
हापुड़।
त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ तरीके से खाद्य सामग्री के परिवहन की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार, 4 नवंबर 2026 को आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश के आदेश तथा जिलाधिकारी हापुड़ के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने एनएच-9 स्थित छिजारसी टोल प्लाजा के पास एक पिकअप वाहन को रोककर निरीक्षण किया। वाहन में भारी मात्रा में पनीर लदा हुआ था, जिसे अमरोहा से दिल्ली बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान पनीर के भंडारण और परिवहन की स्थिति बेहद अस्वच्छ पाई गई। पनीर से खट्टापन और दुर्गंध आने के कारण उसके खराब होने तथा मिलावटी होने का संदेह जताया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पनीर के दो नमूने जांच के लिए संग्रहित किए और शेष 1197 किलोग्राम पनीर को नियमानुसार नष्ट करा दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय श्री चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में की गई। विभागीय टीम ने एनएच-9 पर छिजारसी टोल प्लाजा के पास वाहन संख्या UP 23 AT 9695, महिंद्रा बोलेरो पिकअप को रोककर तलाशी ली। वाहन की जांच करने पर उसमें 13 प्लास्टिक ड्रमों में लगभग 1100 किलोग्राम पनीर रखा मिला। इसके अतिरिक्त वाहन की फर्श पर भी करीब 100 किलोग्राम पनीर भंडारित किया गया था। इस प्रकार वाहन में कुल लगभग 1200 किलोग्राम पनीर ले जाया जा रहा था।
बताया गया कि पनीर ग्राम हरियाना, थाना सैदनगली, जनपद अमरोहा से दिल्ली बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पनीर को खाद्य पदार्थों के भंडारण के लिए अनुपयुक्त गंदे औद्योगिक केमिकल ड्रमों में रखा गया था। इसके अलावा पनीर को अखाद्य बर्फ के साथ अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित किया गया था। वाहन में पनीर को गंदे तिरपाल से ढककर रखा गया था। इस तरह खाद्य सामग्री के परिवहन में स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों की अनदेखी सामने आई।
पनीर से आ रही थी खट्टी गंध और दुर्गंध
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया। पनीर में खट्टापन महसूस होने के साथ उससे दुर्गंध भी आ रही थी। अधिकारियों के अनुसार, खाद्य पदार्थों को अस्वच्छ परिस्थितियों में रखने और अनुपयुक्त बर्तनों में भंडारित करने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में खाद्य सामग्री का सेवन लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
पनीर की गुणवत्ता और उसमें संभावित मिलावट की पुष्टि के लिए विभागीय टीम ने मौके पर ही दो नमूने जांच के उद्देश्य से संग्रहित किए। इन नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहां उनकी गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की जांच की जाएगी। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर नष्ट कराया गया पनीर
निरीक्षण के बाद वाहन में रखे पनीर में से जांच के लिए नमूने सुरक्षित कर शेष 1197 किलोग्राम पनीर को नियमानुसार नष्ट कराने की कार्रवाई की गई। इसके लिए मौके पर जेसीबी मशीन की सहायता से गड्ढा खुदवाया गया। इसके बाद पूरी मात्रा में पनीर को गड्ढे में डालकर मिट्टी से दबा दिया गया, ताकि संदिग्ध खाद्य सामग्री दोबारा बाजार में न पहुंच सके और लोगों के उपभोग में न आए।
विभागीय कार्रवाई में नष्ट किए गए 1197 किलोग्राम पनीर की अनुमानित कीमत 4 लाख 18 हजार 950 रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर का नष्ट कराया जाना खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई की गंभीरता को दर्शाता है। अधिकारियों का उद्देश्य था कि संदिग्ध और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी गई खाद्य सामग्री को बाजार तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम रही मौजूद
यह कार्रवाई सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय श्री चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में की गई। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री पंकज कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री सोवेन्द्र सिंह, श्री आरपी गंगवार, श्री विपिन कुमार सिंह, श्री मोहित अहलावत तथा सुश्री सहरिश सादात शामिल रहे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन की जांच, पनीर के नमूने संग्रहित करने तथा संदिग्ध खाद्य सामग्री को नष्ट कराने की प्रक्रिया में सहभागिता की।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों के परिवहन और भंडारण में स्वच्छता के महत्व को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। पनीर जैसी जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री को निर्धारित तापमान और स्वच्छ परिस्थितियों में रखना आवश्यक होता है। यदि इसे गंदे ड्रमों में रखा जाए या अस्वच्छ तरीके से परिवहन किया जाए तो इसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाले कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित मानकों का पालन करें।
मिलावट के खिलाफ अभियान जारी रखने के निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। खासकर त्योहारों के आसपास दूध, पनीर, खोया, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ कारोबारी मिलावटी या अस्वच्छ खाद्य सामग्री बाजार में पहुंचाने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई की जाती है।
इस कार्रवाई में पनीर के दो नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए गए हैं। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से पनीर की वास्तविक गुणवत्ता और संभावित मिलावट की स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों की निगरानी में संदिग्ध पनीर की बड़ी खेप को बाजार में पहुंचने से पहले ही नष्ट करा दिया गया। इससे उपभोक्ताओं तक असुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचने की आशंका को रोकने में मदद मिली।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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