
हापुड़।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष अशोक डींगरा के नेतृत्व में किसानों द्वारा 30 वर्षों के गन्ना भुगतान पर ब्याज का हिसाब उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय, नई मंडी हापुड़ पर चलाया जा रहा धरना गुरुवार को 15वें दिन भी जारी रहा। 3 सितंबर 2026 को धरना स्थल पर किसानों की महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लेकर अपनी मांग को मजबूती से उठाया। किसानों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें उनके 30 वर्षों के ब्याज का वर्षवार और प्रत्येक किसान के स्तर पर पूरा विवरण शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
धरना स्थल पर आयोजित महापंचायत का संचालन संगठन के वरिष्ठ जिला संरक्षक निरंजन शास्त्री ने किया, जबकि अध्यक्षता वहाव चौधरी राजपुर ने की। महापंचायत में किसानों ने गन्ना भुगतान में देरी से संबंधित ब्याज की गणना और उसका पूरा विवरण उपलब्ध कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना था कि लंबे समय से ब्याज के हिसाब की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक उन्हें 30 वर्षों का पूर्ण और स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
किसानों ने कहा कि उनकी मांग केवल किसी एक वर्ष या कुछ वर्षों के ब्याज तक सीमित नहीं है। वे 30 वर्षों के ब्याज का वर्षवार विवरण चाहते हैं और प्रत्येक किसान को उसके हिस्से के ब्याज की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराए जाने की मांग कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि जब गन्ने का भुगतान निर्धारित समय पर नहीं होता और उस पर ब्याज देय होता है तो किसानों को उसके हिसाब की जानकारी मिलना भी आवश्यक है।
महापंचायत के दौरान किसानों ने एक स्वर में कहा कि 30 वर्षों के ब्याज का पूरा हिसाब जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से किसान इस विषय को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। यदि विभाग की ओर से जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों ने कहा कि वे अपने अधिकारों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और जब तक उन्हें ब्याज का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रदेश प्रवक्ता ज्ञानेंद्र त्यागी अपनी पूरी टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों के हितों की इस लड़ाई में उनकी संस्था उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने के भुगतान में हुई देरी पर 15 प्रतिशत ब्याज की दर से ब्याज का हिसाब उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को उनके ब्याज का पूरा हिसाब उपलब्ध नहीं कराया गया तो संगठन और किसान मिलकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
धरना स्थल पर किसानों और गन्ना विभाग के अधिकारियों के बीच वार्ता भी हुई। जिला गन्ना अधिकारी की ओर से वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक एवं प्रभारी धौलाना जयपाल सिंह तथा सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड हापुड़ के सचिव प्रभारी विनोद कुमार किसानों के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की मांग सुनी और उनके साथ बातचीत की। वार्ता के दौरान किसानों ने स्पष्ट रूप से 30 वर्षों के ब्याज का वर्षवार और प्रत्येक किसान के हिसाब से विवरण उपलब्ध कराने की मांग रखी।
अधिकारियों की ओर से किसानों को बताया गया कि तीन वर्षों के ब्याज का हिसाब तैयार है और चौथे वर्ष का हिसाब तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जैसे ही उन्हें संबंधित आदेश प्राप्त होगा, किसानों को उपलब्ध जानकारी मुहैया करा दी जाएगी। हालांकि किसानों ने अधिकारियों के इस जवाब पर अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि उन्हें केवल कुछ वर्षों का नहीं, बल्कि पूरे 30 वर्षों का ब्याज विवरण चाहिए।

किसानों और विभागीय प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता को आंशिक रूप से सफल बताया गया। अधिकारियों ने किसानों की मांग पर जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही, लेकिन किसानों की मुख्य मांग 30 वर्षों के पूरे ब्याज का वर्षवार विवरण मिलने से जुड़ी रही। इसी कारण किसानों ने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया। किसानों ने कहा कि जब तक उन्हें 30 वर्षों के ब्याज का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव चौधरी वीरपाल सिंह ने भी विभागीय अधिकारियों को किसानों की मांग को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को हल्के में न लिया जाए और जल्द से जल्द 30 वर्षों के ब्याज का पूरा हिसाब उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों ने लंबे समय से अपनी मांग को लेकर आवाज उठाई है और अब वे किसी तरह की अनदेखी स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से गन्ना उत्पादन होता है और यदि भुगतान में देरी हुई है तो नियमानुसार देय ब्याज का स्पष्ट हिसाब किसानों के सामने होना चाहिए। किसानों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि किस वर्ष कितनी राशि पर कितना ब्याज बना और प्रत्येक किसान को कितना ब्याज देय है। इसी मांग को लेकर संगठन लगातार आवाज उठा रहा है।
किसान मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर चौधरी एवं जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गिल ने भी धरने को अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने किसानों की मांग को जायज बताते हुए कहा कि किसानों के हित से जुड़े इस विषय को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों को उनकी मांग के अनुरूप आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती।
महापंचायत में किसानों ने कहा कि ब्याज के हिसाब को लेकर पारदर्शिता बेहद जरूरी है। प्रत्येक किसान को उसके गन्ना भुगतान और उस पर देय ब्याज का स्पष्ट विवरण मिलना चाहिए। किसानों का कहना था कि वर्षवार विवरण मिलने से उन्हें पूरी स्थिति समझने में आसानी होगी और विभाग तथा किसानों के बीच किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति भी नहीं रहेगी।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि किसानों की मांग को लेकर संगठन शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहा है। विभागीय अधिकारियों से बातचीत भी की गई है, लेकिन अभी तक पूर्ण समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में किसानों ने तय किया है कि 30 वर्षों के ब्याज का पूरा विवरण मिलने तक धरना जारी रखा जाएगा।
महापंचायत के दौरान किसानों में अपनी मांग को लेकर एकजुटता दिखाई दी। किसानों ने कहा कि वह किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने देंगे और प्रत्येक किसान को उसके ब्याज का सही हिसाब मिलना चाहिए। उन्होंने विभाग से मांग की कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जल्द से जल्द पूरी गणना कर किसानों को जानकारी दी जाए।
राष्ट्रीय सैनिक संस्था के प्रदेश प्रवक्ता ज्ञानेंद्र त्यागी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने भी किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को समय पर उनका ब्याज संबंधी विवरण नहीं दिया गया तो आंदोलन को समर्थन देने के लिए आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
धरने के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रवक्ता मुकुल त्यागी, मंडल उपाध्यक्ष वीरेश चौधरी, सतीश डींगरा, नरेंद्र कुमार लालपुर, गंगा वीर, जगमेल सिंह, बिट्टू चौधरी, सत्येंद्र सिंह, मुनेश गिल कनिया, बलराज सिंह, लोकेंद्र सिंह, कपिल कुमार, रविंद्र सहरावत, नेत्रपाल, अब्दुल वहाब, जयप्रकाश त्यागी, सतपाल सिंह, देवेंद्र कुमार, सुशील कुमार, जसवीर सिंह सहित अनेक किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
किसानों ने अंत में दोहराया कि उनका आंदोलन फिलहाल समाप्त नहीं होगा। अधिकारियों की ओर से तीन वर्षों के ब्याज का हिसाब तैयार होने और चौथे वर्ष का विवरण तैयार किए जाने की जानकारी दिए जाने के बावजूद किसान 30 वर्षों के पूरे ब्याज का वर्षवार एवं किसानवार विवरण मांग रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी यह मुख्य मांग पूरी नहीं होती, जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय, नई मंडी हापुड़ पर धरना जारी रहेगा। महापंचायत ने आंदोलन को आगे भी संगठित तरीके से जारी रखने का संदेश दिया।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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