
बिजनौर।
ग्राम पंचायत हुसैनपुर (उसगुल्लापुर) में चेहल्लुम-ए-इमाम हुसैन (अ.स.) के अवसर पर शहीद-ए-कर्बला की याद में अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन और धार्मिक आस्था के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर जनपद बिजनौर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों और दूर-दराज़ क्षेत्रों से हजारों की संख्या में अकीदतमंद हुसैनपुर पहुंचे। सभी ने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और शहीदान-ए-कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश करते हुए उनकी महान कुर्बानी को याद किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में ग़म, अकीदत, भाईचारे और धार्मिक सौहार्द का अनूठा वातावरण देखने को मिला।
चेहल्लुम इस्लामिक परंपरा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। यह दिन कर्बला के शहीदों, विशेष रूप से हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर अकीदतमंद उनकी कुर्बानी को याद करते हुए इंसानियत, न्याय, सत्य और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं। हुसैनपुर में आयोजित कार्यक्रम भी इसी भावना के साथ संपन्न हुआ, जिसमें हर वर्ग और आयु के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
सुबह से ही ग्राम पंचायत हुसैनपुर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। गांव की गलियां और प्रमुख मार्ग धार्मिक परचमों, अलमों और अन्य धार्मिक प्रतीकों से सजे हुए दिखाई दिए। जुलूस निर्धारित समय पर अंजुमन सिपाह-ए-अब्बास के तत्वावधान में प्रारंभ हुआ। जैसे ही जुलूस आगे बढ़ा, पूरे वातावरण में या हुसैन की सदाएं गूंज उठीं और श्रद्धालुओं ने अत्यंत अनुशासन और श्रद्धा के साथ उसमें भाग लिया।
जुलूस में अलम, अमारी और अन्य धार्मिक निशानों को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ निकाला गया। इन धार्मिक प्रतीकों को देखने और उनका सम्मान करने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में नौहाख्वानी की और मातम के माध्यम से कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नौहाख्वानी के दौरान कर्बला की घटना और शहीदों की कुर्बानियों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं।
पूरे जुलूस के दौरान अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने, मार्ग को सुचारु बनाए रखने और सभी व्यवस्थाओं को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों ने भी श्रद्धालुओं का स्वागत किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरा सहयोग दिया।
इस धार्मिक आयोजन का नेतृत्व अंजुमन सिपाह-ए-अब्बास द्वारा किया गया। जुलूस के साहिब-ए-अज़ा जनाब कुमैल अब्बास, जनाब हैदर अब्बास, जनाब अली तथा जनाब ज़मन मेहदी रहे। इन सभी ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और लोगों को कर्बला की कुर्बानी के संदेश से अवगत कराया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन
अंजुमन सिपाह-ए-अब्बास के सदर जनाब मोहम्मद ज़की, सेक्रेटरी जनाब मोहम्मद अब्बास तथा ज़हूर मेहदी सहित संगठन के सभी पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। आयोजन की सभी व्यवस्थाओं को उन्होंने सुनियोजित ढंग से संचालित किया, जिसके कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन जनाब हानी बिजनौरी ने प्रभावशाली ढंग से किया। उन्होंने चेहल्लुम के महत्व, कर्बला की ऐतिहासिक घटना और हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन सत्य, न्याय, धैर्य और मानवता की रक्षा के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी केवल किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
जुलूस के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शर्बत और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई थी। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने सेवा भाव से इन व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। श्रद्धालुओं ने भी पूरे अनुशासन और शांति के साथ धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेकर भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मौजूद अकीदतमंदों ने कहा कि कर्बला का संदेश हर युग में प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अन्याय और अत्याचार के सामने झुकने के बजाय सत्य और न्याय के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उनकी यह कुर्बानी आज भी लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने, मानवता की रक्षा करने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
धार्मिक आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। इससे क्षेत्र में आपसी सौहार्द, सामाजिक समरसता और धार्मिक सद्भाव की सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली।
चेहल्लुम-ए-इमाम हुसैन के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कर्बला केवल इतिहास की घटना नहीं, बल्कि मानवता, न्याय, सत्य, त्याग और बलिदान का ऐसा अध्याय है, जो हर पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा। हुसैनपुर में आयोजित इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम में हजारों अकीदतमंदों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ इमाम हुसैन (अ.स.) और शहीदान-ए-कर्बला को याद करते हुए उनके बताए हुए सत्य, इंसाफ, धैर्य और इंसानियत के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन शांति, भाईचारे और सभी की खुशहाली एवं अमन-चैन की दुआओं के साथ हुआ।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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