Billion-dollar earnings : ईरान की होर्मुज स्ट्रेट योजना: जलडमरूमध्य से 73 अरब डॉलर की कमाई ?

Billion-dollar earnings : ईरान की होर्मुज स्ट्रेट योजना: जलडमरूमध्य से 73 अरब डॉलर की कमाई

Billion-dollar earnings : ईरान की होर्मुज स्ट्रेट योजना: जलडमरूमध्य से 73 अरब डॉलर की कमाई
Billion-dollar earnings : ईरान की होर्मुज स्ट्रेट योजना: जलडमरूमध्य से 73 अरब डॉलर की कमाई

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच

  • ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है। होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे रणनीतिक समुद्री मार्गों में से एक है, क्योंकि इसके माध्यम से तेल और अन्य आवश्यक वस्तुएं विश्व के बड़े हिस्सों में पहुंचती हैं। प्रोफेसर फोआद इजादी ने तेहरान यूनिवर्सिटी से एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि ईरान इस जलडमरूमध्य का अपने आर्थिक और सामरिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है।
  • ईरान के इस कदम के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, देश की घरेलू अर्थव्यवस्था को अमेरिकी प्रतिबंधों और युद्ध के कारण हुए नुकसान से उबारना। दूसरा, होर्मुज स्ट्रेट को अपने सैन्य और रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना, ताकि अमेरिका और इजरायल पर दबाव डाला जा सके। इजादी ने बताया कि ईरान पहले ही प्रतिबंधों से कमजोर हो चुका था और अब उसके कई प्रमुख शहरों पर भीषण बमबारी की जा रही है। ऐसे समय में यह योजना ईरान के लिए एक आर्थिक और सामरिक राहत का जरिया बन सकती है। प्रोफेसर इजादी के अनुसार, ईरानी सत्ता ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों पर 10 फीसदी टोल लगाने का प्रस्ताव रखा है। अनुमानित तौर पर इससे ईरान को सालाना लगभग 73 अरब डॉलर की कमाई होगी। यह रकम न केवल युद्ध और प्रतिबंधों से हुए नुकसान की भरपाई करेगी, बल्कि देश की घरेलू आर्थिक स्थिति को भी सुधारने में मददगार साबित होगी।

होर्मुज स्ट्रेट का महत्व वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में अत्यधिक है।

  • इस जलडमरूमध्य के माध्यम से विश्व का लगभग एक-पांचवां तेल निर्यात होता है। ऐसे में अगर ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना शुरू करता है, तो इससे न केवल उसका राजस्व बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार में भी प्रभाव पड़ेगा। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है, जिससे ईरान को भू-राजनीतिक लाभ भी मिल सकता है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना ईरान के लिए आर्थिक राहत और सामरिक लाभ दोनों का साधन होगी। ईरान लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों और क्षेत्रीय तनाव के कारण दबाव में है। होर्मुज स्ट्रेट से वसूली की जाने वाली रकम ईरान को अपने सैन्य खर्च, जवाबी मिसाइल हमलों और सुरक्षा उपायों में निवेश करने की सुविधा देगी।
Billion-dollar earnings : ईरान की होर्मुज स्ट्रेट योजना: जलडमरूमध्य से 73 अरब डॉलर की कमाई
Billion-dollar earnings : ईरान की होर्मुज स्ट्रेट योजना: जलडमरूमध्य से 73 अरब डॉलर की कमाई

हालांकि, यह योजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों और विरोध का कारण भी बन सकती है।

  • तेल और अन्य माल ले जाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियां ईरान द्वारा लगाए जाने वाले टोल से नाराज हो सकती हैं। इसके साथ ही अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस योजना को रोकने के लिए कूटनीतिक और सैन्य दबाव डाल सकते हैं। इसलिए ईरान को इस कदम के दौरान सावधानी बरतनी होगी, ताकि यह टकराव को बढ़ावा देने वाला न बने। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान ने टोल वसूलना शुरू किया, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ेगा। तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे अन्य देशों की आर्थिक स्थिरता पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, समुद्री मार्ग पर सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकते हैं, जिससे जहाजों को सुरक्षा उपायों के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा।
  • ईरानी विशेषज्ञ और प्रोफेसर इजादी का कहना है कि यह कदम तत्कालिक आर्थिक और रणनीतिक जरूरतों के कारण जरूरी है। उन्होंने इसे “मौजूदा समय की अच्छी योजना” बताया, जो देश की अर्थव्यवस्था और युद्ध की परिस्थितियों को देखते हुए उपयुक्त है। उनका मानना है कि इससे ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों के असर से उबर सकेगा और युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई कर सकेगा। अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से देखें तो यह योजना भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है। अमेरिका और इजरायल दोनों ही इस क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनके लिए होर्मुज स्ट्रेट एक संवेदनशील मार्ग है। ईरान द्वारा टोल वसूलने की योजना को देख कर वैश्विक समुदाय को मध्यस्थता और कूटनीतिक प्रयासों के लिए सक्रिय होना पड़ सकता है।
  • कुल मिलाकर, ईरान की यह योजना आर्थिक राहत और सामरिक लाभ के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। यदि इसे सही तरीके से लागू किया गया, तो देश को लगभग 73 अरब डॉलर का वार्षिक राजस्व मिलेगा। इससे न केवल आर्थिक संकट में राहत मिलेगी, बल्कि ईरान को युद्ध और भू-राजनीतिक दबाव के दौरान सामरिक लाभ भी हासिल होगा। हालांकि, इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय विवाद और सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकते हैं। इस घटना से स्पष्ट है कि होर्मुज स्ट्रेट न केवल वैश्विक तेल आपूर्ति का केंद्र है, बल्कि मध्य पूर्व में सामरिक और आर्थिक संघर्ष का भी महत्वपूर्ण बिंदु बन चुका है। ईरान के इस कदम से वैश्विक राजनीति और व्यापार दोनों प्रभावित होंगे, और आने वाले समय में इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी रहने की संभावना है।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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