
फतेहपुर।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा एवं अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के पदाधिकारियों और कायस्थ समाज के लोगों ने सिविल लाइन स्थित शास्त्री जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिला अध्यक्ष विवेक श्रीवास्तव एवं अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के जिला अध्यक्ष काली शंकर श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हुए और देश के दूसरे प्रधानमंत्री रहे लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष, सादगी और राष्ट्र सेवा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री के पौत्र विभाकर शास्त्री मौजूद रहे। उनके पहुंचने पर आयोजकों और समाज के लोगों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान शास्त्री जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया और उपस्थित लोगों ने पुष्प अर्पित कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का जीवन देश के लिए समर्पण, सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश के प्रधानमंत्री पद तक अपने जीवन में अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। बेहद साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले लाल बहादुर शास्त्री ने अपने आचरण और कार्यशैली से देश की राजनीति में अलग पहचान बनाई। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश का नेतृत्व किया और राष्ट्रीय हित को हमेशा सर्वोपरि रखा। कायस्थ समाज के लोगों ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने अपने कार्यों और व्यक्तित्व से पूरे कायस्थ समाज को गौरवान्वित किया। इसी कारण उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर समाज के लोगों द्वारा उन्हें याद कर दीप प्रज्वलित करने और श्रद्धासुमन अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायक है। उनके जीवन में सादगी और अनुशासन का विशेष महत्व रहा। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी सरल जीवन शैली को अपनाया और अपने पद की गरिमा के अनुरूप देश के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने देश के सामने आने वाली कठिन परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना किया। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान देश को खाद्यान्न की समस्या सहित कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने किसानों और जवानों के महत्व को रेखांकित करते हुए “जय जवान, जय किसान” का नारा दिया, जो आज भी देश में व्यापक रूप से याद किया जाता है।

वक्ताओं ने कहा कि
इस नारे में देश की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था दोनों के महत्व को रेखांकित किया गया था। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवान और देश के लिए अन्न पैदा करने वाले किसान दोनों ही राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे जनसेवक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने सादगी और ईमानदारी को अपने सार्वजनिक जीवन का आधार बनाया। उनके जीवन से यह संदेश मिलता है कि बड़ा पद प्राप्त करने के बावजूद व्यक्ति को अपनी जड़ों और मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए। पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने उनके विचारों और आदर्शों को याद करते हुए नई पीढ़ी तक उनके जीवन की जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में युवा पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के जीवन के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए। इससे उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी और समाज के प्रति सेवा भावना विकसित होगी। मुख्य अतिथि विभाकर शास्त्री की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। इस दौरान उन्होंने भी शास्त्री जी के जीवन और उनके आदर्शों को याद किया। समाज के लोगों ने कहा कि किसी महान व्यक्तित्व की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल औपचारिक कार्यक्रम करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके विचारों और जीवन मूल्यों को समझकर उन्हें व्यवहार में अपनाना भी आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शास्त्री जी की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा और अखिल भारतीय चित्रांश महासभा द्वारा समय-समय पर समाज के महापुरुषों एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को याद किया जाता है। इसी क्रम में लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की पूर्व संध्या पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिला अध्यक्ष विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने जीवन में संघर्षों का सामना करते हुए देश सेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा याद रखा जाएगा। वहीं अखिल भारतीय चित्रांश महासभा के जिला अध्यक्ष काली शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि शास्त्री जी की जयंती कायस्थ समाज के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज को अपने महापुरुषों के जीवन और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने अपने कार्यों से यह साबित किया कि साधारण जीवन जीते हुए भी देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचकर राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने एक-दूसरे को शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं भी दीं। दीप प्रज्वलन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद उपस्थित लोगों ने शास्त्री जी की प्रतिमा के आसपास स्वच्छता और व्यवस्था का भी ध्यान रखा। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ युवा कार्यकर्ताओं की भी सहभागिता रही। इससे कार्यक्रम में समाज की विभिन्न पीढ़ियों की भागीदारी दिखाई दी। इस अवसर पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिला महामंत्री एवं सभासद संजय श्रीवास्तव, चित्रांश महासभा के जिला महामंत्री सावन श्रीवास्तव, शहर अध्यक्ष संजर लाला ठेकेदार, युवा जिला अध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव, युवा महामंत्री रामजी श्रीवास्तव, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, सुजीत सिन्हा, प्रशांत श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, रामजी सहाय, सुशील श्रीवास्तव, पूर्व सभासद मनोज श्रीवास्तव, राजन श्रीवास्तव, विनीत श्रीवास्तव, अभिषेक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव, विकास श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, श्याम सुंदर श्रीवास्तव सहित तमाम लोग मौजूद रहे। सभी ने शास्त्री जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सेवा, सद्भाव और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम के माध्यम से कायस्थ समाज ने न केवल अपने गौरवशाली व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि दी, बल्कि नई पीढ़ी को भी उनके जीवन और राष्ट्र के लिए किए गए योगदान से परिचित कराने का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों को याद करना समाज की जिम्मेदारी है और ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी रहना चाहिए।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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