Warning of a protest : किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू टिकैत ने बलवापुर में की नुक्कड़ सभा, आंदोलन की चेतावनी ?

Warning of a protest : किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू टिकैत ने बलवापुर में की नुक्कड़ सभा, आंदोलन की चेतावनी
Warning of a protest : किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू टिकैत ने बलवापुर में की नुक्कड़ सभा, आंदोलन की चेतावनी

हापुड़। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की ओर से बुधवार को ग्राम बलवापुर, गढ़मुक्तेश्वर में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। सभा में किसानों ने गन्ना भुगतान, आवारा पशुओं, बिजली विभाग की समस्याओं, खाद-बीज की किल्लत और कथित कालाबाजारी सहित कई मुद्दे उठाए। किसानों ने वनतारा द्वारा बंद नालों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक आंदोलन किया जाएगा।

नुक्कड़ सभा की अध्यक्षता योगेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन ब्लॉक अध्यक्ष राजू ठाकुर ने किया। कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष जीते चौहान ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए संगठन की ओर से संघर्ष करने का भरोसा दिलाया।

गन्ना भुगतान में देरी का मुद्दा प्रमुख

सभा के दौरान जिला अध्यक्ष जीते चौहान ने कहा कि किसान इस समय कई समस्याओं से जूझ रहा है। सबसे बड़ी समस्याओं में से एक गन्ने के भुगतान में देरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुगर मिल द्वारा पिछले सत्र का भुगतान अभी तक लंबित है, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल तैयार करने में महीनों मेहनत करता है। फसल बेचने के बाद समय पर भुगतान नहीं मिलने से उसकी आर्थिक व्यवस्था प्रभावित होती है। खेती की लागत, खाद, बीज, बिजली, मजदूरी और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में गन्ने का भुगतान समय पर होना किसानों के लिए बेहद जरूरी है।

भाकियू नेता ने यह भी कहा कि गन्ना भुगतान से जुड़े ब्याज को लेकर भी किसानों को अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। उनका आरोप है कि सचिव की ओर से ब्याज का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा किसानों के सामने नहीं रखा गया है। संगठन ने मांग की कि किसानों को भुगतान और ब्याज की स्थिति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

आवारा पशुओं से फसलों को नुकसान

नुक्कड़ सभा में आवारा पशुओं की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया। जिला अध्यक्ष ने कहा कि गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की संख्या बढ़ने के कारण किसान परेशान हैं। ये पशु खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

किसानों का कहना है कि दिन-रात खेतों की निगरानी करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। फसल को बचाने के लिए किसान रात में भी खेतों पर जाने को मजबूर हैं। आवारा पशुओं से फसल के नुकसान के साथ-साथ सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।

भाकियू नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। किसानों का कहना है कि सड़कों पर घूमने वाले पशु वाहन चालकों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं और कई स्थानों पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप

सभा में किसानों ने विद्युत विभाग से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी नाराजगी जताई। जिला अध्यक्ष जीते चौहान ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और बिना पैसे के काम नहीं होता। उन्होंने जर्जर विद्युत लाइनों और कथित अवैध वसूली का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली की लाइनें जर्जर स्थिति में हैं, जिससे किसानों और ग्रामीणों के सामने सुरक्षा का खतरा बना रहता है। किसानों ने मांग की कि जर्जर बिजली की लाइनों को जल्द बदला जाए और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर किया जाए।

भाकियू नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों और ग्रामीणों को विभागीय कार्यों के लिए परेशान होना पड़ता है। संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और यदि कहीं अवैध वसूली हो रही है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

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खाद-बीज की किल्लत और कालाबाजारी का आरोप

किसानों ने डीएपी और यूरिया खाद की उपलब्धता को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई। सभा में कहा गया कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इससे फसलों की बुवाई और कृषि कार्य प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।

भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि खाद की कमी के बीच कुछ स्थानों पर इसे महंगे दामों पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। संगठन ने खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की।

किसानों का कहना है कि कृषि सीजन में खाद की जरूरत सबसे अधिक होती है। ऐसे समय में यदि किसान को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध नहीं होती तो उसकी खेती की लागत और बढ़ जाती है। भाकियू ने प्रशासन से खाद-बीज की दुकानों की जांच कराने और किसानों को निर्धारित दर पर सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।

बंद नालों को लेकर तहसील में धरने की तैयारी

नुक्कड़ सभा में वनतारा द्वारा बंद नालों का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने कहा कि इस मामले को लेकर तहसील स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

किसानों का कहना है कि नालों के बंद होने से पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है और इससे कृषि भूमि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका है। भाकियू नेताओं ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों की इस समस्या पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो तहसील स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए संगठन की ओर से आगे की रणनीति तैयार किए जाने की बात कही गई।

गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग

किसानों ने गन्ने के समर्थन मूल्य को लेकर भी अपनी मांग रखी। जिला अध्यक्ष जीते चौहान ने कहा कि वर्तमान महंगाई को देखते हुए गन्ने का रेट बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों की ओर से गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग उठाई।

भाकियू का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। डीजल, खाद, बीज, कीटनाशक, मजदूरी और सिंचाई समेत कृषि से जुड़े लगभग सभी खर्च बढ़े हैं। ऐसे में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना जरूरी है।

संगठन ने कहा कि गन्ने का उचित मूल्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। किसानों की मांग है कि महंगाई और कृषि लागत को ध्यान में रखते हुए गन्ने के भाव में पर्याप्त वृद्धि की जाए।

समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

नुक्कड़ सभा के दौरान जिला अध्यक्ष जीते चौहान ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।

उन्होंने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं को लेकर गांव से लेकर ब्लॉक और जिला स्तर तक आवाज उठाएगा। यदि प्रशासन ने समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया तो ब्लॉक स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक बड़े आंदोलन किए जाएंगे।

भाकियू नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याएं केवल किसी एक गांव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसान समान समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को शिकायतों को गंभीरता से लेकर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

सैकड़ों किसान रहे मौजूद

ग्राम बलवापुर में आयोजित नुक्कड़ सभा में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में सतनाम सिंह, सुनील प्रधान, सेवाराम चौहान, मनोज प्रधान, शेखर राणा, गुलजार खान सहित सैकड़ों किसानों की मौजूदगी रही।

सभा के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं संगठन के पदाधिकारियों के सामने रखीं। जिला अध्यक्ष ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा और समाधान के लिए संगठन लगातार प्रयास करेगा।

सभा के अंत में भाकियू नेताओं ने किसानों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का आह्वान किया।

भाकियू टिकैत की इस नुक्कड़ सभा में गन्ना भुगतान, गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, बिजली व्यवस्था में सुधार, खाद-बीज की उपलब्धता, कथित कालाबाजारी तथा बंद नालों जैसे मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे। संगठन ने साफ किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन को गांव और ब्लॉक स्तर से बढ़ाकर जिला मुख्यालय तक ले जाया जाएगा।

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