Submitted a memorandum : अंबेडकरनगर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने कैशलेस चिकित्सा सहित लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन आज

अंबेडकरनगर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संगठन के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को जनपद अंबेडकरनगर में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में जोरदार ढंग से आवाज बुलंद की। प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत जिला कार्यकारिणी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षणेत्तर कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं माननीया शिक्षा राज्य मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिला अधिकारी (न्यायिक) श्री रंजीत कुमार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के समस्त शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करने सहित अनेक महत्वपूर्ण मांगों के शीघ्र निस्तारण का आग्रह किया गया।
यह कार्यक्रम जिला अध्यक्ष के नेतृत्व एवं प्रदेश संयुक्त मंत्री श्री शिव पुजारी की अगुवाई में संपन्न हुआ। ज्ञापन सौंपते समय संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। कार्यालय संचालन, अभिलेखों का रख-रखाव, परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं, वित्तीय कार्यों तथा विद्यालय प्रशासन को सुचारु रूप से संचालित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी अनेक न्यायोचित मांगें लंबित हैं, जिनके कारण कर्मचारियों में निराशा और असंतोष का वातावरण बना हुआ है। संगठन ने सरकार से इन समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने की मांग की।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग प्रदेश के सभी शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे में शामिल करने की रही। संगठन का कहना है कि वर्तमान समय में चिकित्सा सेवाओं का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। गंभीर बीमारी या आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारियों और उनके परिवारों को भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, तो उन्हें समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा और आर्थिक संकट से राहत मिलेगी। संगठन ने इसे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताया।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी वर्षों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद कई मामलों में उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और अधिकार प्राप्त नहीं हो पाए हैं। संगठन ने सरकार से आग्रह किया कि कर्मचारियों की समस्याओं को केवल प्रशासनिक विषय न मानकर मानवीय दृष्टिकोण से भी देखा जाए।
ज्ञापन में प्रदेश सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र निस्तारण की अपील करते हुए कहा गया कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होने से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और सुचारु रूप से संचालित होगी। संगठन ने यह भी कहा कि कर्मचारी सरकार के विकास कार्यों और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सदैव सहयोगी रहे हैं तथा भविष्य में भी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करते रहेंगे।

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने अपर जिला अधिकारी (न्यायिक) श्री रंजीत कुमार से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अनुरोध किया कि यह ज्ञापन अपने माध्यम से तत्काल माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश तथा माननीया शिक्षा राज्य मंत्री तक प्रेषित किया जाए, ताकि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई हो सके।
अपर जिला अधिकारी (न्यायिक) श्री रंजीत कुमार ने संगठन के प्रतिनिधियों की बात गंभीरता से सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि ज्ञापन को उसी दिन शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तत्काल अग्रसारित किया जाएगा, ताकि सरकार तक उनकी बात समय पर पहुंच सके। उनके इस आश्वासन का संगठन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वागत किया तथा उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी।
प्रदेश संयुक्त मंत्री श्री शिव पुजारी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से कर्मचारियों की आवाज शासन तक पहुंचा रहा है तथा उसे विश्वास है कि सरकार कर्मचारियों की भावनाओं और आवश्यकताओं को समझते हुए शीघ्र उचित निर्णय लेगी।
जिला अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षणेत्तर कर्मचारी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। विद्यालयों के सुचारु संचालन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए उनके हितों की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जाए और उन्हें बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के जिला मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष रमेश कुमार, रत्नेश कुमार, मंजीत, बृजभूषण, प्रदीप, चंद्रभान वर्मा, विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में संगठन के साथ पूर्ण एकता और प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने सभी उपस्थित कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सरकार द्वारा उनकी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाता है, तो इससे शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा विद्यालयों का प्रशासनिक कार्य भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगा। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना सहित अन्य लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगी।