The Bugle Call of Revolution : जौनपुर में ऐतिहासिक नाटक क्रांति का बिगुल का भव्य मंचन, 1857 के वीरों के बलिदान को किया याद ?

The Bugle Call of Revolution : जौनपुर में ऐतिहासिक नाटक क्रांति का बिगुल का भव्य मंचन, 1857 के वीरों के बलिदान को किया याद
The Bugle Call of Revolution : जौनपुर में ऐतिहासिक नाटक क्रांति का बिगुल का भव्य मंचन, 1857 के वीरों के बलिदान को किया याद

जौनपुर, 26 अक्टूबर 2026। जिले में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में ऐतिहासिक नाटक ‘क्रांति का बिगुल’ का भव्य मंचन किया गया। वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरगाथाओं और अमर शहीदों के त्याग एवं बलिदान पर आधारित इस नाटक ने दर्शकों को देश के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया। कलाकारों ने अपने सजीव और भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष, वीरों के साहस, राष्ट्रप्रेम और आजादी के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान प्रेक्षागृह में उपस्थित दर्शक ऐतिहासिक घटनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से परिचित हुए।

कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, भारतेन्दु नाट्य अकादमी और जिला प्रशासन जौनपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महामंत्री पीयूष गुप्ता और मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने नाटक के माध्यम से देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले वीरों को याद किया और उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्देश्य ऐतिहासिक घटनाओं को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से आमजन और विशेष रूप से युवाओं तक पहुंचाना रहा। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद ऐतिहासिक नाटक ‘क्रांति का बिगुल’ का मंचन किया गया।

वर्ष 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। इस संघर्ष ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध व्यापक प्रतिरोध को स्वर दिया। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों ने साहस के साथ संघर्ष किया तथा आजादी की भावना को मजबूत बनाया। नाटक में इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।

कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से उस दौर की परिस्थितियों, संघर्ष और देशभक्ति की भावना को दर्शकों के सामने रखा। प्रस्तुति में साहस, त्याग, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को प्रमुखता दी गई। नाटक ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि देश की स्वतंत्रता अनेक वीरों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है।

कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को किया प्रभावित

ऐतिहासिक नाटक ‘क्रांति का बिगुल’ में कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण अदाकारी से स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं को जीवंत रूप देने का प्रयास किया। मंच पर प्रस्तुत दृश्यों के माध्यम से दर्शकों को उस समय के संघर्ष और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध उठी प्रतिरोध की आवाज का अनुभव कराया गया।

कलाकारों के अभिनय में देशभक्ति, साहस और स्वतंत्रता प्राप्त करने की दृढ़ इच्छाशक्ति को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक की कथा और मंचन ने दर्शकों को भारतीय इतिहास के उस दौर की याद दिलाई, जब स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले वीरों ने अनेक कठिनाइयों का सामना किया।

प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि इसके पीछे अनेक लोगों का त्याग, संघर्ष और समर्पण जुड़ा हुआ है। आज की पीढ़ी के लिए यह जरूरी है कि वह स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जाने और देश की आजादी के महत्व को समझे।

The Bugle Call of Revolution : जौनपुर में ऐतिहासिक नाटक क्रांति का बिगुल का भव्य मंचन, 1857 के वीरों के बलिदान को किया याद
The Bugle Call of Revolution : जौनपुर में ऐतिहासिक नाटक क्रांति का बिगुल का भव्य मंचन, 1857 के वीरों के बलिदान को किया याद

प्रसिद्ध रंगकर्मी गुंजन शुक्ला ने किया निर्देशन

नाटक ‘क्रांति का बिगुल’ का निर्देशन प्रसिद्ध रंगकर्मी गुंजन शुक्ला ने किया। उनके निर्देशन में कलाकारों ने ऐतिहासिक घटनाओं को प्रभावशाली नाट्य रूप में प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान अभिनय और संवादों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, साहस और बलिदान की भावना को सामने लाया गया।

ऐतिहासिक नाटकों की विशेषता यह होती है कि वे पुस्तकों और विवरणों में दर्ज घटनाओं को दृश्य एवं संवाद के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाते हैं। इस तरह की प्रस्तुतियां इतिहास को समझने का एक रोचक माध्यम बन सकती हैं। ‘क्रांति का बिगुल’ के मंचन के जरिए भी स्वतंत्रता संग्राम की वीरगाथाओं को दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों के लिए भी यह प्रस्तुति ऐतिहासिक घटनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को जानने का अवसर रही। नाटक ने आजादी के लिए किए गए संघर्ष और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को समझने का संदेश दिया।

स्वतंत्रता सेनानी के परिजन विमला सिंह को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन विमला सिंह को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले वीरों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को याद किया गया।

स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों का सम्मान देश के इतिहास तथा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी स्मृतियों को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को यह समझने का अवसर मिलता है कि देश की आजादी के लिए अनेक लोगों ने अपना जीवन समर्पित किया।

विमला सिंह का सम्मान कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इसके जरिए स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।

अधिकारियों, विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेटों ने की सहभागिता

इस आयोजन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, जिला पंचायत राज अधिकारी, परियोजना निदेशक के.के. पाण्डेय, सह विद्यालय निरीक्षक विवेक सिंह, सहायक निदेशक (रंगमंडल) प्रिवेंद्र सिंह तथा प्रभारी सहायक निदेशक (अकादमी) डॉ. सुमित कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अतिरिक्त नेहरू बालोद्यान इंटर कॉलेज, टीडी कॉलेज, मोहम्मद हसन इंटर कॉलेज, जनक कुमारी इंटर कॉलेज और राज कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। विद्यार्थियों के साथ एनसीसी कैडेट तथा अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की भागीदारी से कार्यक्रम को शैक्षिक और सांस्कृतिक महत्व मिला। इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर ऐतिहासिक घटनाओं को समझने और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है।

इतिहास और राष्ट्रप्रेम का संदेश देकर संपन्न हुआ आयोजन

जौनपुर के कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित ‘क्रांति का बिगुल’ का मंचन स्वतंत्रता संग्राम की वीरगाथाओं को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों की भावना को दर्शकों तक पहुंचाया।

संस्कृति विभाग, भारतेन्दु नाट्य अकादमी और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में ऐतिहासिक नाटक, स्वतंत्रता सेनानी के परिजन का सम्मान और विद्यार्थियों की सहभागिता प्रमुख आकर्षण रहे। कार्यक्रम ने देश के गौरवशाली इतिहास को याद करने, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का सम्मान करने और नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत करने का संदेश दिया।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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