Trust in the Administration : किसान दिवस में सिंचाई, बिजली और खाद समस्याओं पर उठी आवाज, समाधान का मिला भरोसा प्रशासन से

फतेहपुर। जिले में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन का ध्यान सिंचाई, बिजली आपूर्ति और खाद की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर आकर्षित किया। विकास भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, किसान प्रतिनिधि तथा भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारी उपस्थित रहे। किसानों ने कहा कि खेती-किसानी पूरी तरह समय पर सिंचाई, पर्याप्त बिजली और उर्वरकों की उपलब्धता पर निर्भर है। यदि इन बुनियादी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ तो खरीफ फसलों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
बैठक में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों ने किसानों की ओर से विस्तार से अपनी बात रखते हुए बताया कि वर्तमान समय में जिले के कई क्षेत्रों में नहरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे धान, मक्का, तिल, उड़द और अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने मांग की कि नहरों में पर्याप्त जल छोड़ा जाए, ताकि खेतों तक समय पर पानी पहुंच सके और किसानों को निजी साधनों पर अतिरिक्त खर्च न करना पड़े।
किसानों ने बैठक में बिजली आपूर्ति की समस्या को भी गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार लो-वोल्टेज, अघोषित बिजली कटौती और बार-बार होने वाली रोस्टिंग से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सिंचाई के लिए लगाए गए ट्यूबवेल पर्याप्त वोल्टेज न मिलने के कारण ठीक से नहीं चल पा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बैठक के दौरान विशेष रूप से पलिया पावर हाउस की समस्या उठाई गई। किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में पलिया पावर हाउस की बिजली आपूर्ति खागा से संचालित हो रही है, लेकिन तकनीकी कारणों से पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते क्षेत्र के किसानों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण बिजली नहीं मिल रही है।
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पलिया पावर हाउस को शीघ्र 33 केवी बेरा गढ़ीवा विद्युत उपकेंद्र से जोड़ा जाए। उनका कहना था कि ऐसा होने पर क्षेत्र के किसानों को बेहतर वोल्टेज के साथ नियमित बिजली उपलब्ध होगी और सिंचाई संबंधी समस्याओं का काफी हद तक समाधान हो जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि पलिया पावर हाउस को 33 केवी बेरा गढ़ीवा से जोड़ने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है तथा आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी भेज दिया गया है। प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया कि यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो गईं तो लगभग एक सप्ताह के भीतर नई विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
इस आश्वासन के बाद किसानों ने संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि बिजली आपूर्ति में सुधार होने से कृषि कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया कि भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि किसानों को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पड़े।

बैठक में किसानों ने खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में यदि खाद समय पर उपलब्ध नहीं होती तो फसल की बुआई और उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं। किसानों ने मांग की कि सभी सहकारी समितियों और अधिकृत बिक्री केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए तथा कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर भी प्रभावी कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों से जुड़े सभी विभाग नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करें और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन हमेशा किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। संगठन का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाकर उनका समाधान कराना है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए सिंचाई, बिजली और खाद जैसी मूलभूत सुविधाओं का बेहतर होना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि उनके मार्गदर्शन में संगठन लगातार किसानों की आवाज बुलंद कर रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम तथा युवा किसान नेता अंकित सिंह चौहान के प्रयासों की भी किसानों ने प्रशंसा की।
बैठक में किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि किसान दिवस जैसे कार्यक्रमों में उठाए गए मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई होगी और किसानों को राहत मिलेगी।
किसानों ने मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर पलिया पावर हाउस को नई विद्युत लाइन से जोड़ दिया जाता है तो हजारों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने सिंचाई व्यवस्था और खाद उपलब्धता में भी शीघ्र सुधार की उम्मीद जताई।
कार्यक्रम के अंत में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों और किसानों ने प्रशासन के साथ सकारात्मक संवाद जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना सरकार तथा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसानों ने आशा व्यक्त की कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई होगी, जिससे खेती-किसानी सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी और किसानों को राहत मिलेगी।