
हापुड़।
- महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से जानकी देवी फाउंडेशन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को शिवनगर, हापुड़ स्थित फाउंडेशन के सिलाई केंद्र पर तीन माह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रमाण-पत्र देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर महिलाओं में उत्साह, खुशी और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सिलाई जैसे उपयोगी कौशल से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। फाउंडेशन द्वारा संचालित सिलाई केंद्र पर पिछले तीन माह से महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को सिलाई के हुनर से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें अपने कौशल को विकसित करने का अवसर प्रदान किया गया।
शिवनगर स्थित सिलाई केंद्र का संचालन खुशबू द्वारा किया जा रहा था।
- उनके मार्गदर्शन में केंद्र पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं ने तीन माह तक सिलाई का अभ्यास किया और इस हुनर को सीखने के लिए मेहनत की। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आयोजित कार्यक्रम में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाली महिलाओं के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दिया। उनके लिए यह प्रमाण-पत्र केवल प्रशिक्षण पूरा होने का दस्तावेज नहीं, बल्कि अपने हुनर को आगे बढ़ाने और भविष्य में रोजगार की संभावनाएं तलाशने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।
- कार्यक्रम में जानकी देवी फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती संतोष सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उनके साथ संस्था की वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं बहुजन समाज पार्टी से जुड़ीं संतोष सिंह सहित विभिन्न सामाजिक और संस्थागत कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में गीता देवी, पूनम, महिला जागृति फाउंडेशन की अध्यक्ष गीता पैट्रिक, बबीता, कुसुम, अशोक कुमार गौतम, अमरजीत भार्गव, जयप्रकाश, अनिल, सतीश आजाद, सतीश चंद्र वर्मा, दीपक बौद्ध, संजय वैद्य, दिलीप एडवोकेट एवं सुंदर मास्टर सहित संस्था के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
- इस अवसर पर फाउंडेशन के अन्य सिलाई केंद्रों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं करीब 300 माता-बहनों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बना दिया। विभिन्न केंद्रों से आई महिलाओं ने एक-दूसरे से मुलाकात की और प्रशिक्षण से जुड़े अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के बीच आपसी संवाद और सहयोग की भावना भी देखने को मिली। संस्था से जुड़े सदस्यों ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए उनके हुनर को आगे बढ़ाने और प्रशिक्षण का लाभ अपने जीवन में उपयोग करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि
- वर्तमान समय में महिलाओं को शिक्षा और प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ना बेहद आवश्यक है। सिलाई एक ऐसा हुनर है, जिसे सीखकर महिलाएं अपनी रुचि और सुविधानुसार काम कर सकती हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं घर पर सिलाई का कार्य शुरू करने, आसपास के लोगों के कपड़े सिलने अथवा सिलाई से जुड़े अन्य रोजगार के अवसर तलाशने की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं। इससे उन्हें आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिल सकता है और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी सहयोग मिल सकता है।
- वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने हुनर पर विश्वास करने और उसका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना भी जरूरी है। जब महिलाओं को सीखने और आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं, तो उनके भीतर आत्मविश्वास विकसित होता है। यही आत्मविश्वास उन्हें अपने जीवन में नए लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की दिशा में प्रेरित करता है।

जानकी देवी फाउंडेशन द्वारा संचालित सिलाई केंद्र महिलाओं को
- इसी दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को सिलाई सीखने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे अपने खाली समय का सदुपयोग करते हुए एक उपयोगी कौशल हासिल कर सकें। सिलाई का प्रशिक्षण महिलाओं को व्यक्तिगत हुनर विकसित करने के साथ-साथ भविष्य में स्वरोजगार की संभावनाओं से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करता है। कार्यक्रम में प्रमाण-पत्र वितरण के दौरान प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। संस्था के सदस्यों ने कहा कि महिलाओं की मेहनत और लगन ही किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता का आधार होती है। तीन माह तक नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करना महिलाओं के समर्पण को दर्शाता है। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद अब महिलाएं अपने सीखे हुए हुनर का अभ्यास जारी रखकर उसे और बेहतर बना सकती हैं।
- कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने भी प्रशिक्षण पूरा होने पर खुशी जाहिर की। सिलाई सीखने के दौरान प्राप्त अनुभव उनके लिए उपयोगी रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें सिलाई के विभिन्न पहलुओं को समझने और अभ्यास करने का अवसर मिला। इस प्रकार के कार्यक्रम महिलाओं को अपने कौशल को पहचानने और उसे भविष्य में उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हैं।
- जानकी देवी फाउंडेशन की यह पहल महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई है। संस्था का उद्देश्य महिलाओं को हुनर से जोड़कर उनके भीतर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करना है। सिलाई प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
- शिवनगर स्थित सिलाई केंद्र पर आयोजित प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयास भी महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की संभावनाएं पैदा कर सकते हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं के लिए यह अवसर अपने हुनर को आगे बढ़ाने की नई शुरुआत है। जानकी देवी फाउंडेशन द्वारा महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की यह पहल समाज में महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दे रही है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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