ा रहा है। परिवार का कहना है कि बाबा इसी पैतृक मकान में रहते थे और यहां उनके परिवार की कई पुरानी यादें जुड़ी हुई हैं। यही वजह है कि मकान को लेकर सामने आया विवाद परिवार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बताया गया है कि पैतृक मकान के दो कमरों में नीम करौली बाबा और उनकी पत्नी की पूजा स्थली बनी हुई है। इसके अलावा मकान के अन्य कमरों में पुजारियों के रहने की व्यवस्था होने की जानकारी सामने आई है। इस कारण मकान केवल पारिवारिक संपत्ति के रूप में ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़े स्थान के रूप में भी देखा जाता है।

बाबा की छह पोतियों ने आरोप लगाया है कि मकान पर श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट का कब्जा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि मकान पर ट्रस्ट का कब्जा पाया जाता है तो उसे मुक्त कराया जाए। साथ ही पूजा स्थल से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर भी परिवार ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

पोतियों की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में मकान और पूजा स्थल को लेकर अपनी बात रखी गई है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पैतृक मकान परिवार से जुड़ी महत्वपूर्ण विरासत है और उससे संबंधित अधिकारों एवं व्यवस्थाओं को स्पष्ट किया जाना चाहिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं। अब संबंधित अधिकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों और मकान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मकान पर किसका वैधानिक अधिकार है और वर्तमान में वहां किस आधार पर व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं।

अकबरपुर गांव में स्थित इस मकान का संबंध नीम करौली बाबा से होने के कारण मामला सामान्य संपत्ति विवाद से अलग महत्व रखता है। बाबा से जुड़े अनुयायियों और श्रद्धालुओं के लिए उनके जन्मस्थल और पूजा स्थल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। ऐसे में मकान को लेकर विवाद सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर भी प्रशासनिक जांच पर है।

परिजनों के मुताबिक, मकान के दो कमरों में बाबा और उनकी पत्नी की पूजा स्थली बनी हुई है। इन स्थानों पर धार्मिक गतिविधियां होने की जानकारी भी सामने आई है। अन्य कमरों में पुजारियों के रहने की व्यवस्था होने के कारण मकान में धार्मिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की मौजूदगी रहती है।

शिकायत करने वाली छह पोतियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मामले की जांच केवल मौखिक दावों के आधार पर न होकर उपलब्ध दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति के आधार पर की जाए। उनका कहना है कि मकान से जुड़े अधिकारों की स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।

Six granddaughters : नीम करौली बाबा के पैतृक मकान पर कब्जे का आरोप, छह पोतियों ने डीएम से की शिकायत
Six granddaughters : नीम करौली बाबा के पैतृक मकान पर कब्जे का आरोप, छह पोतियों ने डीएम से की शिकायत

प्रशासन की जांच में मकान के स्वामित्व, संबंधित दस्तावेज, ट्रस्ट की भूमिका और वर्तमान कब्जे से जुड़े तथ्यों को देखा जा सकता है। इसके अलावा यह भी जांच का विषय होगा कि मकान में पूजा स्थल और पुजारियों की व्यवस्था किस आधार पर संचालित हो रही है।

मामले में जिलाधिकारी द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही विवाद से जुड़े तथ्यों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

नीम करौली बाबा देश और विदेश में अपने आध्यात्मिक प्रभाव के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। उत्तराखंड के नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम से उनका विशेष संबंध माना जाता है। उनके अनुयायियों की संख्या बड़ी है और उनके जीवन से जुड़े स्थानों को श्रद्धालुओं द्वारा विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में स्थित पैतृक मकान को लेकर सामने आया विवाद लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में ट्रस्ट का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायत और प्रशासन द्वारा दिए गए जांच आदेश पर आधारित है। किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकेगी।

ग्रामीण क्षेत्र में स्थित इस पैतृक मकान को लेकर विवाद सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। लोग प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।

वहीं, यदि दस्तावेजों और जांच में ट्रस्ट का कब्जा वैधानिक या अधिकृत पाया जाता है तो स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय जांच रिपोर्ट का इंतजार करना महत्वपूर्ण है।

शिकायतकर्ता पोतियों की मांग है कि उनके परिवार से जुड़ी संपत्ति और पूजा स्थल की स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि पैतृक मकान से संबंधित अधिकारों और धार्मिक स्थल की व्यवस्था में किसी प्रकार का विवाद न रहे।

जिलाधिकारी द्वारा जांच के आदेश दिए जाने से अब मामले को प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाया गया है। संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच और दोनों पक्षों की बात सुने जाने के बाद वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मकान को नीम करौली बाबा की जन्मस्थली बताया जा रहा है और वहां उनकी तथा उनकी पत्नी की पूजा स्थली भी बनी हुई है। इसलिए संपत्ति से जुड़े विवाद के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं से जुड़ा पहलू भी सामने आता है।

परिवार की छह पोतियों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद प्रशासन के सामने चुनौती है कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। इससे भविष्य में विवाद बढ़ने की संभावना को भी कम किया जा सकता है।

फिलहाल जिलाधिकारी के जांच आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर सभी की नजर है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर ही यह तय होगा कि पैतृक मकान पर किसका अधिकार है और ट्रस्ट की वर्तमान भूमिका क्या है।

कुल मिलाकर, फिरोजाबाद की टूंडला तहसील के अकबरपुर गांव में नीम करौली बाबा के पैतृक मकान को लेकर विवाद सामने आया है। बाबा की छह पोतियों ने श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट पर मकान पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को शिकायती पत्र दिया है। उन्होंने मकान और पूजा स्थल को ट्रस्ट के कथित कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। प्रशासन ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट से ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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